भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में राष्ट्रीय चयन समिति की कमान को लेकर गहरा मंथन शुरू हो गया है। मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का तीन साल का निर्धारित कार्यकाल आगामी सितंबर महीने में पूरा होने जा रहा है। इस समय बोर्ड के भीतर दो मुख्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पहला विकल्प यह है कि अगरकर को साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक एक वर्ष का कार्यकाल विस्तार दे दिया जाए, और दूसरा विकल्प यह है कि चयन समिति की बागडोर किसी नए दिग्गज खिलाड़ी के हाथों में सौंपी जाए। इन तमाम अटकलों के बीच भारतीय क्रिकेट प्रशासन में नए प्रशासनिक और चयन समीकरण आकार ले रहे हैं।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद होगी समीक्षा बैठक
बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारी भारत और श्रीलंका के बीच जारी टेस्ट सीरीज के समापन के तुरंत बाद अजीत अगरकर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस मुलाकात के दौरान अगरकर के तीन साल के रिपोर्ट कार्ड, उनके कार्यकाल के दौरान टीम के प्रदर्शन तथा भविष्य की योजनाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी। अगरकर ने सितंबर 2023 में भारतीय चयन समिति के चेयरमैन के रूप में पदभार संभाला था। नियमों के अनुसार, तीन साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद चयन समिति का प्रमुख एक अतिरिक्त वर्ष के विस्तार के लिए पूरी तरह पात्र होता है। इसी कारण बोर्ड अधिकारियों का मानना है कि जब तक श्रीलंका सीरीज के बाद औपचारिक वार्ता नहीं हो जाती, तब तक किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी सौंपने का अंतिम फैसला तय नहीं माना जा सकता।
चीफ सेलेक्टर की दौड़ में जहीर खान की दावेदारी
यदि श्रीलंका सीरीज के बाद होने वाली बैठक में अजीत अगरकर के कार्यकाल को आगे न बढ़ाने पर सहमति बनती है, तो पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान को इस पद के लिए सबसे मजबूत विकल्प माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा अनुभव रखने वाले जहीर खान को भारतीय ड्रेसिंग रूम की कार्यशैली, आधुनिक क्रिकेट की बारीकियों और युवा प्रतिभाओं की पहचान का गहरा व्यावहारिक ज्ञान है। जहीर खान का नाम चयन समिति के प्रमुख के रूप में उभरा है, जिसे बोर्ड के उच्च अधिकारियों का समर्थन भी प्राप्त हो रहा है। यदि अगरकर पद छोड़ते हैं और संगठन के अन्य पदों पर फेरबदल होता है, तो जहीर खान को चयन समिति की कमान सौंपने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
वीवीएस लक्ष्मण और डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की नई भूमिका
चयन समिति के पुनर्गठन की इस प्रक्रिया में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। शुरुआती चर्चाओं के दौरान बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों ने लक्ष्मण को चीफ सेलेक्टर का पद देने का सुझाव दिया था। हालांकि, चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी के साथ जुड़ी निरंतर हवाई यात्राओं और व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए लक्ष्मण ने इस पद में व्यक्तिगत रूप से बहुत रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद बोर्ड अब लक्ष्मण को एक अलग और व्यापक जिम्मेदारी सौंपने की योजना बना रहा है। उन्हें डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का नया पद देने पर विचार किया जा रहा है। यदि लक्ष्मण को यह नई प्रशासनिक जिम्मेदारी मिलती है, तो चयन समिति के पुनर्गठन की स्थिति में जहीर खान के लिए चीफ सेलेक्टर बनने की संभावना और भी अधिक मजबूत हो जाएगी।
रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अलग अलग दृष्टिकोण
अजीत अगरकर के भविष्य पर जारी चर्चा के साथ ही भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा के करियर को लेकर भी बोर्ड और चयनकर्ताओं के बीच अहम विचार-विमर्श चल रहा है। चयन समिति और बीसीसीआई के बीच रोहित के भविष्य को लेकर दो अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं। चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज के बाद कथित तौर पर रोहित शर्मा को टीम में उनकी भावी स्थिति को लेकर कुछ शुरुआती संकेत दिए थे। इसके विपरीत, बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया था कि रोहित शर्मा तब तक राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते रहेंगे, जब तक वह टीम की रणनीतिक योजनाओं और प्राथमिकताओं का मुख्य हिस्सा बने रहते हैं।
2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीरीज दर सीरीज मूल्यांकन
बीसीसीआई प्रबंधन चाहता है कि साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए कप्तान रोहित शर्मा के करियर और टीम में उनकी उपयोगिता का आकलन किसी एक सीरीज के आधार पर न किया जाए। इसके बजाय, बोर्ड उनकी मौजूदा फॉर्म, शारीरिक फिटनेस और मैदान पर प्रभाव का सीरीज दर सीरीज निरंतर मूल्यांकन करने की नीति पर काम करना चाहता है। इसका तात्पर्य यह है कि जल्दबाजी में कोई कठोर फैसला लेने के बजाय हर आगामी श्रृंखला के बाद उनकी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। हालांकि चयनकर्ताओं और बोर्ड अधिकारियों के बीच इन रणनीतिक मुद्दों को लेकर अलग-अलग राय होने की बात सामने आई है, लेकिन इस पूरे विषय पर अभी तक बीसीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।



















