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मोहम्मद यूसुफ और जोश बटलर समेत 5 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी जिन्होंने खेल के दौरान बदला अपना नामक्रिकेट
16 अग॰ 2026, 8:28 pm (1 घंटे पहले)· 3

मोहम्मद यूसुफ और जोश बटलर समेत 5 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी जिन्होंने खेल के दौरान बदला अपना नाम

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने धार्मिक आस्था, पारिवारिक वजहों या राष्ट्रीय पहचान के कारण अपना नाम बदला, जिसमें मोहम्मद यूसुफ और तिलकरत्ने दिलशान जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन, शतकों, विकेटों और नाम के आधार पर याद रखा जाता है। हालांकि, खेल के समृद्ध इतिहास में कई ऐसे नामचीन सितारे रहे हैं, जिन्होंने अपने करियर के दौरान दुनिया के सामने अपनी एक नई पहचान प्रस्तुत की। कुछ एथलीटों ने अपने व्यक्तिगत और आध्यात्मिक विश्वासों के कारण धर्म परिवर्तन कर नया नाम चुना, तो कुछ ने पारिवारिक पृष्ठभूमि, नाम को लेकर बने रहने वाले भ्रम अथवा देशप्रेमी सोच की वजह से ऐसा निर्णय लिया। आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के उन 5 प्रमुख दिग्गजों के बारे में, जिनकी नाम बदलने की यात्रा बेहद चर्चित और रोचक रही है।

मोहम्मद यूसुफ: यूसुफ योहाना से रिकॉर्ड तोड़ बल्लेबाज बनने का सफर

पाकिस्तान के महान बल्लेबाजों में गिने जाने वाले मोहम्मद यूसुफ की नाम बदलने की कहानी खेल जगत की सबसे प्रमुख घटनाओं में से एक है। लाहौर शहर में जन्मे इस खिलाड़ी का प्रारंभिक नाम यूसुफ योहाना था। वे पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले चौथे ईसाई खिलाड़ी थे। वर्ष 2005 में अपने साथी क्रिकेटर सईद अनवर के मार्गदर्शन और प्रभाव में आकर उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार किया तथा अपना नया नाम मोहम्मद यूसुफ रखा।

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नाम और धार्मिक पहचान में हुए इस बदलाव के बाद उनके खेल प्रदर्शन में भी असाधारण निखार देखने को मिला। वर्ष 2006 उनके करियर का सबसे यादगार साल साबित हुआ, जब उन्होंने एक ही कैलेंडर वर्ष में 1788 टेस्ट रन बनाकर नया विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया। यह एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड है जिसे आज तक कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है। उसी साल उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में रिकॉर्ड 9 शतक लगाने और सबसे ज्यादा 150 से अधिक रन के व्यक्तिगत स्कोर बनाने की अनूठी उपलब्धि भी अपने नाम की थी। अपने शानदार करियर में 90 टेस्ट मैचों में 7,530 रन और 288 एकदिवसीय (ODIs) मुकाबलों में 9,720 रन बनाने वाले यूसुफ पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

तिलकरत्ने दिलशान: तुवान मोहम्मद से दिलस्कूप के जनक तक

श्रीलंकाई क्रिकेट के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज और प्रसिद्ध 'दिलस्कूप' शॉट का आविष्कार करने वाले तिलकरत्ने दिलशान की शुरुआती जीवन यात्रा भी काफी अलग रही थी। उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था और बचपन में उनका नाम तुवान मोहम्मद दिलशान रखा गया था। उनके पिता मुस्लिम थे, जबकि उनकी माता बौद्ध धर्म की अनुयायी थीं। जब उनके माता-पिता एक-दूसरे से अलग हो गए, तो दिलशान ने अपनी मां के बौद्ध धर्म को अपनाने का फैसला किया।

धर्म परिवर्तन के साथ ही उन्होंने अपना नाम आधिकारिक रूप से बदलकर 'तिलकरत्ने मुदियानसेलागे दिलशान' कर लिया। इस बदलाव के बाद वे श्रीलंकाई टीम के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित हुए। लगभग 17 वर्षों तक चले अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान दिलशान ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में 10,290 एकदिवसीय रन बनाए और साथ ही 106 महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाए। इसके अतिरिक्त, टेस्ट क्रिकेट के प्रारूप में भी उन्होंने 5,492 रन का योगदान दिया।

जोश बटलर: कागजी भ्रम दूर करने के लिए जोड़ा 'h'

इंग्लैंड को अपनी कप्तानी और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर वनडे विश्व कप का खिताब जिताने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज जोश बटलर ने नाम में बदलाव की एक अनोखी मिसाल पेश की। वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट फैंस और मीडिया उन्हें 'जोस' (Jos) नाम से ही संबोधित करते थे। हालांकि, उनके पारिवारिक माहौल, मां तथा कई सरकारी और आधिकारिक दस्तावेजों में हमेशा 'जोश' (Josh) नाम का ही उपयोग किया जाता रहा था।

इस नाम को लेकर प्रशंसकों और दस्तावेजों के बीच बने भ्रम को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने एक मजेदार और हल्का-फुल्का सोशल मीडिया वीडियो साझा किया। इस वीडियो के जरिए उन्होंने आधिकारिक रूप से अपने नाम की स्पेलिंग में 'h' जोड़ने का ऐलान किया। इस घोषणा के पश्चात से ही वे आधिकारिक तौर पर 'जोश बटलर' के नाम से जाने जाने लगे।

सूरज रणदीव: मुस्लिम परिवार में जन्म और सहवाग से जुड़ा विवाद

वर्ष 2011 के वनडे विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेलने वाली श्रीलंकाई टीम के सदस्य और ऑफ-स्पिनर सूरज रणदीव ने भी अपने करियर के दौरान नाम परिवर्तन का रास्ता चुना था। उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था और उनका प्रारंभिक नाम मोहम्मद मार्शुक मोहम्मद सूरज था। बाद में उन्होंने अपनी नई पहचान के रूप में सूरज रणदीव नाम अपनाया।

रणदीव का नाम वर्ष 2010 की एक वनडे त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आया था। उस मुकाबले में भारतीय दिग्गज बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग शतक के बेहद करीब थे, लेकिन रणदीव द्वारा फेंकी गई एक विवादित 'नो-बॉल' की वजह से सहवाग अपने शतक से वंचित रह गए थे। श्रीलंकाई टीम के लिए खेलते हुए सूरज रणदीव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 12 टेस्ट मैच और 31 एकदिवसीय मुकाबले खेले।

असगर अफगान: राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए बदला सरनेम

अफगानिस्तान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दिलाने वाले पूर्व कप्तान असगर के नाम बदलने का कारण पूरी तरह से देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से प्रेरित था। वर्ष 2018 में उन्होंने अपने देश अफगानिस्तान के प्रति गहरा सम्मान प्रकट करने के लिए अपना पुराना सरनेम 'स्टेनिकजई' हटा दिया और आधिकारिक तौर पर 'अफगान' सरनेम अपना लिया।

उनका मानना था कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में उनकी प्राथमिक पहचान उनके राष्ट्र के नाम से जुड़ी होनी चाहिए। असगर अफगान की कप्तानी में ही अफगानिस्तान की टीम ने अपने टेस्ट क्रिकेट इतिहास का पहला ऐतिहासिक मुकाबला खेला था। वर्ष 2021 तक अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वाले इस खिलाड़ी ने अफगानिस्तान के लिए 114 एकदिवसीय मैच और 75 टी20 (T20s) मुकाबले खेले।

सवाल-जवाब

मोहम्मद यूसुफ का शुरुआती नाम क्या था?
मोहम्मद यूसुफ का शुरुआती नाम यूसुफ योहाना था। उन्होंने 2005 में इस्लाम धर्म अपनाने के बाद अपना नाम बदला।
तिलकरत्ने दिलशान ने अपना नाम क्यों बदला?
माता-पिता के अलग होने के बाद उन्होंने अपनी मां के बौद्ध धर्म को अपनाया और तुवान मोहम्मद दिलशान से अपना नाम बदलकर तिलकरत्ने मुदियानसेलागे दिलशान रख लिया।
जोश बटलर ने अपने नाम में 'h' क्यों जोड़ा?
परिवार, मां और आधिकारिक दस्तावेजों में 'Josh' नाम के इस्तेमाल से पैदा हुए भ्रम को खत्म करने के लिए उन्होंने आधिकारिक रूप से अपने नाम में 'h' जोड़कर जोश बटलर नाम अपनाया।
असगर स्टेनिकजई ने अपने सरनेम में 'अफगान' क्यों जोड़ा?
2018 में उन्होंने अपने देश और राष्ट्रीय पहचान के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए अपना सरनेम स्टेनिकजई हटाकर अफगान कर लिया था।
सूरज रणदीव का शुरुआती नाम क्या था?
उनका शुरुआती नाम मोहम्मद मार्शुक मोहम्मद सूरज था, जिसे बाद में उन्होंने बदलकर सूरज रणदीव कर लिया था।
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