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नाबाद 223 रनों की जादुई पारी के बाद बोले कप्तान शुभमन गिल, इस रणनीति से मुमकिन हुआ 400 रनों का ऐतिहासिक चेजक्रिकेट
1 अक्तू॰ 2026, 6:33 am (26 दिन पहले)· 0

नाबाद 223 रनों की जादुई पारी के बाद बोले कप्तान शुभमन गिल, इस रणनीति से मुमकिन हुआ 400 रनों का ऐतिहासिक चेज

वेस्टइंडीज के विरुद्ध दूसरे वनडे में नाबाद 223 रनों की पारी खेलकर भारत को यादगार जीत दिलाने वाले कप्तान शुभमन गिल ने 400 रनों के चेज, शारीरिक चुनौतियों और टीम की रणनीति पर विस्तार से बात की।

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने 400 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। इस अविश्वसनीय रन चेज के मुख्य शिल्पकार रहे भारतीय कप्तान शुभमन गिल, जिन्होंने नाबाद 223 रनों की तूफानी पारी खेलकर मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। गिल के इस असाधारण व्यक्तिगत प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने न केवल मुकाबला अपने नाम किया, बल्कि सीरीज में भी अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए भारतीय कप्तान को प्लेयर ऑफ द मैच के सम्मान से नवाजा गया। मैच खत्म होने के बाद गिल ने अपनी बल्लेबाजी योजना, मैराथन पारी के दौरान शरीर पर पड़े असर और आगामी मुकाबले के लिए टीम के दृष्टिकोण पर खुलकर चर्चा की।

भीषण गर्मी और शारीरिक थकान के बीच खेली गई मैराथन पारी

मैच के बाद जब शुभमन गिल से उनकी शारीरिक स्थिति और क्रीज पर उनके शांत रवैये को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मैदान पर झेली गई मुश्किलों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भले ही टीवी स्क्रीन पर वह पूरी तरह सहज दिखाई दे रहे थे, लेकिन असलियत में वह गंभीर शारीरिक ऐंठन से जूझ रहे थे। दोपहर के समय मैदान पर कड़ाके की धूप और भीषण उमस थी, जिसकी वजह से लगातार 50 ओवर तक फील्डिंग करने और उसके बाद दोबारा लंबी बल्लेबाजी करने में खिलाड़ियों की ऊर्जा तेजी से खत्म हो रही थी।

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गिल ने बताया कि कैरेबियाई टीम की आक्रामक शुरुआत ने भारतीय क्षेत्ररक्षकों को शुरुआत में ही थका दिया था। उन्होंने कहा,

ईमानदारी से कहूं तो इस समय मेरे शरीर का हर अंग ऐंठन से जूझ रहा है।
गिल के अनुसार, जब वेस्टइंडीज की पारी के महज 13 ओवर हुए थे, तभी ऐसा लग रहा था मानो भारतीय खिलाड़ी मैदान पर 20 से 25 ओवरों की फील्डिंग पूरी कर चुके हों। विपक्षी बल्लेबाजों द्वारा खेली गई ताबड़तोड़ पारियों ने टीम को मानसिक और शारीरिक रूप से भारी दबाव में डाल दिया था, लेकिन इसके बावजूद पूरी टीम ने संयम बनाए रखा और इस कड़े मुकाबले को यादगार बना दिया।

400 रनों के लक्ष्य का दबाव और करियर का दूसरा दोहरा शतक

अपने एकदिवसीय करियर का दूसरा दोहरा शतक लगाने के बाद शुभमन गिल ने माना कि जब पहली पारी समाप्त हुई और स्कोरबोर्ड पर 400 रनों का विशाल स्कोर दिखा, तो ड्रेसिंग रूम में निश्चित तौर पर दबाव था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचें और छोटी बाउंड्रीज होने के बावजूद 400 रन का पीछा करना कभी भी सामान्य या आसान नहीं होता। ऐसे पहाड़ जैसे स्कोर के सामने किसी भी टीम के लिए रन गति और विकेटों के संतुलन को संभालना सबसे कठिन चुनौती होती है।

भारतीय कप्तान ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी यह थी कि वह केवल निजी आंकड़े बनाने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि टीम को जीत की रेखा के पार ले जाने तक क्रीज पर नाबाद डटे रहे। लक्ष्य का पीछा करते हुए अंत तक टिके रहकर मैच समाप्त करना किसी भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है, और उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया।

टुकड़ों में लक्ष्य बांटकर बनाई गई रन चेज की मजबूत रणनीति

इस ऐतिहासिक रन चेज को अंजाम देने की योजना पर से पर्दा उठाते हुए गिल ने बताया कि उन्होंने पूरे 400 रनों के लक्ष्य को एक साथ देखने के बजाय खेल को छोटे-छोटे चरणों में विभाजित किया था। भारत की पहली रणनीति शुरुआती 10 ओवरों के पावरप्ले को बिना कोई विकेट गंवाए भुनाने की थी। टीम का प्राथमिक लक्ष्य यह था कि पहले पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 75 से 80 रन जोड़ लिए जाएं ताकि आने वाले बल्लेबाजों पर रन गति का दबाव न पड़े।

गिल और टीम प्रबंधन को अच्छी तरह पता था कि नई गेंद से शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों को कुछ मदद मिल सकती है, मगर जैसे-जैसे गेंद पुरानी होगी, विकेट बल्लेबाजी के लिए बेहद आसान होता चला जाएगा। इसके अलावा मैदान के ज्यामितीय आकार का भी चतुराई से फायदा उठाया गया। मैदान का एक तरफ का छोर काफी छोटा था, इसलिए भारतीय बल्लेबाजों ने विरोधी तेज गेंदबाजों के खिलाफ उस छोटी बाउंड्री को निशाना बनाने की स्पष्ट योजना तैयार की थी।

पारी के 29वें ओवर में मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मुड़ गया जब गिल और विराट ने मिलकर कैरेबियाई तेज गेंदबाज जयडेन सील्स के एक ही ओवर में 25 रन कूट डाले। इस आक्रामक प्रहार ने गेंदबाजी आक्रमण की कमर तोड़ दी। गिल ने बताया कि उनकी योजना 25 ओवरों के आसपास 200 से 210 रन तक पहुंचने की थी, लेकिन भारतीय टीम 230 से 240 रन के स्कोर तक पहुंच चुकी थी। आधी पारी बीतने तक एक भी विकेट न गिरना मुकाबले का सबसे निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जिससे दबाव पूरी तरह वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर चला गया।

गेंदबाजों की वापसी और अंतिम ओवरों में रनों की अहम बचत

मैच में भारतीय गेंदबाजी के प्रदर्शन का निष्पक्ष विश्लेषण करते हुए कप्तान गिल ने स्वीकार किया कि शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। पहले वनडे मैच की तरह इस मुकाबले में भी कैरेबियाई बल्लेबाजों ने शुरुआती पावरप्ले के दौरान भारतीय गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार किया और खुलकर रन बनाए। एक वक्त ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज की टीम 420 या 430 के स्कोर को भी आसानी से पार कर जाएगी।

हालांकि, डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन दिखाते हुए मुकाबले में जबर्दस्त वापसी की। अंतिम ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी के जरिए भारतीय गेंदबाजों ने कम से कम 25 से 30 रन बचाए, जो अंततः जीत का सबसे बड़ा अंतर साबित हुए। यदि विरोधी टीम 425 से अधिक का स्कोर खड़ा कर देती, तो यह रन चेज मानसिक रूप से और भी अधिक जटिल हो सकता था।

अंतिम मुकाबले में बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने का संकेत

श्रृंखला अपने नाम करने के बाद अब भारतीय टीम की नजरें अंतिम एकदिवसीय मैच पर हैं। जब गिल से पूछा गया कि क्या सीरीज सुरक्षित हो जाने के बाद प्लेइंग इलेवन में बदलाव किए जाएंगे, तो उन्होंने इसके साफ संकेत दिए। भारतीय कप्तान ने कहा कि वह उन खिलाड़ियों को मौका देने के पूरी तरह पक्ष में हैं जो अब तक डगआउट में बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। टीम प्रबंधन पिच और परिस्थितियों के अनुसार सर्वश्रेष्ठ संयोजन पर विचार करेगा और बेंच पर मौजूद खिलाड़ियों को मैदान में अपना हुनर दिखाने का अवसर प्रदान करेगा।

सवाल-जवाब

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में शुभमन गिल ने कितने रन बनाए?
शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 223 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली और टीम को जीत दिलाई।
भारतीय टीम को मुकाबला जीतने के लिए कितने रनों का लक्ष्य मिला था?
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 400 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था।
मैच के बाद गिल ने अपनी शारीरिक स्थिति को लेकर क्या कहा?
गिल ने बताया कि दोपहर की भीषण गर्मी और लंबी फील्डिंग के बाद उनका पूरा शरीर ऐंठन से जूझ रहा था।
रन चेज के 29वें ओवर में क्या खास घटना घटी?
29वें ओवर में गिल और विराट ने कैरेबियाई गेंदबाज जयडेन सील्स के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 25 रन बटोरे।
भारतीय टीम ने 25 ओवरों तक क्या स्कोर बना लिया था?
भारतीय टीम 25 ओवरों के आसपास 230 से 240 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंच चुकी थी और उसका कोई विकेट नहीं गिरा था।
क्या सीरीज के अंतिम वनडे मुकाबले में भारतीय टीम में बदलाव देखने को मिलेंगे?
हां, कप्तान शुभमन गिल ने पुष्टि की है कि सीरीज जीतने के बाद अब बेंच पर मौजूद अन्य खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा।
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