ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट जगत को शर्मसार करने वाले एक गंभीर आपराधिक मामले में पूर्व होबार्ट हरिकेन्स और कराची किंग्स के तेज गेंदबाज आरोन समर्स को अदालत ने 10 महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला तस्मानिया की सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाया गया, जहां सुनवाई के दौरान जस्टिस हेलेन वुड ने इस बात पर कड़ा रुख अपनाया कि समर्स ने एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में मिली अपनी सामाजिक स्थिति और पहुंच का अनुचित इस्तेमाल नाबालिगों तक पहुंचने के लिए किया। अदालत के अनुसार 21 साल की उम्र में इस क्रिकेटर ने एक 15 वर्षीय किशोरी को अपनी ओर आकर्षित किया और फिर उसका यौन शोषण किया।
मैच के दौरान संपर्क से लेकर स्कूल तक ले जाने का पूरा घटनाक्रम
अदालत में पेश की गई जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले की शुरुआत दिसंबर 2017 में हुई थी। उस समय आरोन समर्स ऑस्ट्रेलियाई टी20 प्रतियोगिता बिग बैश लीग यानी BBL में होबार्ट हरिकेन्स फ्रेंचाइजी का हिस्सा थे। होबार्ट में आयोजित एक मैच के दौरान समर्स की मुलाकात एक किशोरी और उसकी सहेलियों से हुई थी। इसके बाद 15 जनवरी 2018 को खेले गए एक अन्य मुकाबले के समय मैदान की सीमा रेखा यानी बाउंड्री के पास समर्स की उस लड़की से दोबारा बातचीत हुई।
बाउंड्री के पास हुई इस मुलाकात के तुरंत बाद दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर एक-दूसरे से संपर्क स्थापित किया। संपर्क बनने के अगले ही दिन यानी 16 जनवरी 2018 को समर्स ने किशोरी से मुलाकात की योजना बनाई। वह देर रात अपनी कार से उस 15 साल की लड़की को एक स्थानीय स्कूल परिसर तक ले गए। घटना के समय समर्स 21 वर्ष के थे, जबकि वह लड़की 9वीं या 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक बेहद कम उम्र और अनुभवहीन छात्रा थी। अदालत ने माना कि पीड़ित किशोरी इतनी मासूम थी कि वह खिलाड़ी के वास्तविक इरादों और उसकी रुचि को सही ढंग से समझने में पूरी तरह असमर्थ थी।
आपत्तिजनक फोटो भेजने से लेकर अदालत में अपराध स्वीकार करने तक
सजा सुनाते हुए जस्टिस हेलेन वुड ने स्पष्ट किया कि घटना के घटित होने के बाद भी समर्स ने उस नाबालिग लड़की का पीछा नहीं छोड़ा। उसने सोशल मीडिया के जरिए लड़की से संपर्क बनाए रखा और उसे कई आपत्तिजनक तथा अनुचित तस्वीरें भी भेजीं। दोनों के बीच इस प्रकार की बातचीत की अंतिम कड़ी 2021 की शुरुआत में सामने आई थी।
कानूनी कार्यवाही के दौरान आरोन समर्स ने अदालत के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने नाबालिग के साथ यौन शोषण के दो अलग-अलग मामलों और किसी कम उम्र व्यक्ति को आपत्तिजनक सामग्री दिखाने के मकसद से ग्रूमिंग यानी मानसिक रूप से तैयार करने के एक मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। अदालत ने इस बात को बेहद गंभीर माना कि एक नामचीन एथलीट ने खेल के मैदान से मिले भरोसे का दुरुपयोग करके एक प्रशंसक का शिकार किया।
नॉर्दर्न टेरिटरी में तीन साल से अधिक की सजा और प्रत्यर्पण
यह पहला अवसर नहीं है जब आरोन समर्स को बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामले में जेल जाना पड़ा हो। इससे पूर्व नॉर्दर्न टेरिटरी में भी उन पर इसी प्रकार के बेहद गंभीर आरोप साबित हो चुके हैं। वर्ष 2021 में समर्स ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री रखने, उसे दूसरों तक पहुंचाने और 16 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग को यौन गतिविधियों के लिए फुसलाने की कोशिश करने के अपराध स्वीकार किए थे।
नॉर्दर्न टेरिटरी के मामलों में समर्स को करीब 3 वर्ष और 11 महीने की जेल काटनी पड़ी थी। वहां अपनी सजा पूरी करने के बाद उन्हें तस्मानिया प्रत्यर्पित किया गया, जहां 2017 और 2018 के इस मामले में कानूनी प्रक्रिया चलाई गई। BBL के अलावा पाकिस्तान की टी20 लीग PSL में कराची किंग्स की ओर से खेल चुके इस तेज गेंदबाज की करतूतों ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सुरक्षा ढांचे और खिलाड़ियों के आचरण पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



















