हरियाणा के हांसी शहर में समाधा मंदिर जाने वाले भक्तों के लिए जल्द ही सफर पहले से कहीं ज्यादा सुहाना हो सकता है। शहर की नगर परिषद ने मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क को पूरी तरह संवारने की योजना तैयार की है और इसका खाका मंजूरी के लिए भेज भी दिया गया है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो आने वाले दिनों में यह सड़क हांसी की पहचान बनकर उभर सकती है।
सिसाय पुल तक बिछेगी नई चमक
नगर परिषद की योजना के मुताबिक समाधा मंदिर से लेकर सिसाय पुल तक का पूरा हिस्सा स्मार्ट रोड के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि सिर्फ सड़क की मरम्मत नहीं, बल्कि पूरे इलाके का कायाकल्प होगा। परिषद अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ मंदिर आने वाले भक्तों के लिए बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
टाइल्स, लाइटिंग और हरियाली बदलेगी नजारा
प्रस्तावित योजना में सड़क पर रंग-बिरंगी टाइलें बिछाई जाएंगी, जिससे रास्ता देखने में आकर्षक लगे। इसके साथ ही जगह-जगह सजावटी लाइटें लगाई जाएंगी, ताकि शाम और रात में भी यह मार्ग रोशन दिखे। सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी और राहगीरों तथा श्रद्धालुओं के आराम के लिए कई जगह बेंच भी लगाई जाएंगी, जिससे लोग थकान मिटाने के लिए कुछ देर बैठ सकें।
सात पॉइंट बनेंगे सेल्फी के लिए खास ठिकाने
इस पूरी परियोजना की सबसे दिलचस्प बात यह है कि सड़क के अलग-अलग हिस्सों में करीब सात जगहों को सेल्फी पॉइंट के तौर पर विकसित किया जाएगा। परिषद अधिकारियों को उम्मीद है कि इन पॉइंट्स की वजह से यह मार्ग सिर्फ आने-जाने का जरिया नहीं रहेगा, बल्कि लोग यहां रुककर तस्वीरें भी खिंचवाएंगे। इससे इलाके को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल मंजूरी के चरण में अटका है काम
नगर परिषद ने इस प्रोजेक्ट की ड्राइंग और लागत का पूरा एस्टीमेट तैयार कर लगभग एक हफ्ते पहले मुख्यालय भेज दिया है। अब सबकी नजरें वहां से मिलने वाली मंजूरी पर टिकी हैं। एक बार स्वीकृति मिल जाने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और उसके बाद ही जमीन पर निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। यानी अभी यह प्रोजेक्ट सिर्फ कागजों पर है, हकीकत में बदलने में कुछ और वक्त लग सकता है।
मंगलवार-शनिवार को भरता है मेला जैसा माहौल
समाधा मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। सिर्फ हांसी या हरियाणा से ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। पंचम मेले के दिनों में तो यह संख्या और भी कई गुना बढ़ जाती है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए ही नगर परिषद लंबे समय से इस मार्ग को व्यवस्थित करने पर विचार कर रही थी।
बैठने और टहलने के लिए बनेंगी छोटी हरी-भरी जगहें
योजना के तहत सड़क के दोनों तरफ जितनी जगह उपलब्ध होगी, वहां ग्रीन बेल्ट तैयार की जाएगी। इसके अलावा सड़क किनारे छोटे-छोटे पार्क बनाने का भी प्रस्ताव है, जहां लोग बैठकर सुकून के कुछ पल बिता सकें। परिषद का मकसद है कि यह सिर्फ मंदिर जाने का रास्ता न रहे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी घूमने-फिरने और बैठने की एक अच्छी जगह बन जाए।
सिसाय पुल के पास बनेगा शानदार प्रवेश द्वार
स्मार्ट रोड की शुरुआत को भी खास लुक देने की तैयारी है। सिसाय पुल के करीब, पुलिस चौकी से सटी जगह पर एक शानदार प्रवेश द्वार खड़ा किया जाएगा। इसके लिए अलग से लागत का हिसाब तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह द्वार बनते ही यहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति को समाधा मंदिर के रास्ते की अलग पहचान महसूस होगी। बहरहाल, यह हिस्सा भी अभी मंजूरी की प्रतीक्षा में ही है और मुख्यालय की स्वीकृति के बाद ही आगे का काम शुरू हो सकेगा।
कभी खेतों और बागों से घिरा था यह धाम
समाधा मंदिर हांसी के सबसे पुराने धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। पुराने लोग बताते हैं कि एक दौर में मंदिर के चारों तरफ सिर्फ खेत और बगीचे ही हुआ करते थे। लेकिन जैसे-जैसे हांसी शहर का दायरा बढ़ता गया, मंदिर के आसपास का यह इलाका भी घनी आबादी वाले हिस्से में तब्दील हो गया। यही वजह है कि अब यहां आने-जाने वाला रास्ता भी व्यवस्थित करने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
बाबा जगन्नाथ पुरी की स्मृतियों से जुड़ी है आस्था
समाधा मंदिर की मान्यता बाबा जगन्नाथ पुरी से भी गहरे तौर पर जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि बाबा जगन्नाथ पुरी ने अपने अनुयायियों को प्रेम, आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया था। वक्त गुजरने के साथ उनकी यादों से बंधा यह स्थान लोगों की श्रद्धा का बड़ा केंद्र बन गया। यही कारण है कि पंचम मेले के मौके पर भी बड़ी तादाद में भक्त बाबा जगन्नाथ पुरी की स्मृति से जुड़े इस मंदिर में पहुंचते हैं।




















