पारंपरिक तौर पर टेस्ट क्रिकेट को पांच दिनों और 450 ओवरों तक चलने वाला धैर्य का खेल माना जाता है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ मुकाबले ऐसे भी रहे हैं जो इतने अप्रत्याशित रूप से तेजी से खत्म हो गए कि वे 50 ओवर के सामान्य एकदिवसीय (वनडे) मैच से भी कम ओवरों में निपट गए. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच मकाय में खेले गए टेस्ट मैच ने इस सूची को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. डार्विन में पहला मैच हारने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मकाय में जोरदार वापसी करते हुए बांग्लादेश को सिर्फ दो दिनों में हरा दिया और दो मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली. इस मुकाबले के बाद आइए जानते हैं टेस्ट इतिहास के उन पांच सबसे छोटे मैचों के बारे में, जिनका परिणाम निकला है.
4. ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश, मकाय (2026)
मकाय के मैदान पर 22 अगस्त 2026 से शुरू हुआ ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच का दूसरा टेस्ट मुकाबला इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. यह मैच टेस्ट इतिहास का चौथा सबसे छोटा परिणामदायक मुकाबला बन गया. ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ दो दिनों के खेल में बांग्लादेश को एक पारी और 51 रनों के बड़े अंतर से मात दी. पूरा मुकाबला मात्र 126 ओवरों में सिमट गया. मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम 34 ओवरों में सिर्फ 64 रनों पर ढेर हो गई. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 52.3 ओवर खेलते हुए 210 रन बनाए और मजबूत बढ़त हासिल की. दूसरी पारी में भी बांग्लादेशी बल्लेबाज फ्लॉप रहे और पूरी टीम 38.3 ओवरों में 95 रन बनाकर ऑलआउट हो गई.
5. इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया, ओल्ड ट्रैफर्ड (1888)
इस सूची में पांचवें स्थान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1888 में मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला गया ऐतिहासिक मुकाबला है. यह मैच दोनों टीमों को मिलाकर कुल 196 ओवरों में ही समाप्त हो गया था. उस दौर की एक दिलचस्प बात यह थी कि तब एक ओवर में छह की जगह केवल चार गेंदे फेंकी जाती थीं. इंग्लैंड ने इस मैच में पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 113.1 ओवर खेलकर 172 रन बनाए थे. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 52.2 ओवरों में केवल 81 रनों पर सिमट गई और दूसरी पारी में टीम 31.1 ओवरों में मात्र 70 रन ही बना सकी. इंग्लैंड ने इस कम स्कोर वाले मैच को 21 रनों से अपने नाम कर लिया था.
3. वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड, ब्रिजटाउन (1935)
टेस्ट इतिहास का तीसरा सबसे छोटा मुकाबला 1935 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच बारबाडोस के ब्रिजटाउन में खेला गया था. यह मैच बारिश और खराब पिच से बुरी तरह प्रभावित रहा था, लेकिन इसके बावजूद दोनों कप्तानों की रणनीतिक घोषणाओं की वजह से सिर्फ 112 ओवरों में इसका नतीजा निकल आया. वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 47 ओवर खेलकर 102 रन बनाए थे. इसके बाद इंग्लैंड ने मुश्किल परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए 29.3 ओवरों में 81 रन पर 7 विकेट गंवाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित कर दी. जवाब में वेस्टइंडीज ने भी एक साहसिक फैसला लेते हुए अपनी दूसरी पारी 19 ओवरों में 6 विकेट पर 51 रन बनाकर घोषित कर दी. इंग्लैंड को जीत के लिए 73 रनों की चुनौती मिली, जिसे उसने 16.3 ओवरों में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया.
2. ऑस्ट्रेलिया बनाम साउथ अफ्रीका, मेलबर्न (1932)
सूची में दूसरे पायदान पर 1932 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया टेस्ट मैच है. यह मुकाबला मात्र 109.2 ओवरों में खत्म हो गया था. ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मुश्किल पिच पर 54.5 ओवरों में 153 रन बनाए थे. इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया. साउथ अफ्रीका की पहली पारी 23.2 ओवरों में महज 36 रनों पर सिमट गई. दूसरी पारी में भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और पूरी टीम 31.3 ओवरों में 45 रन बनाकर पवेलियन लौट गई. ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच एक पारी और 72 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया था.
1. भारत बनाम साउथ अफ्रीका, केपटाउन (2024)
अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे छोटा मुकाबला जनवरी 2024 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेला गया था. यह मैच महज 107 ओवरों (642 गेंदों) के खेल में ही खत्म हो गया. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम भारतीय तेज गेंदबाजी के आगे टिक नहीं सकी और 23.2 ओवरों में केवल 55 रनों पर ढेर हो गई. जवाब में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 34.5 ओवरों में 153 रन बनाए, जिसमें उसने बिना कोई रन जोड़े आखिरी छह विकेट गंवा दिए थे. साउथ अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 36.5 ओवरों में 176 रन बनाए, जिससे भारत को जीत के लिए 79 रनों का लक्ष्य मिला. भारतीय टीम ने 12 ओवरों में 3 विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और 7 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की.



















