नाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तपाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तटाटा संस में एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर विवाद, नोएल टाटा ने बोर्ड के फैसले पर उठाई आपत्तिजनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 27 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा सहयोग और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानीबेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर जनता का फैसला, गाजा युद्ध और सेना भर्ती विवाद के बीच नई संसद चुनने निकला इजरायलतारंगा हिल रेल प्रोजेक्ट: राजस्थान और गुजरात को जोड़ेगी नई ब्रॉडगेज लाइन, अरावली में बन रही हैं विशाल सुरंगेंरिपल को मिला ओसीसी का अंतिम अप्रूवल, नेशनल ट्रस्ट बैंक के जरिए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को मिलेगा सीधा फेडरल सपोर्टपर्यावरण के अनुकूल उद्यमों से करें मोटी कमाई, सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर मिल रही बंपर सरकारी छूट
रणजी ट्रॉफी में दिखेंगे ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर, पराशर जोशी संभालेंगे ऑस्ट्रेलिया में जिम्मेदारीक्रिकेट
23 अक्तू॰ 2026, 11:33 pm (4 दिन पहले)· 4

रणजी ट्रॉफी में दिखेंगे ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर, पराशर जोशी संभालेंगे ऑस्ट्रेलिया में जिम्मेदारी

बीसीसीआई और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अंपायर एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत बेन ट्रेलोर रणजी ट्रॉफी में मैच संभालेंगे, जबकि पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया जाकर शेफील्ड शील्ड और वनडे कप में अंपायरिंग करेंगे।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट के संबंध अब केवल मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ियों और रोमांचक मुकाबलों तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड्स ने अंपायरों के कौशल को निखारने और उन्हें वैश्विक मंच का अनुभव देने के लिए एक नई शुरुआत की है। इस साझा पहल के तहत दोनों देशों के मैच अधिकारी एक-दूसरे के घरेलू टूर्नामेंटों में अपनी सेवाएं देते नजर आएंगे। बीसीसीआई और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के इस आदान-प्रदान कार्यक्रम से खेल के इस अहम हिस्से में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तालमेल और सीखने का मौका बढ़ेगा।

रणजी ट्रॉफी के दो मैचों में दिखेंगे बेन ट्रेलोर

इस अनूठी योजना के अंतर्गत ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर को भारत के सबसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों में अंपायरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह इस सीजन में कुल दो मैचों की बागडोर संभालेंगे। अपने इस दौरे की शुरुआत वह 18 से 21 अक्टूबर तक दिल्ली में होने वाले मैच से करेंगे, जहां दिल्ली और आमने-सामने की गुजरात की टीम भिड़ेगी। इसके ठीक बाद, वह 26 से 29 अक्टूबर तक मुंबई में आयोजित होने वाले एक और अहम मुकाबले में नजर आएंगे, जो मुंबई और हरियाणा के बीच खेला जाएगा।

ये भी पढ़ें

समृद्ध अनुभव और पुरस्कारों से जुड़े रहे हैं बेन ट्रेलोर

ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर अपने साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक मजबूत अनुभव लेकर भारत आ रहे हैं। वह अब तक अपने करियर में 30 प्रथम श्रेणी मुकाबलों के अलावा 20 लिस्ट-ए मैचों और लोकप्रिय बिग बैश लीग के 39 मैचों में अंपायर की भूमिका निभा चुके हैं। मैदान के भीतर की इन जिम्मेदारियों के अलावा, उन्होंने दो महिला वनडे इंटरनेशनल और चार महिला T20 इंटरनेशनल मैचों में भी निष्पक्ष फैसलों की कमान संभाली है। मैदान के बाहर भी वह क्रिकेट के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और न्यू साउथ वेल्स में अंपायर एजुकेशन ऑफिसर के तौर पर काम करते हुए नए अधिकारियों को प्रशिक्षित करते हैं। शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट अंपायर्स एंड स्कोरर्स एसोसिएशन की तरफ से चार जॉर्ज बोरविक मेमोरियल अवॉर्ड मिल चुके हैं।

ऑस्ट्रेलियाई धरती पर तीन मुकाबलों में उतरेंगे पराशर जोशी

इस अदला-बदली के समझौते के दूसरे हिस्से में भारतीय अंपायर पराशर जोशी को ऑस्ट्रेलिया जाकर वहां के प्रतिष्ठित घरेलू मुकाबलों में अंपायरिंग करने का बड़ा अवसर मिला है। उनके इस विदेशी अभियान की शुरुआत 11 से 14 नवंबर के बीच ब्रिस्बेन के प्रसिद्ध गाबा मैदान पर होगी, जहां वह क्वींसलैंड और तस्मानिया के बीच होने वाले शेफील्ड शील्ड मैच का संचालन करेंगे। इसके बाद वह 16 नवंबर को इसी ऐतिहासिक मैदान पर दोनों टीमों के बीच खेले जाने वाले वनडे कप मुकाबले में भी मैदान पर मुस्तैद रहेंगे।

घरेलू क्रिकेट में मजबूत पृष्ठभूमि वाले पराशर जोशी

पराशर जोशी का यह ऑस्ट्रेलियाई दौरा उनके तीसरे और अंतिम मैच के साथ 22 से 25 नवंबर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर समाप्त होगा, जहां न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड के बीच शेफील्ड शील्ड का मुकाबला खेला जाएगा। भारत के घरेलू क्रिकेट सर्किट में जोशी का अनुभव काफी व्यापक रहा है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी और दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंटों के 19 प्रथम श्रेणी मैचों में अंपायरिंग की है। इसके अतिरिक्त, विजय हजारे और देवधर ट्रॉफी के 32 लिस्ट-ए मुकाबलों के साथ-साथ आईपीएल और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के 40 टी20 मैचों में भी उनकी नियुक्ति हो चुकी है।

भिन्न परिस्थितियों में काम करने का मिलेगा अमूल्य अवसर

बीसीसीआई और क्रिकेट अंपायरिंग से जुड़े बोर्ड्स की यह साझा कवायद दोनों अधिकारियों के लिए पूरी तरह से अलग और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने का बेहतरीन मौका लेकर आई है। भारतीय पिचों, मौसम और घरेलू क्रिकेट के अनूठे माहौल में काम करने से बेन ट्रेलोर को पेशेवर रूप से नई सीख मिलेगी। वहीं, पराशर जोशी के लिए ऑस्ट्रेलिया के तेज और उछालभरे विकेटों पर मैच संचालित करना उनके करियर के लिहाज से एक नया आयाम जोड़ेगा। इस तरह के कार्यक्रम खेल की तकनीकी गुणवत्ता को मजबूत करने का काम करते हैं।

सवाल-जवाब

बेन ट्रेलोर भारत में किन मैचों में अंपायरिंग करेंगे?
बेन ट्रेलोर रणजी ट्रॉफी के दो मैचों में अंपायरिंग करेंगे, जिसमें दिल्ली बनाम गुजरात और मुंबई बनाम हरियाणा शामिल हैं।
पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया में कौन से मुकाबले संभालेंगे?
पराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया में दो शेफील्ड शील्ड मैच और एक वनडे कप मुकाबले में अंपायरिंग करेंगे।
बेन ट्रेलोर भारत में किस तारीख को पहला मैच संभालेंगे?
बेन ट्रेलोर 18 से 21 अक्टूबर तक दिल्ली और गुजरात के बीच होने वाले मैच में अंपायरिंग करेंगे।
पराशर जोशी का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया में कब होगा?
पराशर जोशी का पहला मैच 11 से 14 नवंबर तक ब्रिस्बेन में क्वींसलैंड और तस्मानिया के बीच होगा।
बेन ट्रेलोर को कौन से प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं?
उन्हें न्यू साउथ वेल्स क्रिकेट अंपायर्स एंड स्कोरर्स एसोसिएशन की ओर से चार जॉर्ज बोरविक मेमोरियल अवॉर्ड मिले हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·3 दिन पहले

मैदान पर खिलाड़ियों की अदला-बदली तो सुनी थी, अब अंपायरों का यह आदान-प्रदान वाकई दिलचस्प है। बेन ट्रेलोर को सीधे रणजी में देखना मज़ेदार होगा।

Divya Reddy@divya-reddy·3 दिन पहले

अंपायरों के लिए ऐसा आदान-प्रदान होना सचमुच बढ़िया है। मुझे याद है जब मैंने पहली बार यूनिवर्सिटी के दिनों में खेल के नियम सीखे थे, तब हर नई सीख कितना फर्क लाती थी।

Nyra Kaif@nyra-kaif·3 दिन पहले

दिव्या, तुम्हारी बात सही है कि नई सीख से बहुत फर्क पड़ता है। पर क्या इन अंपायरों को भी विदेशी पिच और खिलाड़ियों के मिजाज को समझने के लिए कोई खास ट्रेनिंग दी जाती होगी?

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·3 दिन पहले

अंपायर बदलने से क्या वाकई खेल सुधरेगा, मुझे थोड़ा शक है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·3 दिन पहले

कार्लोस, अंपायरों के मानसिक तनाव और ट्रैवलिंग को लेकर क्या कोई अलग से नियम होते हैं?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp