पाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तटाटा संस में एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर विवाद, नोएल टाटा ने बोर्ड के फैसले पर उठाई आपत्तिजनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 27 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा सहयोग और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानीपर्यावरण के अनुकूल उद्यमों से करें मोटी कमाई, सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर मिल रही बंपर सरकारी छूटबेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर जनता का फैसला, गाजा युद्ध और सेना भर्ती विवाद के बीच नई संसद चुनने निकला इजरायलअमृतसर के चीते कलां में आम आदमी पार्टी सरपंच के बेटे की गोली मारकर हत्या, साथी जख्मीरिपल को मिला ओसीसी का अंतिम अप्रूवल, नेशनल ट्रस्ट बैंक के जरिए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को मिलेगा सीधा फेडरल सपोर्टगोंदिया में टिफिन और शरीर पर गांजा छिपाकर तस्करी करने वाले दो तस्कर गिरफ्तार
रांची टी-20 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मयंक यादव की तूफानी गेंदबाजी, गंभीर और गावस्कर ने की जमकर सराहनाक्रिकेट
10 अक्तू॰ 2026, 8:20 pm (17 दिन पहले)· 6

रांची टी-20 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मयंक यादव की तूफानी गेंदबाजी, गंभीर और गावस्कर ने की जमकर सराहना

चोट से उबरकर लौटे तेज गेंदबाज मयंक यादव ने रांची में अपनी रफ्तार से सबको चौंकाया, जिस पर गौतम गंभीर और सुनील गावस्कर की अहम प्रतिक्रिया सामने आई है।

रांची के मैदान पर नौ अक्टूबर की शाम खेले गए टी-20 मुकाबले में भले ही भारतीय टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा हो, लेकिन मुकाबले के दौरान तेज गेंदबाज मयंक यादव की असाधारण गति ने क्रिकेट पंडितों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। चोट के लंबे अंतराल के बाद मैदान पर वापसी कर रहे इस युवा तेज गेंदबाज ने कैरेबियाई बल्लेबाजी क्रम के शीर्ष बल्लेबाजों को अपनी तेज गति से जमकर परेशान किया। अधिकांश समय भारतीय तेज आक्रमण 135 किमी प्रति घंटे के आसपास की गति पर निर्भर रहा है, मगर अब टीम में 150 किमी प्रति घंटे की वास्तविक रफ्तार से गेंद फेंकने वाले आक्रामक गेंदबाज उभर रहे हैं, जिनमें मयंक सबसे आगे नजर आते हैं। इस मुकाबले में भी उन्होंने निरंतर 140 किमी प्रति घंटे से ऊपर की रफ्तार बनाए रखी।

शीर्ष क्रम पर बोला धावा और चटकाए तीन अहम विकेट

इस हाई स्कोरिंग टी-20 मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों के लिए रन रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था, लेकिन मयंक यादव अपनी टीम की ओर से सबसे असरदार साबित हुए। उन्होंने अपने तीन ओवरों के कोटे में 36 रन खर्च किए और वेस्टइंडीज के तीन प्रमुख बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उनकी सटीक लाइन और आक्रामक गति के चलते विपक्षी टीम के शीर्ष क्रम को शुरुआती ओवरों में खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला। अन्य गेंदबाजों के महंगे साबित होने के बावजूद मयंक ने अपनी गति से मैच में भारत को लगातार मुकाबले में बनाए रखने की पूरी कोशिश की।

ये भी पढ़ें

गौतम गंभीर ने गति का पूरा इस्तेमाल करने की दी सलाह

मैच के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मयंक यादव के जुझारू प्रदर्शन की सराहना की। गंभीर का मानना है कि एक गेंदबाज को अपनी स्वाभाविक ताकत के अनुसार ही मैदान पर उतरना चाहिए। उन्होंने कहा, "जब आप तेज गेंदबाज के रूप में खेल रहे होते हैं तो आपको उस भूमिका को अच्छी तरह से निभाना चाहिए, उसने आज ऐसा किया और वह सफल रहा।" कोच के अनुसार यदि किसी गेंदबाज के पास 150 की गति है तो उसे उसी क्षमता से गेंदबाजी करनी चाहिए और अगर क्षमता 120 की है तो उसी पर टिकना चाहिए। मयंक ने अपनी भूमिका को बखूबी समझा और उस पर अमल किया।

17वें ओवर की रणनीति पर सुनील गावस्कर के सवाल

दूसरी तरफ पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने मैच के निर्णायक पलों में टीम प्रबंधन के गेंदबाजी चयन पर गंभीर सवाल खड़े किए। गावस्कर का स्पष्ट मानना था कि अंतिम ओवरों में मयंक को गेंद न थमाना टीम के लिए भारी पड़ा। मैच के 17वें ओवर में कप्तान ने स्पिनर कुलदीप यादव को आक्रमण पर लगाया, जो दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया। कुलदीप ने उस ओवर में कुल 24 रन लुटा दिए, जिसमें तीन छक्के, एक चौका और एक वाइड गेंद शामिल थी। इसी महंगे ओवर ने 250 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा कर रही वेस्टइंडीज की राह आसान कर दी।

गावस्कर ने इस रणनीति का विश्लेषण करते हुए कहा, "जब एक बार विकेट मिल जाए तो विपक्षी टीम अचानक बैकफुट पर आ जाती है।" उनका तर्क था कि उस समय विपक्षी टीम को प्रति ओवर 12 से अधिक रनों की दरकार थी और मयंक की इकॉनमी भी 12 के करीब थी। ऐसे में अगर मयंक को 17वां ओवर दिया जाता और वह एक और सफलता हासिल कर लेते, तो नया बल्लेबाज आने से वेस्टइंडीज दबाव में आ सकता था। गावस्कर ने बताया कि अर्शदीप ने अपने 18वें ओवर में काफी रन दिए, लेकिन मयंक के शुरुआती झटकों को देखते हुए उन्हें आजमाया जाना चाहिए था। अंततः वेस्टइंडीज ने छह विकेट से जीत दर्ज कर पांच मैचों की इस श्रृंखला को 1-1 से बराबर कर दिया।

सवाल-जवाब

रांची टी-20 मैच में मयंक यादव का प्रदर्शन कैसा रहा?
मयंक यादव ने अपने 3 ओवरों में 36 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और वह टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे।
मैच में मयंक यादव की गेंदबाजी की गति कितनी दर्ज की गई?
उन्होंने लगातार 140 किमी प्रति घंटे से ऊपर गेंदबाजी की और 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का आंकड़ा भी छुआ।
गौतम गंभीर ने मयंक यादव के प्रदर्शन पर क्या कहा?
गंभीर ने कहा कि यदि आप तेज गेंदबाज के रूप में खेल रहे हैं तो अपनी गति का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए, जो मयंक ने बखूबी किया।
सुनील गावस्कर ने भारत की हार की मुख्य वजह किसे माना?
गावस्कर के अनुसार 17वें ओवर में मयंक के बजाय स्पिनर कुलदीप यादव से गेंदबाजी कराना हार की मुख्य वजह बना, जिसमें 24 रन गए।
इस मैच के बाद पांच मैचों की टी-20 सीरीज की स्थिति क्या है?
वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला 6 विकेट से जीतकर पांच मैचों की टी-20 श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp