भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के आक्रामक बल्लेबाज रिंकू सिंह और उत्तर प्रदेश की मछलीशहर संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज जल्द ही शादी के पवित्र बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों परिवारों ने विवाह की तिथि तय कर दी है और चार दिसंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रमाडा होटल में विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। तारीख पक्की होने के बाद से ही दोनों पक्षों के घरों में मांगलिक कार्यक्रमों की जोरदार तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस भव्य वैवाहिक समारोह में वर और वधू पक्ष के पारिवारिक सदस्यों, नजदीकी रिश्तेदारों के अलावा कई खास मेहमानों के शामिल होने की संभावना है। खेल और राजनीति के दो बड़े चेहरों का यह मिलन इन दिनों काफी चर्चा में है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने की राह बेहद उतार-चढ़ाव भरी रही है। एक समय ऐसा भी आया था जब परिवार की असहमति के कारण दोनों का यह रिश्ता बिल्कुल समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया था।
सगाई के बाद सामने आया था पहली मुलाकात का वाकया
दोनों के प्रेम संबंध को औपचारिक रूप तब मिला जब रिंकू सिंह और प्रिया सरोज ने आठ जून 2025 को लखनऊ के द सेंट्रम होटल में सगाई की रस्म पूरी की। सगाई संपन्न होने के पश्चात रिंकू सिंह ने राज शमानी के पॉडकास्ट में अपनी इस निजी प्रेम कहानी की शुरुआत के बारे में विस्तार से चर्चा की थी। रिंकू ने बताया था कि सोशल मीडिया पर एक फैन पेज को देखते हुए अचानक उनकी नजर प्रिया सरोज की तस्वीर पर पड़ी थी। तस्वीर देखने के बाद दोनों के मध्य संवाद का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे सामान्य बातचीत निरंतर संपर्क में बदल गई और दोनों एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होते चले गए, जिसके बाद यह दोस्ती गहरे प्रेम संबंध में तब्दील हो गई।
रिश्ते में आने से पहले रखी गई थीं कुछ कड़ी शर्तें
इस प्रेम संबंध की शुरुआत में ही प्रिया सरोज ने अपने भविष्य को लेकर बेहद स्पष्ट और व्यावहारिक रुख अपनाया था। रिंकू सिंह ने बातचीत में इस बात का खुलासा किया था कि किसी भी प्रकार के रिश्ते में बंधने से पूर्व प्रिया ने उनके समक्ष तीन-चार अनिवार्य शर्तें रख दी थीं। प्रिया का साफ कहना था कि यदि वे दोनों इस रिश्ते को आगे बढ़ाते हैं, तो इसका अंतिम परिणाम शादी ही होना चाहिए और किसी भी कठिन परिस्थिति में रिंकू को उनका पूरा साथ निभाना होगा। रिंकू के अनुसार, प्रिया ने उन्हें पहले ही बता दिया था कि उनके पारिवारिक परिवेश और राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण दोनों के बीच बहुत अधिक मुलाकातें संभव नहीं हो पाएंगी। प्रिया ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया था कि यदि रिश्ता जुड़ता है, तो रिंकू को हर हाल में पूरी ईमानदारी से साथ निभाते हुए विवाह करना होगा।
शुरुआती पारिवारिक झिझक और मॉल में पहली मुलाकात
रिंकू ने अपनी पहली प्रत्यक्ष मुलाकात के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि प्रिया का परिवार किसी अनजान व्यक्ति से उनकी बेटी के मिलने को लेकर बिल्कुल भी सहमत नहीं था। परिजनों को इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि दोनों के बीच किस तरह का संवाद चल रहा है। इस हिचकिचाहट के बीच प्रिया अपनी एक सहेली और अपनी बहन के साथ पहली बार रिंकू से मिलने पहुंचीं। वहीं दूसरी ओर रिंकू भी इस पहली मुलाकात में अकेले नहीं थे, बल्कि उनके साथ उनके बड़े भाई मौजूद थे। रिंकू काफी सामान्य अंदाज में कैजुअल परिधान और शॉर्ट्स पहनकर पहुंचे थे। उस समय क्रिकेट के मैदान पर शानदार प्रदर्शन के कारण लोगों के बीच रिंकू की पहचान बन चुकी थी और मॉल में मौजूद लोग उन्हें पहचानने भी लगे थे। दोनों पक्षों ने वहां एक साथ भोजन किया, समय व्यतीत किया और यहीं से दोनों के रिश्ते ने व्यावहारिक रूप लेना शुरू किया।
जब आने लगे थे प्रशासनिक अधिकारियों के रिश्ते और मंडराया अलगाव का खतरा
जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, दोनों के रिश्ते के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया। प्रिया के घर पर उनकी शादी के लिए प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारियों यानी आईएएस अधिकारियों के रिश्ते आने शुरू हो गए थे। परिजनों की ओर से पारंपरिक और बड़े पदों पर आसीन योग्य वरों के प्रस्तावों के चलते स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि दोनों के रिश्ते के पूरी तरह समाप्त होने की आशंका पैदा हो गई थी। इस बेहद नाजुक मोड़ पर प्रिया के भाई और बहन ने आगे बढ़कर दोनों का समर्थन किया। उन्होंने रिंकू से सीधे तौर पर पूछा कि क्या वे वाकई प्रिया से शादी करने के लिए तैयार और गंभीर हैं। इस पर रिंकू ने तुरंत हामी भरते हुए स्पष्ट किया कि वे इस रिश्ते में आए ही इसीलिए हैं ताकि विवाह कर सकें। भाई और बहन के इस रुख ने रिश्ते को टूटने से बचा लिया।
बड़ी दीदी और जीजाजी की नाराजगी और उनकी अहम भूमिका
परिवार के भीतर केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि प्रिया की बड़ी बहन और जीजाजी भी इस प्रेम संबंध की जानकारी मिलने पर खासे नाराज हो गए थे। परिवार की परंपराओं के अनुसार पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था, इसलिए उनका आक्रोश स्वाभाविक था। रिंकू के लिए उन दोनों को मनाना एक बड़ी चुनौती बन गया था। इसके बाद रिंकू उनसे मिलने पहुंचे, जहां उनसे उनके कामकाज, करियर और आर्थिक स्थिति को लेकर कई सवाल पूछे गए। रिंकू के सरल व्यवहार और बातचीत के बाद दीदी और जीजाजी ने अपनी सहमति दे दी। बाद में यही जीजाजी पूरे मामले में सबसे बड़े मददगार साबित हुए और उन्होंने परिवार के बाकी सदस्यों को समझाने की कमान अपने हाथों में ले ली।
पिता से मुलाकात, जाति की दीवार और आईपीएल रिटेंशन की भूमिका
इस पूरी प्रेम कहानी में सबसे कठिन परीक्षा प्रिया के पिता को इस रिश्ते के लिए राजी करने की थी। रिंकू ने बताया कि जब पिता से मुलाकात की योजना बनी, तो उनके मन में काफी संकोच और डर था कि वे इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे या नहीं। चूंकि प्रिया का परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहा है, इसलिए उन्हें खेल जगत और क्रिकेट की आर्थिक कार्यप्रणाली के बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं थी। इसके अतिरिक्त जातिगत भिन्नता भी एक बड़ा विषय थी, क्योंकि परिवार में पहले कभी जाति से बाहर या प्रेम विवाह नहीं हुआ था और समाज व लोगों की प्रतिक्रिया की भी चिंता थी।
मुलाकात के दौरान रिंकू ने आदरपूर्वक उनके पैर छुए, हालांकि उस समय वे काफी घबराए हुए थे। इस पूरी बातचीत को प्रिया के जीजाजी ने बहुत ही सूझबूझ से संभाला। उन्होंने पिता को समझाया कि रिंकू का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित है और हाल ही में उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया है। राजनीति की पृष्ठभूमि से आने के कारण पिता को पहले क्रिकेट अनुबंधों और रिटेंशन राशि का अंदाज नहीं था, लेकिन जब उन्हें यह भरोसा हुआ कि लड़का आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर और सक्षम है तथा उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित और खुशहाल रहेगा, तब उन्होंने अपनी सहमति प्रदान कर दी। इस तरह तमाम अड़चनों को पार करते हुए यह प्रेम संबंध अब चार दिसंबर को विवाह के रूप में परिणित होने जा रहा है।
















