एक समय था जब एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों में 250 रनों के स्कोर को एक मजबूत और चुनौतीपूर्ण योग माना जाता था। लेकिन टी20 प्रारूप के आगमन और विकास ने क्रिकेट की परिभाषा ही बदलकर रख दी है। इस छोटे प्रारूप में बल्लेबाजों का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि हर मैच में नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। ऐसा ही एक हैरतअंगेज मुकाबला पंजाब में आयोजित शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के पहले सीजन में देखने को मिला, जहाँ 264 रन बनाने के बावजूद बल्लेबाजी करने वाली टीम मुकाबला हार गई।
264 रन बनाकर भी हारी अमृतसर सूरमा
शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के पांचवें मुकाबले में अमृतसर सूरमा और जलंधर वारियर्स की टीमें आमने-सामने थीं। इस मैच में भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे और अमृतसर सूरमा के कप्तान अभिषेक शर्मा ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम के बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट गंवाकर 264 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। इस बड़े स्कोर को देखकर ऐसा लग रहा था कि अमृतसर की जीत तय है, लेकिन जलंधर वारियर्स के बल्लेबाजों ने मैदान पर कुछ अलग ही इरादा बना रखा था।
जलंधर वारियर्स ने टी20 इतिहास में दर्ज कराया नाम
265 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जलंधर वारियर्स की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए इस असंभव से दिखने वाले लक्ष्य को हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही जलंधर वारियर्स ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज करा दिया। दूसरी ओर, कप्तान अभिषेक शर्मा की अमृतसर सूरमा को टूर्नामेंट में लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि इस सीजन के अपने पहले मैच में भी अमृतसर की टीम 250 से अधिक रन बनाने के बाद मैच गंवा बैठी थी।
टी20 क्रिकेट में सबसे बड़े रनचेज का रिकॉर्ड
टी20 क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़े सफल रनचेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड हाल ही में अमेरिका में खेली गई मेजर लीग क्रिकेट में बना था। उस ऐतिहासिक एलिमिनेटर मुकाबले में वॉशिंगटन फ्रीडम ने एमआई न्यूयॉर्क के खिलाफ 266 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। वॉशिंगटन फ्रीडम की टीम ने केवल 4 विकेट खोकर 270 रन बनाए थे और मुकाबला अपने नाम किया था। शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में प्रभसिमरन सिंह और अनमोलप्रीत सिंह जैसे कई प्रतिभावान युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।



















