चीन के केंद्रीय बैंक यानी पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने आगामी कारोबारी सत्र के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की मध्य संदर्भ दर को 6.7829 पर निर्धारित किया है। यह कदम पिछले सत्र के 6.7809 के स्तर और बाजार विश्लेषकों के 6.7238 के अनुमान की तुलना में युआन के दैनिक आधिकारिक दर निर्धारण में बदलाव को दर्शाता है। केंद्रीय बैंक द्वारा हर सुबह तय की जाने वाली यह संदर्भ दर ऑनशोर बाजार में युआन के व्यापार के लिए दायरा तय करती है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों पर इसका सीधा असर पड़ता है।
पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के प्राथमिक उद्देश्य और नीतियां
पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के प्राथमिक मौद्रिक नीति उद्देश्यों में मूल्य स्थिरता बनाए रखना, विनिमय दर में स्थिरता सुनिश्चित करना और देश की आर्थिक वृद्धि को गति देना शामिल है। इसके अलावा, चीन का यह केंद्रीय बैंक वित्तीय बाजार को खोलने, उसका विस्तार करने और प्रणालीगत सुधारों को लागू करने के लिए लगातार प्रयासरत रहता है। विनिमय दर की स्थिरता बनाए रखना चीन की वृहद आर्थिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिससे निर्यात और आयात दोनों के संतुलन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
केंद्रीय बैंक का ढांचा और शीर्ष नेतृत्व की भूमिका
पीपल्स बैंक ऑफ चाइना पूरी तरह से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के राज्य के स्वामित्व में आता है, जिसके कारण इसे पश्चिमी देशों के केंद्रीय बैंकों की तरह पूरी तरह से एक स्वायत्त संस्था नहीं माना जाता है। बैंक के प्रबंधन और रणनीतिक दिशा-निर्देशों पर गवर्नर से ज्यादा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समिति के सचिव का प्रभाव होता है, जिनका नामांकन राज्य परिषद के अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। हालांकि, वर्तमान में पान गोंगशेंग पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर और कम्युनिस्ट पार्टी समिति सचिव, दोनों ही प्रमुख पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
चीन के मौद्रिक नीति उपकरण और लोन प्राइम रेट
पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की पारंपरिक प्रणालियों के विपरीत, चीन का केंद्रीय बैंक अपने निर्धारित आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मौद्रिक नीति उपकरणों के एक व्यापक समूह का उपयोग करता है। इनमें सात दिवसीय रिवर्स रेपो रेट, मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी, विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो शामिल हैं। हालांकि, चीन की मुख्य बेंचमार्क ब्याज दर लोन प्राइम रेट कहलाती है। लोन प्राइम रेट में बदलाव सीधे तौर पर बाजार में दिए जाने वाले ऋणों, होम लोन की ब्याज दरों और बचत पर मिलने वाले ब्याज को प्रभावित करता है। इसके माध्यम से केंद्रीय बैंक चीनी रेन्मिनबी की विनिमय दर को भी नियंत्रित करता है।
चीन का बैंकिंग क्षेत्र और निजी बैंकों का दायरा
चीन के विशाल और मुख्य रूप से राज्य-नियंत्रित वित्तीय क्षेत्र में निजी बैंकों की संख्या बेहद सीमित है। वर्तमान में चीन में केवल 19 निजी बैंक कार्यरत हैं, जो पूरे बैंकिंग तंत्र का एक बहुत छोटा हिस्सा हैं। इनमें सबसे बड़े निजी बैंकों में डिजिटल ऋणदाता वीबैंक और मायबैंक शामिल हैं, जिन्हें क्रमशः दिग्गज टेक कंपनियों टेंसेंट और एंट ग्रुप का समर्थन प्राप्त है। वर्ष 2014 में चीन की सरकार ने पूरी तरह से निजी पूंजी से संचालित घरेलू बैंकों को सरकारी प्रभुत्व वाले इस वित्तीय क्षेत्र में कारोबार करने की अनुमति दी थी।
वैश्विक मुद्रा बाजार: पाउंड और यूरो में गिरावट का रुख
चीन के इस फैसले के बीच वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव देखा जा रहा है। जीबीपी/यूएसडी जोड़ी घटकर 1.3500 के निचले स्तर के करीब आ गई है, जो पिछले दो हफ्तों का निचला स्तर है। ब्रिटिश पाउंड की इस कमजोरी के पीछे अमेरिकी डॉलर में आई तेजी, अमेरिका के हालिया आर्थिक आंकड़े और अमेरिका-ईरान संकट से जुड़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं मुख्य वजह मानी जा रही हैं। इसी तरह, ईयूआर/यूएसडी में भी गिरावट दर्ज की गई है और यह 1.1600 के प्रमुख समर्थन स्तर से नीचे चला गया है।
सोने की कीमतों पर दबाव और कच्चे तेल में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना ढाई हफ्ते के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है और 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे तेल पांच हफ्ते से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। कच्चे तेल के महंगे होने से वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंकाएं मजबूत हुई हैं। इन परिस्थितियों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को बल दिया है, जिससे गैर-प्रतिफल वाली धातु सोने की मांग घटी है और सुरक्षित संपत्ति समझे जाने वाले अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिला है।
वैश्विक बॉन्ड बाजार में बिकवाली और डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड
नए महीने की शुरुआत के साथ ही दुनिया भर के सरकारी बॉन्ड बाजार में तेज बिकवाली देखी जा रही है, जिसमें ब्रिटेन के सरकारी ऋण पत्रों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। ब्रिटेन के 2-वर्षीय और 10-वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल में एक समय 10 आधार अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाद में क्रमशः 7 और 8 आधार अंकों की बढ़त पर बने रहे। वहीं ऊर्जा बाजार में, अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड यानी डब्ल्यूटीआई कच्चे तेल की तुलना में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और इसने 102.00 डॉलर प्रति बैरल से अधिक का इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर छू लिया।


















