भारतीय क्रिकेट टीम के श्रीलंका दौरे की शुरुआत गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जा रहे दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले से हो गई है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने सिक्के की बाजी जीतकर बिना किसी झिझक के पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम इंडिया की शुरुआत सतर्क रही, हालांकि पहला झटका जल्द ही लग गया। इसके बाद क्रीज पर आए केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल की जोड़ी ने बेहतरीन सूझबूझ का परिचय देते हुए भारतीय पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे सेशन का खेल समाप्त होने तक टीम का स्कोर एक विकेट पर 197 रन तक पहुंचा दिया। हालांकि, चाय के विश्राम के बाद जब तीसरे सेशन की शुरुआत हुई, तो 77 रन के निजी स्कोर पर खेल रहे केएल राहुल दोबारा मैदान पर नहीं उतर सके और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर वापस जाना पड़ा।
हाथ और पैरों में गंभीर ऐंठन के कारण मैदान से बाहर हुए राहुल
गॉल की भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच दूसरे सेशन की बल्लेबाजी के दौरान ही केएल राहुल को शारीरिक परेशानी का सामना करते देखा गया था। उनके हाथ और पैरों में लगातार खिंचाव आ रहा था, जिसके चलते वे रन दौड़ने और शॉट्स खेलने के दौरान असहज नजर आ रहे थे। दूसरे सेशन का खेल खत्म होने पर जब खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में वापस आए, तब टीम के फिजियोथेरेपिस्ट ने राहुल की इस समस्या को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत की और उनकी ऐंठन को ठीक करने का प्रयास किया।
हालांकि, जब तीसरे सेशन में खेल दोबारा शुरू होने का समय आया और राहुल बल्लेबाजी के लिए जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनके हाथ और पैरों में दोबारा तेज ऐंठन महसूस हुई। दर्द और खिंचाव इतना ज्यादा था कि वे क्रीज पर उतरने की स्थिति में नहीं थे। इसके बाद टीम प्रबंधन और राहुल ने जोखिम न उठाते हुए वापस ड्रेसिंग रूम लौटने का निर्णय लिया। जब केएल राहुल मैदान से बाहर गए, तब वे 162 गेंदों का सामना कर चुके थे और अपनी संभली हुई 77 रनों की पारी में 9 शानदार चौके तथा 1 गगनचुंबी छक्का जड़ चुके थे। अब सभी प्रशंसक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या वे इस पारी में आगे दोबारा बल्लेबाजी करने आ पाएंगे या नहीं।
पडिक्कल के साथ 150 रनों की अटूट साझेदारी
गॉल टेस्ट में भारत को पहला झटका 47 के कुल स्कोर पर लगा, जब सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पवेलियन लौट गए। इसके बाद क्रीज पर आए केएल राहुल ने देवदत्त पडिक्कल का साथ निभाया। दोनों ही बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की आक्रामक गेंदबाजी का डटकर मुकाबला किया। पिच के मिजाज को समझते हुए उन्होंने न सिर्फ विकेट बचाए रखा, बल्कि खराब गेंदों पर बाउंड्री भी हासिल की।
राहुल और पडिक्कल के बीच दूसरे विकेट के लिए 150 रनों की बेहद महत्वपूर्ण और मजबूत साझेदारी देखने को मिली। इस साझेदारी ने श्रीलंका के स्पिन और तेज गेंदबाजों के दबाव को पूरी तरह से समाप्त कर दिया और भारतीय टीम को एक मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया। राहुल की संयमित बल्लेबाजी ने युवा पडिक्कल को भी खुलकर खेलने का हौसला दिया, जिसके दम पर भारत ने दूसरे सेशन तक केवल एक विकेट गंवाकर 197 रन बना लिए थे।
कप्तान शुभमन गिल नहीं भुना पाए मौका, 16 रन पर हुए आउट
केएल राहुल के अचानक रिटायर्ड हर्ट होने के कारण भारतीय कप्तान शुभमन गिल को निर्धारित क्रम से पहले ही बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरना पड़ा। बल्लेबाजी के अनुकूल दिख रही गॉल की इस पिच पर प्रशंसकों को कप्तान से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी। शुभमन गिल ने आते ही कुछ आकर्षक शॉट्स खेले और अपनी पारी में 2 चौके लगाए।
हालांकि, गिल अपनी इस शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे। 16 रन के निजी स्कोर पर श्रीलंकाई स्पिनर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर एक बड़ा आक्रामक शॉट खेलने के प्रयास में वे अपना विकेट गंवा बैठे। गिल का यह विकेट ऐसे समय पर गिरा जब टीम इंडिया को एक लंबी साझेदारी की जरूरत थी।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ में सीरीज का महत्व
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए यह श्रीलंका दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की रेस में अपनी जगह मजबूत बनाए रखने के लिए भारत को इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करना अनिवार्य है। गॉल की स्पिन-फ्रेंडली पिच पर पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करना मैच के नतीजे के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। ऐसे में केएल राहुल की फिटनेस और आने वाले बल्लेबाजों का प्रदर्शन इस मुकाबले का रुख तय करेगा।



















