क्रिकेट के खेल में सामान्य तौर पर किसी बल्लेबाज की सफलता को उसके बल्ले से निकलने वाले शतकों की संख्या और उसके बल्लेबाजी औसत से आंका जाता है, चाहे वह मैदान पर किसी भी क्रम पर उतरता हो। हालांकि खेल के जानकार इस पैमाने से पूरी तरह सहमत नहीं होते क्योंकि टेस्ट इतिहास में ऐसे कई खिलाड़ी दर्ज हैं जिन्होंने बिना सैकड़ा पूरा किए भी अपनी टीम की जीत या मजबूत स्थिति में अहम भूमिका निभाई है। लाल गेंद के लंबे इतिहास में एक ऐसा ही अनूठा मामला सामने आया है जहां एक खिलाड़ी ने बिना एक भी शतक बनाए रनों का अंबार लगा दिया और एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जो उसकी काबिलियत और बदकिस्मती दोनों को एक साथ दर्शाता है।
श्रीलंका के विकेटकीपर और आक्रामक बल्लेबाज निरोशन डिकवेला के नाम टेस्ट क्रिकेट का एक ऐसा अनोखा विश्व रिकॉर्ड दर्ज है जिस पर यकीन करना मुश्किल होता है। वे टेस्ट इतिहास में बिना शतक बनाए सबसे ज्यादा बार पचास या उससे अधिक रन यानी अर्धशतक जड़ने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन गए हैं। निरोशन डिकवेला अपनी तेज तर्रार और निडर बल्लेबाजी शैली के लिए खासे जाने जाते हैं जिन्होंने कई मौकों पर श्रीलंका की लड़खड़ाती हुई पारी को संभाला और निचले मध्य क्रम में टिककर रन बनाए।
नर्वस नाइंटीज और स्कोर का सिलसिला
अपने टेस्ट करियर के दौरान निरोशन डिकवेला ने कुल तेईस बार पचास से अधिक रनों की पारियां खेलीं, लेकिन हर बार वे तीन अंकों के जादुई आंकड़े तक पहुंचने से ठीक पहले चूक गए। उनका टेस्ट फॉर्मेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर छियानवे रन रहा है। वे कई बार नर्वस नाइंटीज का शिकार बने तो कई अन्य अवसरों पर दूसरे छोर पर साझेदार बल्लेबाज के आउट हो जाने या विकेट खत्म होने के कारण अपने शतक से महरूम रह गए। यह अनूठा कीर्तिमान भले ही पहली नजर में थोड़ा निराशाजनक लगे, लेकिन यह उनकी निरंतरता और बल्लेबाजी की गहराई का सबसे बड़ा सबूत है।
दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा
इस अनचाही और अनोखी सूची में भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान दूसरे स्थान पर आते हैं जिन्होंने महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर के साथ कई मजबूत साझेदारियां निभाईं, लेकिन सोलह अर्धशतक जड़ने के बावजूद वे कभी सैकड़ा पूरा नहीं कर पाए। इसके अलावा दुनिया के महान स्पिनर शेन वार्न और ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी निन्यानवे रन के फेर में आउट होकर शतक के बेहद करीब पहुंचकर इस सूची का हिस्सा बने। लेकिन निरोशन डिकवेला का तेईस बार पचास से अधिक रन बनाकर भी शतक तक न पहुंच पाना एक ऐसा रिकॉर्ड है जो उनकी निरंतरता और फिनिशिंग रेखा पार न कर पाने की अजीबोगरीब कहानी कहता है।
टेस्ट क्रिकेट में बिना शतक के सर्वाधिक पचास से अधिक स्कोर बनाने वाले शीर्ष बल्लेबाज
निरोशन डिकवेला (श्रीलंका) – तेईस बार, उच्चतम स्कोर छियानवे रन
चेतन चौहान (भारत) – सोलह बार, उच्चतम स्कोर सतावे रन
केन मैके (ऑस्ट्रेलिया) – तेरह बार, उच्चतम स्कोर उवासी रन
मिशेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया) – तेरह बार, उच्चतम स्कोर निन्यानवे रन
शेन वार्न (ऑस्ट्रेलिया) – बारह बार, उच्चतम स्कोर निन्यानवे रन
निरोशन डिकवेला का यह अनोखा विश्व रिकॉर्ड क्रिकेट प्रेमियों को हमेशा इस बात की याद दिलाता रहेगा कि यह खेल केवल शतकों का मोहताज नहीं है, बल्कि कई बार बिना सैकड़े के भी कोई खिलाड़ी इतिहास के पन्नों में अपना नाम अमर कर सकता है।



















