इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास का सबसे बड़ा ट्रेड साल 2024 के सीजन से ठीक पहले देखने को मिला था, जब ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने गुजरात टाइटंस का साथ छोड़कर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस में वापसी की थी। एक बार फिर से हार्दिक पंड्या को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं क्योंकि ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह स्टार खिलाड़ी पांच बार की चैंपियन टीम का साथ छोड़ सकता है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसी अनिश्चितता के बीच पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर ने इस पूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की वकालत की है।
ट्रेड के वित्तीय आंकड़ों पर उठ रहे सवाल
क्रिकेट जगत में लिटिल मास्टर के नाम से मशहूर सुनील गावस्कर का मानना है कि जब भी आईपीएल में खिलाड़ियों का ट्रेड होता है, तो उससे जुड़े वित्तीय आंकड़े केवल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, संबंधित फ्रेंचाइजी और उस खिलाड़ी तक ही सीमित रहते हैं। अन्य फ्रेंचाइजी इस पूरी प्रक्रिया से अनजान रहती हैं, जिससे यह शंका पैदा हो सकती है कि क्या सभी नियमों का पूरी तरह से पालन किया गया है या नहीं। गावस्कर ने अपने एक कॉलम में विस्तार से इस बात का जिक्र किया है कि किस तरह से इन सौदों में स्पष्टता होनी चाहिए।
सार्वजनिक होना चाहिए ट्रेड का सौदा
खिलाड़ियों के एक टीम से दूसरी टीम में जाने की संभावनाओं को लेकर मीडिया में लगातार कयास लगाए जाते हैं। हालांकि इस विंडो के बंद होने में अभी कुछ वक्त बाकी है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी सामान्य प्रक्रिया के तहत एक फ्रेंचाइजी से दूसरी फ्रेंचाइजी में जाता है, तो उससे जुड़ी तमाम जानकारियां सार्वजनिक होती हैं। इसके विपरीत, जब ट्रेड की प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो उसमें होने वाले लेन-देन की रकम केवल दोनों टीमों, खिलाड़ी और बीसीसीआई को ही पता होती है। इसी वजह से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि सौदे की पूरी रकम को भी सार्वजनिक किया जाए।
आलोचकों को मौका न मिले
वर्ष 1983 के विश्व कप विजेता ने बीसीसीआई से यह आग्रह किया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो, ताकि आईपीएल और इसकी शानदार सफलता से ईर्ष्या रखने वाले लोगों को इस पर सवाल उठाने का कोई अवसर न मिल सके। गावस्कर ने इस बात पर जोर दिया कि आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है, इसलिए इसकी साख को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर स्पष्टता बेहद जरूरी है। हाल ही में इस तरह के बदलावों का दौर जारी है, जहां ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छोड़ने के बाद टीम का साथ छोड़ दिया और दोबारा दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ गए, जबकि दूसरी तरफ लखनऊ की फ्रेंचाइजी ने कुलदीप यादव को अपनी टीम में शामिल किया है।



















