डरहम के मैदान पर खेले गए एकदिवसीय मुकाबले में मेजबान टीम ने मेहमान दल को चारों खाने चित करते हुए तीन मुकाबलों की सीरीज का विजयी आगाज किया। ऑलराउंडर विल जैक्स के शानदार प्रदर्शन की बदौलत इंग्लिश दल ने इस मैच को 89 रनों के विशाल अंतर से अपनी झोली में डाल लिया। पहले बल्ले से अहम रन जोड़कर टीम को संकट से उबारने वाले जैक्स ने बाद में गेंद से भी विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस एकतरफा मुकाबले में मिली कामयाबी के साथ मेजबान दल ने श्रृंखला में 1-0 की बढ़त अपने नाम कर ली है।
शुरुआती झटके के बाद रूट और ब्रुक की सधी बल्लेबाजी
टॉस का फैसला पक्ष में रहने के बाद मेजबान खेमे ने पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया, मगर शुरुआत वैसी नहीं रही जैसी उम्मीद की जा रही थी। तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो ने घातक गेंदबाजी का परिचय देते हुए टॉम बेंटन को चलता किया। फर्नांडो की तीखी अंदर आती गेंद पर बेंटन के ऑफ-स्टंप की गिल्लियां बिखर गईं। इस शुरुआती झटके के बाद मैदान पर आए अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने स्थिति को संभाला और बेन डकेट के साथ मिलकर अर्धशतकीय साझेदारी बुन डाली। इस 50 रनों के तालमेल को दुनिथ वेलालागे ने डकेट को पगबाधा आउट करके तोड़ा।
इसके पश्चात कप्तान हैरी ब्रुक क्रीज पर उतरे और उन्होंने रूट के साथ मिलकर रन गति को रफ्तार दी। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 68 रनों की बेहद जरूरी भागीदारी देखने को मिली, जिसकी सहायता से इंग्लिश स्कोर 135-2 पर पहुंच गया। जो रूट अपने अर्धशतक की ओर मजबूती से बढ़ रहे थे, तभी विरोधी टीम के नवोदित स्पिनर सचिंदु कोलंबेज ने उन्हें अपनी फिरकी में उलझा लिया। रूट 44 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर बोल्ड होकर पवेलियन लौटे और अपने 50 रन पूरे नहीं कर सके।
कप्तान हैरी ब्रुक की आतिशी फिफ्टी और मिडिल ऑर्डर का बिखराव
एक छोर से विकेट गिरने के बावजूद कप्तान हैरी ब्रुक ने मोर्चा संभाले रखा। ब्रुक ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सिर्फ 49 गेंदों पर अपना पचासा पूरा किया और 69 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली। उन्हें दुश्मंथा चमीरा ने कैच आउट करवाकर पवेलियन की राह दिखाई। कप्तान के आउट होते ही मेजबान दल का मध्यक्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया। सचिंदु कोलंबेज की चतुर स्पिन और तेज गेंदबाजों के दबाव के आगे एक के बाद एक विकेट गिरते चले गए।
अनुभवी बल्लेबाज जोस बटलर बेहद सस्ते में पगबाधा करार दिए गए, जबकि रेहान अहमद चरित असलंका के सटीक निशाने का शिकार होकर रन आउट हो गए। इसके बाद पुछल्ले बल्लेबाज भी मैदान पर टिक नहीं सके। जेमी ओवरटन को कोलंबेज ने बोल्ड किया, जबकि गस एटकिंसन को दिलशान मदुशंका ने अपना शिकार बनाया। जोफ्रा आर्चर को फर्नांडो ने क्लीन बोल्ड कर दिया। इंग्लिश टीम ने केवल 15.5 ओवरों के खेल में महज 65 रन जोड़कर अपने 6 प्रमुख विकेट गंवा दिए थे।
संकटमोचक बने विल जैक्स, 265 पर थमी पारी
गंभीर दबाव की स्थिति में विल जैक्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। निचले क्रम पर सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने एक छोर मजबूती से थामे रखा। जैक्स ने 47 गेंदों पर नाबाद 46 रनों की बहुमूल्य पारी खेली। विशेष रूप से पारी के 48वें ओवर में उन्होंने हाथ खोलते हुए कुल 18 रन बटोरे, जिसने टीम के स्कोर को 250 के पार पहुंचाने में बड़ी मदद की। हालांकि अंतिम बल्लेबाज जोश टंग को फर्नांडो ने रिवर्स-स्विंग होती यॉर्कर पर बोल्ड कर दिया, जिससे मेजबान दल की पारी 48.1 ओवरों में 265 रनों पर समाप्त हो गई। विपक्षी टीम की ओर से डेब्यू करने वाले सचिंदु कोलंबेज ने 44 रन देकर 3 सफलताएं अर्जित कीं।
लक्ष्य के दबाव में बिखरा विपक्षी बल्लेबाजी क्रम
जीत के लिए 266 रनों की चुनौती का सामना करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने पहले 5 ओवरों में संभलकर खेलने की कोशिश की, मगर इंग्लिश गेंदबाजों ने जल्द ही शिकंजा कस लिया। गस एटकिंसन ने कामिंडु मेंडिस को शॉर्ट मिडविकेट पर बेन डकेट के हाथों कैच कराया। इसके तुरंत बाद जोश टंग ने दूसरे सलामी बल्लेबाज को विकेटकीपर जोस बटलर के दस्तानों में समाने पर मजबूर कर दिया, जिससे स्कोर 51 रन पर 2 विकेट हो गया।
इसके बाद मैदान पर मेजबान टीम की फील्डिंग का कमाल दिखा जब टॉम बेंटन ने एक्स्ट्रा कवर पर हैरतअंगेज कैच लपककर पवन रथनायके को विदा किया। अगली कुछ ही गेंदों में विल जैक्स ने गेंद थामी और चरित असलंका को स्वीप मारने के प्रयास में पगबाधा आउट कर दिया। मेहमान टीम का स्कोर 85 रन पर 4 विकेट हो चुका था। जेमी ओवरटन ने बाहर निकलती गेंद पर जानिथ लियानागे को चकमा देकर बटलर के हाथों कैच कराया और 100 के योग पर आधी विपक्षी टीम डगआउट लौट चुकी थी।
वेलालागे का अकेला संघर्ष और मेजबान टीम की जीत
कप्तान कुसल मेंडिस से पारी संभालने की उम्मीदें थीं, मगर विल जैक्स ने उन्हें भी पगबाधा कर विपक्षी उम्मीदों को करारा झटका दिया। इसके बाद रेहान अहमद ने सचिंदु कोलंबेज को पगबाधा किया और स्कोर 105 रन पर 7 विकेट हो गया। ऐसे मुश्किल वक्त में दुनिथ वेलालागे ने आक्रामक जवाबी हमला बोला। उन्होंने रेहान अहमद के एक ही ओवर से 17 रन बटोरे और दुश्मंथा चमीरा के संग मिलकर आठवें विकेट के लिए 42 रनों की जुझारू साझेदारी की, जिससे स्कोर 133 के पार पहुंचा। लेकिन विल जैक्स ने निर्णायक प्रहार करते हुए पुछल्ले क्रम को समेट दिया और अपनी टीम को 89 रनों की यादगार जीत दिला दी।





















