अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के बीच टीम संयोजन को लेकर माथापच्ची तेज हो गई है। हाल ही में महाद्वीपीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय दल का हिस्सा रहे पंद्रह वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए आगामी घरेलू द्विपक्षीय सीरीज की शुरुआत आसान नहीं दिख रही है। भारत और वेस्टइंडीज के मध्य पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की श्रृंखला 6 अक्टूबर से शुरू हो रही है, जिसका पहला मैच लखनऊ में आयोजित होगा। हालांकि युवा बल्लेबाज को दल में शामिल किया गया है, लेकिन पहले मैच की अंतिम एकादश में उनके स्थान को लेकर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
शीर्ष क्रम में भारी भीड़ और सीमित विकल्प
भारतीय बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष स्थानों के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। चयन समिति द्वारा घोषित टीम में पारी की शुरुआत के लिए अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन सबसे स्वाभाविक पसंद नजर आ रहे हैं। इसके बाद तीसरे पायदान पर ईशान किशन और चौथे क्रम पर कप्तान श्रेयस अय्यर का उतरना तय माना जा रहा है। मध्यक्रम और निचले क्रम में तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी और अक्षर पटेल जैसे स्थापित ऑलराउंडर मौजूद हैं, जिससे किसी अतिरिक्त विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज के लिए जगह निकाल पाना तकनीकी रूप से बेहद पेचीदा हो गया है।
वैभव स्वभाव से विशुद्ध सलामी बल्लेबाज हैं और शीर्ष क्रम के अलावा किसी अन्य स्थान पर उनका समायोजन टीम संतुलन को बिगाड़ सकता है। इससे पहले खेले गए टूर्नामेंट में भी उन्हें अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत का दायित्व सौंपा गया था, जबकि संजू सैमसन को तीसरे क्रम पर भेजा गया था। उस संयोजन में दोनों ही खिलाड़ी अपेक्षित निरंतरता नहीं दिखा सके थे। ऐसी स्थिति में टीम प्रबंधन एक बार फिर सैमसन को उनके मूल स्थान पर नई गेंद का सामना करने के लिए भेज सकता है, जिससे वैभव के लिए दरवाजे फिलहाल बंद नजर आते हैं।
हालिया पारियों में बड़ी पारी खेलने की चुनौती
महाद्वीपीय प्रतियोगिता के दौरान मिले अवसरों को भुनाने में युवा खिलाड़ी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे। टूर्नामेंट के दो मैचों में उन्हें क्रीज पर समय बिताने का मौका मिला, लेकिन स्कोरबोर्ड पर उसका ठोस असर नहीं दिखा। श्रीलंका के विरुद्ध खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने आक्रामक शुरुआत करते हुए 38 रन जोड़े, हालांकि वे इस तेज पारी को किसी बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ खिताबी मुकाबले में भी उनका बल्ला खामोश रहा और वे महज 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
मैदान पर कुछ आकर्षक चौके और छक्के लगाने के बावजूद लंबी पारी खेलने में नाकामी उनके चयन की राह में सबसे बड़ी रुकावट बन गई है। गेंदबाजों के स्लॉट को देखते हुए प्रबंधन ऐसे बल्लेबाजों को तरजीह देना चाहता है जो शुरुआत को मैच जिताऊ प्रदर्शन में बदल सकें। लखनऊ की पिच और विरोधी टीम की रणनीति को ध्यान में रखते हुए अनुभव को प्राथमिकता मिलने के पूरे आसार हैं।
शुरुआती टी20 मुकाबले के लिए संभावित संयोजन
पहले मैच के लिए जिन ग्यारह खिलाड़ियों को मैदान में उतारे जाने की प्रबल संभावना है, उनमें अभिषेक शर्मा, विकेटकीपर के रूप में संजू सैमसन, ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी और अक्षर पटेल शामिल हैं। गेंदबाजी आक्रमण का दारोमदार कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव के कंधों पर रहने की उम्मीद है। इस संपूर्ण संतुलन में नए प्रयोग की गुंजाइश न के बराबर नजर आती है।



















