पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही उनके 13 साल लंबे क्रिकेट करियर का समापन हो गया है। हालांकि, खेल के मैदान से विदाई लेने के बावजूद वह क्रिकेट से पूरी तरह अलग नहीं होंगी। कायनात ने फैसला किया है कि वह अपनी मां सलीमा इम्तियाज के पदचिह्नों का अनुसरण करते हुए मैच रेफरी के तौर पर अपनी दूसरी पारी आगे बढ़ाएंगी।
अंतरराष्ट्रीय करियर और गेंदबाजी के आंकड़े
34 वर्षीय कायनात इम्तियाज ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम की ओर से 19 वनडे और 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शिरकत की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके सफर की शुरुआत अक्टूबर 2010 में हुई थी, जब उन्होंने पोटचेफस्ट्रूम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 डेब्यू किया था। इसके ठीक अगले साल, उन्होंने बांग्लादेश के फातुल्लाह में आयरलैंड के खिलाफ पहला वनडे मैच खेला था। अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान उन्होंने वनडे प्रारूप में 10 विकेट चटकाए, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम 8 विकेट दर्ज रहे।
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक और वैश्विक टूर्नामेंट्स में भागीदारी
कायनात इम्तियाज के खेल जीवन की प्रमुख सफलताओं में एशियाई खेलों की उपलब्धियां सबसे आगे रही हैं। वह 2010 में चीन में और 2014 में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली पाकिस्तानी महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख सदस्य थीं। इसके अलावा, उन्होंने 2017 के महिला क्रिकेट विश्व कप में भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया, जहां उन्हें चार मुकाबले खेलने का अवसर मिला था। वह 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाली पाकिस्तानी टीम का भी हिस्सा बनी थीं।
मैदान पर अंतिम मुकाबले और टीम से दूरी
कायनात अंतिम बार 2022 और 2023 के दौरान पाकिस्तान के लिए मैदान में खेलते हुए दिखाई दी थीं। उन्होंने अपना अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच अक्टूबर 2022 में सिलहट के मैदान पर थाईलैंड के विरुद्ध खेला था। इसके बाद, जनवरी 2023 में ब्रिस्बेन के प्रसिद्ध गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका अंतिम वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच रहा। इन मुकाबलों के बाद उन्हें पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में दोबारा वापसी करने का मौका नहीं मिल सका, जिसके चलते आखिरकार उन्होंने संन्यास का फैसला किया।
पीसीबी टूर्नामेंट से मैच रेफरी बनने की शुरुआत
खेल से आधिकारिक संन्यास का ऐलान करने से पहले ही कायनात ने मैच ऑफिशियल के रूप में कदम बढ़ा दिए थे। उन्होंने इसी साल अगस्त और सितंबर के दौरान कराची में आयोजित पीसीबी नेशनल विमेंस अंडर-19 टूर्नामेंट में मैच रेफरी की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई थी। इस घरेलू टूर्नामेंट से उन्हें खेल के प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जिसे वह आगे अपने नए पेशेवर सफर में जारी रखेंगी।
मां सलीमा इम्तियाज का ऐतिहासिक अंपायरिंग सफर
कायनात की मां सलीमा इम्तियाज पहले से ही क्रिकेट जगत में मैच ऑफिशियल के तौर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं। सलीमा ने साल 2024 में आईसीसी के इंटरनेशनल डेवलपमेंट पैनल में जगह बनाकर इतिहास रचा था और वह इस मुकाम तक पहुंचने वाली पाकिस्तान की पहली महिला अंपायर बनी थीं। उन्होंने अपने अंपायरिंग करियर की शुरुआत 2008 में पीसीबी महिला पैनल के साथ की थी। अब तक के अपने सफर में सलीमा 9 महिला वनडे और 69 महिला टी20 मैचों में मैदानी अंपायरिंग कर चुकी हैं। इसके साथ ही, वह आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अंपायरिंग की जिम्मेदारी संभालने वाली पहली पाकिस्तानी महिला अंपायर भी बनी थीं। अब उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए बेटी कायनात भी मैच रेफरी के तौर पर मैदान के नियमों को लागू कराने का दायित्व निभाएंगी।



















