रसोई में मौजूद सामान्य सब्जियों से भी कई बार ऐसा लाजवाब खाना तैयार हो जाता है जो हर किसी का मन मोह लेता है। छोटे आकार के आलू और छोटे साबुत प्याज भी ऐसी ही चीजें हैं, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य तरीके से ही पकाते हैं। अगर पकाने की तकनीक और तड़के में थोड़ा बदलाव किया जाए, तो इन्हीं साधारण सामग्रियों से तीखी, चटपटी और ढाबे जैसी लजीज सब्जी तैयार हो जाती है। इस खास तरीके में आलू और प्याज को पहले अलग से तला जाता है, फिर साबुत खड़े मसालों और टमाटर की गाढ़ी ग्रेवी में धीमी आंच पर दम देकर पकाया जाता है। शोएब अरोड़ा के बताए इस तरीके से बनने वाली यह सब्जी स्वाद और महक दोनों में बेहद खास बनती है।
सब्जियों का चुनाव और पहले तलने की सही विधि
इस व्यंजन का असली राज इसकी तैयारी के सलीके में छिपा है। इसके लिए करीब 250 ग्राम छोटे गोल आलू लेकर उन्हें अच्छी तरह छीलकर पानी से साफ कर लें। इसी प्रकार छोटे आकार के साबुत प्याज भी छीलकर तैयार रखें। ध्यान रखें कि आलू और प्याज दोनों का आकार लगभग एक जैसा और छोटा होना चाहिए ताकि वे कड़ाही में एक साथ समान रूप से पक सकें।
इसके बाद एक कड़ाही में तेल गर्म करें। गर्म तेल में छिले हुए साबुत आलू और प्याज डालें, साथ में करीब एक छोटी चम्मच नमक भी मिला दें। मध्यम आंच पर इन्हें तब तक फ्राई करें जब तक कि इनकी बाहरी परत हल्की सुनहरी न होने लगे। जैसे ही इन पर हल्का बादामी रंग दिखने लगे, तुरंत इन्हें तेल से बाहर निकालकर किसी प्लेट में रख लें। पहले से तलने से इन सब्जियों का कुरकुरापन बना रहता है और बाद में ग्रेवी में जाने के बाद भी इनका आकार नहीं बिगड़ता।
साबुत खड़े मसालों का तड़का और टमाटर की ग्रेवी
आलू-प्याज तलने के बाद कड़ाही में बचे अतिरिक्त तेल को निकाल लें और केवल जरूरत भर तेल ही रहने दें। इस गर्म तेल में दो तेजपत्ता, एक बड़ी इलायची, दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा और एक छोटी चम्मच जीरा डालें। जैसे ही जीरा चटकने लगे, उसमें तीन लंबी कटी हरी मिर्च और दो लंबे कटे हुए टमाटर डाल दें।
टमाटर डालते ही थोड़ा सा नमक छिड़क दें, जिससे टमाटर तेजी से गलने लगते हैं। इसे मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक कि टमाटर पूरी तरह नरम होकर खड़े मसालों के साथ एकसार न हो जाएं। यह तड़का ग्रेवी को एक गहरा और पारंपरिक स्वाद प्रदान करता है।
अदरक-लहसुन पेस्ट और सूखे मसालों की भुनाई
टमाटर नरम होने के बाद मिश्रण में दो चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाएं। इस चरण में जल्दबाजी बिल्कुल न करें और धीमी से मध्यम आंच पर तब तक लगातार भूनें जब तक कि लहसुन और अदरक का कच्चापन पूरी तरह खत्म न हो जाए और कड़ाही से सौंधी खुशबू न आने लगे।
इसके बाद इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला और देगी मिर्च पाउडर डालें। सभी पिसे हुए मसालों को अच्छी तरह चलाकर धीमी आंच पर पकाएं। चूंकि शुरुआत में आलू-प्याज तलते समय और फिर टमाटर में नमक डाला जा चुका है, इसलिए इस समय नमक की जांच अवश्य कर लें और आवश्यकता होने पर ही अतिरिक्त नमक मिलाएं।
तले हुए आलू-प्याज को ग्रेवी में मिलाना
जब सूखे मसाले और टमाटर अच्छी तरह भुन जाएं और कड़ाही के किनारों से तेल अलग होता दिखाई देने लगे, तब पहले से फ्राई करके रखे गए साबुत आलू और प्याज कड़ाही में डाल दें। अब चमचे से बहुत हल्के हाथ से मिलाएं ताकि प्याज की परतें बिखरें नहीं और मसाले की लटपटी परत आलू और प्याज पर चारों तरफ लिपट जाए। यही वह बिंदु है जहां सामान्य आलू-प्याज एक चटपटी मसालेदार सब्जी का रूप लेने लगते हैं। अधिक तीखा पसंद करने वाले लोग इसमें अपने स्वादानुसार कटी हुई हरी या लाल मिर्च भी बढ़ा सकते हैं।
दम पर पकाने की प्रक्रिया और अंतिम सजावट
सब्जी को मनमोहक खुशबू देने के लिए ऊपर से कसूरी मेथी और ताजा बारीक कटा हुआ हरा धनिया बुरक दें। चाहें तो सजावट के लिए कुछ लंबी कटी लाल या हरी मिर्च भी डाल सकते हैं। अब कड़ाही पर ढक्कन लगा दें और बिल्कुल धीमी आंच पर इसे करीब पांच मिनट तक दम पर पकने दें।
धीमी आंच पर ढंककर पकाने से मसालों का तीखापन और खुशबू आलू और प्याज के अंदर तक समा जाती है। पांच मिनट बाद ढक्कन हटाएं और सब्जी को एक बार हल्के हाथों से चला लें। तैयार सब्जी देखने में बेहद चमकदार, गाढ़ी और खुशबूदार नजर आएगी।
परोसने के तरीके और विकल्प
इस साबुत आलू-प्याज फ्राई सब्जी को गरमागरम तवा रोटी, खस्ता पराठे या सादे उबले चावल के साथ परोसा जा सकता है। जब भी घर पर मेहमान आएं या सामान्य आलू की सब्जी से हटकर कुछ अलग और ढाबा स्टाइल खाने का मन हो, तब यह रेसिपी एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। छोटे आलू और साबुत प्याज की बनावट की वजह से यह थाली में बेहद आकर्षक दिखाई देती है।



















