बीजिंग में खेले जा रहे चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट में नोवाक जोकोविच ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव को रोमांचक मुकाबले में पराजित किया। 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी ने शुरुआती सेट गंवाने के बाद जबर्दस्त वापसी की और विश्व के नंबर दो खिलाड़ी ज्वेरेव को 4-6, 6-4, 6-4 से हराकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया। इस जीत के साथ ही जोकोविच ने अब अंतिम चार में दानिल मेदवेदेव के खिलाफ अपनी भिड़ंत तय कर ली है।
ज्वेरेव की नंबर एक बनने की उम्मीदों को झटका
इस कड़े मुकाबले में जोकोविच की इस जीत ने जर्मन खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव के उस अभियान को बड़ा झटका दिया है, जिसके तहत वह साल का अंत विश्व के नंबर एक खिलाड़ी के रूप में करने की दौड़ में बने हुए थे। 29 वर्षीय ज्वेरेव के लिए यह हार रैंकिंग के लिहाज से काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है। कोर्ट पर जीत हासिल करने के बाद जोकोविच ने अपने उत्साह को जाहिर करते हुए कहा कि वह आज भी इन्हीं पलों के लिए टेनिस खेलते हैं और मुकाबला करते हैं। उन्होंने बताया कि जब आप पूरी तरह बेहतर महसूस कर रहे हों और 15,000 दर्शकों के सामने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से मुकाबला कर रहे हों, तो खेल का उत्साह अपने आप बढ़ जाता है। जोकोविच के अनुसार ऐसे ही पल हर टेनिस खिलाड़ी के सपनों को परिभाषित करते हैं।
मुकाबले में जोकोविच की वापसी की कहानी
दोनों खिलाड़ियों के बीच लगभग 16 महीनों के अंतराल के बाद यह पहली भिड़ंत थी। मैच की शुरुआत में 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता जोकोविच को ज्वेरेव की आक्रामक ताकत और सर्विस से सामंजस्य बिठाने में काफी संघर्ष करना पड़ा। जर्मन खिलाड़ी ने पहले ही गेम में जोकोविच की सर्विस ब्रेक कर दी और इस शुरुआती बढ़त को बरकरार रखते हुए पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। हालांकि, इसके बाद जोकोविच ने कोर्ट पर अपना अनुभव दिखाया और धीरे-धीरे मैच की लय में लौटे। दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी की टक्कर चलती रही, लेकिन 5-4 के स्कोर पर जोकोविच ने निर्णायक ब्रेक प्वाइंट हासिल किया और सेट 6-4 से जीतकर मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया।
निर्णायक सेट और बीजिंग में जीत का रिकॉर्ड
तीसरे और अंतिम सेट में भी दोनों स्टार खिलाड़ियों के बीच बहुत बारीक अंतर देखने को मिला। दोनों ही खिलाड़ी अपनी-अपनी सर्विस बचाने में सफल रहे, लेकिन जब स्कोर 5-4 था, तब जोकोविच ने ज्वेरेव की सर्विस पर फिर से दबाव बनाया और क्लीनिकल अंदाज में गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही बीजिंग में जोकोविच का अजेय रहने का आंकड़ा 32 मैचों तक पहुंच गया है। इसके अलावा वह रिकॉर्ड सातवें चाइना ओपन खिताब के एक कदम और करीब पहुंच गए हैं। यह उनके लिए इस वर्ष की पहली ट्रॉफी जीतने का भी बड़ा अवसर है, क्योंकि फिटनेस और फॉर्म की चुनौतियों के चलते 2026 उनके लिए अब तक काफी कठिन साबित हुआ है। जोकोविच ने यूएस ओपन में अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम 2023 में जीता था।
मेदवेदेव से होगा सेमीफाइनल मुकाबला
जोकोविच ने इस सत्र के संघर्षों पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि विभिन्न कारणों से यह वर्ष काफी मुश्किल रहा है। इसके बावजूद वह कोर्ट पर डटे हुए हैं, लगातार पसीना बहा रहे हैं और युवा खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। सेमीफाइनल में जोकोविच का मुकाबला तीसरी वरीयता प्राप्त दानिल मेदवेदेव से सोमवार को होगा। मेदवेदेव ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांसिस्को सेरुंडोलो को सीधे सेटों में 7-6 (7-4), 6-3 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया है।



















