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बलिया में गंदगी और कूड़े के ढेरों से जनता बेहाल, नगर पालिका के अधिकारियों पर लग रहे भ्रष्टाचार के संगीन आरोपअपराध
28 अक्तू॰ 2026, 11:52 am (15 घंटे पहले)· 2

बलिया में गंदगी और कूड़े के ढेरों से जनता बेहाल, नगर पालिका के अधिकारियों पर लग रहे भ्रष्टाचार के संगीन आरोप

उत्तर प्रदेश के बलिया शहर में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों से स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन बजट के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है, जिससे शहर नारकीय स्थिति का सामना कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के बलिया शहर इन दिनों भीषण गंदगी और कचरे के अंबार जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। स्वच्छता और विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले जिम्मेदार महकमे की नींद नहीं टूट रही है और अधिकारी इस विकराल होती समस्या का कोई ठोस हल निकालने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। हालात इतने बदहाल हो चुके हैं कि यहां के आम बाशिंदे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और स्थानीय निकाय कार्यालय कथित तौर पर भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।

कूड़ा निस्तारण के नाम पर करोड़ों के बजट का बंदरबांट

स्थानीय निवासी लक्ष्मण यादव ने मुखर होकर यह आरोप लगाया है कि नगर पालिका के भीतर नालियों की साफ-सफाई से लेकर कचरे के निस्तारण तक हर प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। उनके मुताबिक बीते 10 वर्षों के दौरान कचरे के प्रबंधन के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए हैं। यदि इस समूची अवधि में खर्च हुए धन का ईमानदारी से हिसाब लगाया जाए, तो उतने बजट में कम से कम 10 आधुनिक कचरा निस्तारण केंद्र बनकर तैयार हो जाते। उन्होंने दावा किया कि सभी जिम्मेदार लोगों ने मिलकर बजट का आवंटन कराया और जमकर कमीशनखोरी की, जिसके चलते यह विकट समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।

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ऐसी बदहाली पहले कभी नहीं देखी गई

शहर में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक मुशीर जैदी ने पिछले 25 वर्षों के दौरान नगर पालिका के कई कार्यकालों को बेहद करीब से देखा है। उनका साफ कहना है कि बलिया की मौजूदा बदहाली जैसी स्थिति उन्होंने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखी थी। शहर भर से हर रोज करीब 27 टन से ज्यादा कचरा निकलता है, लेकिन स्थानीय अधिकारी शासन की हिदायतों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। बसंतपुर में भारी-भरकम लागत से तैयार किया गया कचरा निस्तारण केंद्र आज भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है और अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। शहर के विशुनीपुर इलाके में तो कचरे के विशालकाय पहाड़ साफ देखे जा सकते हैं, जहां पूरे नगर का मलबा लाकर डंप किया जाता है।

बीमारियों को न्योता देती सड़कें और प्रशासनिक उदासीनता

निवासी दीपक तिवारी का कहना है कि नगर की मुख्य सड़कों पर ही कचरे के बड़े-बड़े ढेर आसानी से दिखाई दे जाते हैं, जिनके आसपास भिनभिनाती मक्खियां और पनपते मच्छर गंभीर बीमारियों को सीधा आमंत्रण दे रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। पूरे इलाके में यही चर्चा है कि नगर पालिका भ्रष्टाचार का बड़ा केंद्र बन चुकी है। बुजुर्ग बालेश्वर सिंह और नन्हकू ने भी इस बदतर स्थिति पर अपना شدید रोष जाहिर किया है। उनका तर्क है कि कागजी दस्तावेजों में भले ही स्वच्छता अभियान जोरों पर चल रहे हों, लेकिन मैदानी हकीकत पूरी तरह शून्य है। ऐतिहासिक सेनेटरी गलियां आज बदहाली के आंसू रो रही हैं और पूरा शहर गंदगी के समंदर में डूबता नजर आ रहा है, जिससे जनता का नगर पालिका पर से भरोसा पूरी तरह उठता जा रहा है।

सवाल-जवाब

बलिया में इन दिनों मुख्य समस्या क्या है?
शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर और भीषण गंदगी फैली हुई है, जिससे स्थानीय जनता बेहद परेशान है।
लक्ष्मण यादव ने नगर पालिका पर क्या आरोप लगाया है?
उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले 10 सालों में कूड़ा निस्तारण के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।
बलिया शहर से रोजाना कितना कचरा निकलता है?
शहर से रोजाना लगभग 27 टन से अधिक कचरा निकलता है।
बसंतपुर के कूड़े निस्तारण केंद्र की क्या स्थिति है?
करोड़ों की लागत से बना बसंतपुर का कूड़ा निस्तारण केंद्र भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है और बदहाल स्थिति में है।
मुशीर जैदी ने शहर की स्थिति के बारे में क्या कहा है?
उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उन्होंने बलिया की ऐसी वर्तमान दुर्दशा जैसी स्थिति कभी नहीं देखी थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 घंटे पहले

बलिया में करोड़ों डकार लिए और लोग गंदगी में जीने को मजबूर हैं। ऐसे अफसरों पर तो सीधा भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज होना चाहिए!

Rohan Verma@rohan-verma·14 घंटे पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। मुकदमा दर्ज होना तो दूर, इन भ्रष्ट अधिकारियों पर विभागीय जांच के नाम पर लीपापोती शुरू हो जाएगी।

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