मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। इस सनसनीखेज मामले में अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम की धाराएं जोड़ दी हैं। हालांकि इस घातक हमले के दौरान अभिनेता पूरी तरह सुरक्षित बच गए और उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई, लेकिन उनके वाहन के चालक और एक अन्य व्यक्ति को इस घटना में चोटें आई थीं। अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कुल 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह वारदात तब हुई जब अभिनेता खेलकूद की गतिविधि से लौट रहे थे, तभी अचानक हमलावरों ने निशाना बनाया। घायल होने वालों में उनका निजी ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक शामिल हैं जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
कानूनी शिकंजा और MCOCA की धाराएं
मुंबई पुलिस के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार DCB CID CR No. 143/26 मामले के तहत महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 के प्रावधानों को शामिल किया गया है। यह आपराधिक प्रकरण 19 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109(1), 3(5) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं 3 व 25 के अंतर्गत दर्ज किया गया था। सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के बाद इस गंभीर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। इसके पश्चात सभी नामजद आरोपियों पर मकोका की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) औपचारिक रूप से जोड़ दी गईं। कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने के लिए निरंतर छानबीन कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस आपराधिक षड्यंत्र के पीछे और कौन लोग शामिल हैं।
परिवहन नियमों में सख्ती और बाइक टैक्सी पर बयान
इस बीच प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर मंथन तेज हो गया है। महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक ने मीडिया को जानकारी दी कि इस घटना के प्रकाश में आने के बाद बाइक टैक्सी सेवाओं से जुड़े नियमों को और अधिक कड़ा किया जाएगा। इस प्रकरण से जुड़े एक आरोपी के बारे में यह बात सामने आई थी कि वह पहले रैपिडो के साथ ड्राइवर के रूप में कार्य कर चुका था, हालांकि वारदात के समय उसका कंपनी से कोई संबंध नहीं था। परिवहन आयुक्त के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में बाइक टैक्सी संचालन के लिए कड़े दिशा-निर्देश बनाने पर विचार किया गया। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि हर वर्ष ट्रांसपोर्ट लाइसेंस का अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाना चाहिए ताकि ऐसे तत्वों पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।
जुहू में हुई थी गोलीबारी की वारदात
यह पूरी घटना 18 अक्टूबर की शाम को पश्चिमी उपनगर के जुहू पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले पुष्पा पार्क के पास घटित हुई थी। अज्ञात बंदूकधारियों ने अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के जांच अधिकारी इस बात की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं कि इस हमले से ठीक पहले क्या कुछ गतिविधियां हुई थीं और हमलावरों का मुख्य उद्देश्य क्या था। अधिकारियों ने मीडिया के सामने इस बात को फिर से दोहराया कि अभिनेता इस घटना में पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की शारीरिक क्षति नहीं पहुंची है। पुलिस इस मामले में हथियार सप्लाई करने वाले अन्य संदिग्धों की भी धरपकड़ कर रही है और पूर्व में कुछ महिलाओं को भी हिरासत में लिया जा चुका है।





















