महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां वैवाहिक बंधन में बंधने के महज चार महीने के भीतर 23 वर्षीय नवविवाहिता संजना नीलेश शेजवळ की संदिग्ध हालात में जान चली गई। इस दुखद घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि संजना को शादी के बाद लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी, जिसके चलते उसकी जान गई।
सरकारी नौकरी के झूठे दावों पर खड़े हुए सवाल
मायके पक्ष के रिश्तेदारों का दावा है कि रिश्ते के वक्त नीलेश ने खुद को एक प्रतिष्ठित सरकारी अधिकारी बताया था। इसी भरोसे के आधार पर परिवार ने अपनी बेटी की शादी तय की थी। हालांकि, विवाह संपन्न होने के बाद सच्चाई सामने आई कि नीलेश असल में मेडिकल की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को विदेश भेजने वाली एक निजी कंसल्टेंसी फर्म में काम करता है। परिजनों का आरोप है कि नौकरी का असली सच उजागर होने के बाद घर में विवाद बढ़ने लगे और संजना को लगातार तानों और प्रताड़ना का शिकार बनाया जाने लगा।
कमरे में अचेत मिलीं, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
यह पूरा मामला छत्रपति संभाजीनगर के हडको क्षेत्र अंतर्गत एन-13 वानखेड़ेनगर का है। संजना का विवाह 4 जून को नीलेश शेजवळ के साथ हुआ था। 11 अक्टूबर की सुबह मकान की ऊपरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में संजना संदिग्ध अवस्था में पाई गईं। परिजन उन्हें तुरंत उपचार के लिए एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस अप्रत्याशित मौत से पूरे परिवार में मातम छा गया है।
बेगमपुरा पुलिस ने शुरू की गहन पड़ताल
घटना की सूचना मिलने के बाद बेगमपुरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संजना की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सीय जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा। पुलिस टीम परिजनों द्वारा लगाए गए प्रताड़ना और धोखेबाजी के आरोपों को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की हर पहलू से विस्तृत जांच कर रही है।



















