उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की बिसौली तहसील अंतर्गत फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र में आने वाले सीकरी गांव में प्रशासनिक अनुमति के बिना सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने के प्रयास ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। गांव में ईंटों का पक्का चबूतरा बनाकर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की कोशिश की जा रही थी। जब इस बात की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बिना किसी मंजूरी के हो रहे अवैध निर्माण कार्य को रोकने का प्रयास किया, तो वहां एकत्रित भीड़ भारी आक्रोश में आ गई। विरोध जता रहे लोगों ने अचानक पुलिस बल पर हमला कर दिया और देखते ही देखते भीषण पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में पुलिस गाड़ियां क्षतिग्रस्त और कई जवान घायल
विरोध प्रदर्शन के उग्र होने के साथ ही सीकरी गांव का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। अनियंत्रित भीड़ ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के वाहनों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ ईंट-पत्थर बरसाए। इस अचानक हुए हमले में पुलिस प्रशासन की कई गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और उनकी खिड़कियां तथा शीशे टूट गए। पथराव की सीधी चपेट में आने से कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। उपद्रवियों का उग्र रूप देखकर और मौके पर बिगड़ती स्थिति पर पूरी तरह काबू पाने के लिए पुलिस बल ने सख्त रवैया अपनाया।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए उग्र भीड़ पर लाठीचार्ज किया और उपद्रवियों को मौके से खदेड़ दिया। लाठीचार्ज के बाद गांव में भगदड़ मच गई और स्थिति धीरे-धीरे शांत हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपद्रव फैलाने और हिंसा में शामिल सात से अधिक उपद्रवियों को मौके से हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही, जिस प्रतिमा को लेकर यह पूरा विवाद उत्पन्न हुआ था, उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे विवादित स्थल से सुरक्षित निकालकर बिसौली थाने भिजवा दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पीएसी बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा और जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अविनाश राय स्वयं भारी पुलिस बल के साथ सीकरी गांव पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और कानून व्यवस्था का जायजा लिया। गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने और किसी भी सम्भावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है।
वर्तमान में सीकरी गांव में पुलिस और पीएसी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं और अधिकारियों के अनुसार स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है। प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कानून और व्यवस्था को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की विशेष टीमें स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पथराव तथा उपद्रव में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई हैं, ताकि उनके खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।



















