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बैंक ऑफ जापान सितंबर में 1.25 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है ब्याज दरें, विश्लेषकों ने दिए संकेतबाज़ार
26 अग॰ 2026, 7:49 am (1 घंटे पहले)· 2

बैंक ऑफ जापान सितंबर में 1.25 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है ब्याज दरें, विश्लेषकों ने दिए संकेत

एक ताजा आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 57 प्रतिशत विश्लेषकों का मानना है कि बैंक ऑफ जापान सितंबर में अपनी प्रमुख ब्याज दर बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर देगा। इसके साथ ही अगले साल मार्च तक दरों के 1.50 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।

जापान की मौद्रिक नीति को लेकर वित्तीय बाजार के अनुमानों में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है, जहां अर्थशास्त्रियों का एक बड़ा वर्ग अब बैंक ऑफ जापान द्वारा जल्द ही ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कर रहा है। 17 से 24 अगस्त के बीच किए गए एक व्यापक आर्थिक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 57 प्रतिशत विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक सितंबर में होने वाली अपनी आगामी बैठक में मुख्य ब्याज दर बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर देगा। यह नया अनुमान जुलाई में किए गए पिछले सर्वे की तुलना में एक बड़ा मोड़ दर्शाता है, जिससे संकेत मिलता है कि विशेषज्ञ अब जापान में मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के कदम तेजी से उठाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।

ब्याज दर में बढ़ोतरी और टर्मिनल रेट के अनुमान

सर्वेक्षण के विस्तृत आंकड़े बताते हैं कि जापानी केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में बढ़ोतरी की गति और सीमा को लेकर विश्लेषकों की राय पहले से अधिक सख्त हुई है। सितंबर में संभावित बढ़ोतरी के अलावा, सर्वे में शामिल 58 में से 10 अर्थशास्त्रियों के एक वर्ग का अनुमान है कि बैंक इसके बाद अक्टूबर या दिसंबर में ब्याज दर को और बढ़ाकर 1.50 प्रतिशत कर सकता है। इसके अतिरिक्त, 54 में से 35 विश्लेषकों (लगभग दो-तिहाई) का मानना है कि अगले वर्ष मार्च के अंत तक नीतिगत ब्याज दर कम से कम 1.50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। यह समयसीमा जुलाई के पोल में लगाए गए अनुमान से तीन महीने पहले की है, जो बाजार की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाती है।

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मध्यम अवधि के दृष्टिकोण पर नजर डालें तो लगभग 60 प्रतिशत उत्तरदाताओं का अनुमान है कि 2027 की तीसरी तिमाही के अंत तक नीतिगत दर कम से कम 1.75 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। जब अर्थशास्त्रियों से इस बढ़ोतरी चक्र के अंतिम स्तर यानी टर्मिनल रेट के बारे में अतिरिक्त सवाल पूछा गया, तो 36 में से 50 प्रतिशत विश्लेषकों ने 1.75 प्रतिशत को अंतिम स्तर बताया। जुलाई में केवल 19 प्रतिशत विश्लेषकों ने ही 1.75 प्रतिशत टर्मिनल रेट का समर्थन किया था, जिसके मुकाबले यह एक बड़ा उछाल है। इसी तरह, दरों के 2 प्रतिशत या उससे अधिक तक पहुंचने का अनुमान जताने वाले विशेषज्ञों का हिस्सा जुलाई के 23 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया है। इन आंकड़ों के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में USD/JPY करेंसी पेयर दिन के कारोबार के दौरान 0.17 प्रतिशत गिरकर 158.92 पर कारोबार करता नजर आया।

बैंक ऑफ जापान की ऐतिहासिक मौद्रिक नीति की पृष्ठभूमि

बैंक ऑफ जापान देश का केंद्रीय बैंक है, जिसकी मुख्य जिम्मेदारी बैंकनोट जारी करना और मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए मुद्रा व मौद्रिक नियंत्रण संचालित करना है। इसके तहत देश में 2 प्रतिशत के आसपास मुद्रास्फीति लक्ष्य हासिल करने का जनादेश शामिल है। लंबे समय से जारी अवस्फीति के दबाव से निपटने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2013 में एक बेहद उदार मौद्रिक नीति अपनाई थी। इस नीति का मुख्य आधार क्वांटिटेटिव एंड क्वालिटेटिव ईज़िंग (QQE) था, जिसके तहत सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड जैसी परिसंपत्तियों को खरीदने के लिए बड़े पैमाने पर नई मुद्रा छापी गई ताकि वित्तीय प्रणाली में नकदी का प्रवाह बढ़ाया जा सके।

वर्ष 2016 में केंद्रीय बैंक ने अपनी इस नीति को और विस्तार देते हुए नकारात्मक ब्याज दर प्रणाली लागू की और 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड के प्रतिफल को सीधे नियंत्रित करने के लिए यिल्ड कर्व कंट्रोल व्यवस्था शुरू की। लगभग एक दशक तक चली इस अत्यधिक उदार नीति के बाद, मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की और अपनी पुरानी मौद्रिक नीति से पीछे हटने की औपचारिक शुरुआत की।

येन की गिरावट, वेतन वृद्धि और मुद्रास्फीति के कारक

केंद्रीय बैंक के इस लंबे प्रोत्साहन कार्यक्रम का असर जापानी येन पर पड़ा और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2022 और 2023 के दौरान यह गिरावट और तेज हो गई, क्योंकि बैंक ऑफ जापान की शून्य के करीब दरों की नीति और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के कड़े रुख के बीच बड़ा अंतर आ गया था। जहां अन्य वैश्विक बैंकों ने दशकों की उच्चतम मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी की, वहीं जापानी केंद्रीय बैंक अपनी दरों को निचले स्तर पर बनाए रखा। इस कारण पैदा हुए ब्याज दर अंतर ने येन के मूल्य को नीचे धकेल दिया, हालांकि 2024 में बैंक द्वारा उदार नीति छोड़ने के बाद इस स्थिति में आंशिक सुधार देखा गया।

कमजोर येन और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में आई तेजी के कारण जापान में मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल गई। इसके साथ ही देश में कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की संभावना ने भी मुद्रास्फीति को बल दिया है, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए आने वाले समय में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करने की जमीन तैयार हुई है।

वैश्विक मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख हलचलें

अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव का असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी देखने को मिला है। GBP/USD करेंसी पेयर ने सोमवार की गिरावट से उबरते हुए मंगलवार को मामूली बढ़त दर्ज की। हालांकि, केबल की यह सीमित बढ़त 1.3650 के प्रतिरोध क्षेत्र के आसपास थम गई, जहां अमेरिकी डॉलर पर हल्का बिकवाली का दबाव बना हुआ था।

दूसरी ओर, EUR/USD पेयर वॉल स्ट्रीट पर मंगलवार की बंदी के बाद 1.1670 के स्तर के आसपास मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इस बढ़त के साथ यूरो ने पिछले दो दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और 1.1700 के स्तर पर अपनी नजर बनाए रखी। बाजार की नजर अब आने वाले अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों और दूसरी तिमाही के संशोधित जीडीपी आंकड़ों पर टिकी है।

सोने के बाजार की स्थिति और भावी रुझान

कीमती धातुओं के बाजार में बुधवार सुबह सोने का भाव 4,650 डॉलर के आसपास सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। मंगलवार को आए उतार-चढ़ाव के बाद व्यापारी अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पथ के संकेतों के लिए आने वाले पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन आंकड़ों का सीधा असर अमेरिकी डॉलर और सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदों, कच्चे तेल की घटती कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और फेड द्वारा तुरंत दरें बढ़ाने की कम होती संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनाया है। माना जा रहा है कि इन कारणों से सोने को निचले स्तरों पर सहारा मिल सकता है और इसकी गिरावट सीमित रह सकती है।

सवाल-जवाब

सितंबर में बैंक ऑफ जापान से क्या ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद है?
अर्थशास्त्रियों के सर्वे के अनुसार 57 प्रतिशत विशेषज्ञों को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान सितंबर में अपनी ब्याज दर बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर देगा।
अगले साल मार्च तक नीतिगत दर कहां तक पहुंचने का अनुमान है?
सर्वे में शामिल लगभग दो-तिहाई विश्लेषकों (54 में से 35) का मानना है कि अगले साल मार्च के अंत तक ब्याज दर कम से कम 1.50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
विश्लेषकों के अनुसार टर्मिनल रेट क्या हो सकता है?
सर्वे में शामिल 50 प्रतिशत विशेषज्ञों ने 1.75 प्रतिशत को टर्मिनल रेट माना है, जबकि 36 प्रतिशत का मानना है कि दरें 2 प्रतिशत या उससे अधिक तक जा सकती हैं।
हाल के वर्षों में जापानी येन में भारी गिरावट क्यों आई थी?
बैंक ऑफ जापान की अति-उदार नीति और 2022-2023 में अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा दरें बढ़ाने से बने ब्याज दर अंतर के कारण येन कमजोर हुआ था।
दर बढ़ोतरी के अनुमानों पर USD/JPY की क्या प्रतिक्रिया रही?
बाजार द्वारा दर बढ़ोतरी की संभावनाओं को आंकने के बीच USD/JPY करेंसी पेयर दिन के कारोबार में 0.17 प्रतिशत गिरकर 158.92 पर आ गया।
सोने की कीमतों को इस समय कौन से कारक प्रभावित कर रहे हैं?
सोना 4,650 डॉलर के स्तर के पास बना हुआ है, जहां व्यापारी अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों, बॉन्ड यील्ड और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की खबरों पर नजर रखे हुए हैं।
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