सिरोही में आगामी नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं, लेकिन मतदान से बहुत पहले ही भारतीय जनता पार्टी के भीतर गुटबाजी और विरोध के सुर फूट पड़े हैं। पार्टी के अंदर टिकट वितरण की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर तेज हो चुका है। पार्टी से जुड़े निंबाराम देवासी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और इसके बहाने पार्टी के भीतर चल रही कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है। इस अभियान के प्रभारी के साथ-साथ युवा मोर्चा के अध्यक्ष की भूमिका को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है, जिससे स्थानीय राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
यह पूरा विवाद तब सामने आया जब भाजपा नगर मंडल सिरोही के आधिकारिक या आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप में निंबाराम देवासी ने एक तीखा कमेंट पोस्ट किया। यह संदेश अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल टिप्पणी में उन्होंने आने वाले नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर पार्टी के भीतर की मौजूदा स्थिति और रणनीतिक कमजोरियों पर खुलकर सवाल उठाए हैं। चूंकि यह मामला उम्मीदवारों के आधिकारिक टिकट वितरण से ठीक पहले का है, इसलिए इस टिप्पणी को चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी के भीतर चल रही भारी खींचतान और असंतोष का प्रमाण माना जा रहा है। स्थानीय कार्यकर्ता और नेता इस घटनाक्रम के बाद से अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
अभियान और सांगठनिक नेतृत्व पर सीधा प्रहार
निंबाराम देवासी ने अपनी सोशल मीडिया टिप्पणी में मुख्य रूप से एक पेड़ मां के नाम अभियान को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस विशेष अभियान के प्रभारी और युवा मोर्चा के अध्यक्ष की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधा है। अपनी इस टिप्पणी के माध्यम से उन्होंने चुनावी समर के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की वास्तविक भूमिका और उनकी जमीनी पकड़ के महत्व को रेखांकित किया है। देवासी ने ग्रुप चैट में स्पष्ट रूप से लिखा कि यह स्थिति सिरोही नगर निकाय चुनाव में पार्टी की हार का मुख्य कारण बन सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव हमेशा समर्पित कार्यकर्ताओं के अनुभव और धरातल पर उनकी मजबूत पकड़ के बल पर जीते जाते हैं, न कि किसी अन्य माध्यम या दलालों के सहारे। इस तरह की खुली बयानबाजी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीतियों को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है और हर कोई इस आंतरिक कलह के परिणामों पर नजर गड़ाए हुए है.
सिर्फ एक व्यक्ति के कारण हाथ से निकल सकता है बोर्ड
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब निंबाराम देवासी ने अपनी टिप्पणी में एक और बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि केवल एक व्यक्ति की वजह से सिरोही निकाय का पूरा बोर्ड हाथ से चला जाएगा। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने आगामी चुनाव में पार्टी की जीत की संभावनाओं को लेकर अपनी गहरी चिंता और नाराजगी जाहिर की है। हालांकि, अभी तक पार्टी की तरफ से आधिकारिक रूप से टिकटों का वितरण नहीं किया गया है और न ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की तस्वीर पूरी तरह साफ हुई है। इसके बावजूद, इस प्रकार के बयानों ने चुनाव से ठीक पहले सिरोही की स्थानीय भाजपा में अंदरूनी राजनीति को गरमा दिया है और विपक्ष को भी इस मुद्दे पर बात करने का मौका मिल गया है। पार्टी के भीतर की यह खटास अब आम चर्चा का विषय बन चुकी है और हर कोई इसके राजनीतिक दूरगामी प्रभावों का आकलन करने में जुटा हुआ है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आंतरिक संदेश
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम तब उजागर हुआ जब भाजपा नगर मंडल सिरोही के एक आंतरिक ग्रुप में की गई टिप्पणी का स्क्रीनशॉट बाहर आ गया। ग्रुप में लिखा गया यह संदेश अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है। इसके बाद से नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर सिरोही भाजपा के भीतर चल रही गुटबाजी और अंतर्विरोध पर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक तरफ जहां पार्टी संगठन आगामी निकाय चुनावों को जीतने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी से जुड़े लोगों द्वारा ही कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, जमीनी पकड़ के अभाव और अभियानों के संचालन पर सवाल उठाए जाने से नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टिकट वितरण से पहले ही इस तरह के खुले विरोध के सामने आने से सिरोही की राजनीतिक फिजा में गर्माहट आ गई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी आलाकमान इस स्थिति से किस प्रकार निपटता है.




















