चेन्नई के नोलांबुर इलाके में सिगरेट को लेकर हुई एक मामूली बहस ने एक मजदूर की जान ले ली। पुलिस के मुताबिक चार नशे में धुत युवकों ने विवाद बढ़ने पर लकड़ी के डंडे से 62 वर्षीय मजदूर पर हमला कर दिया, जिसमें बुरी तरह घायल मजदूर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कौन था मृतक मजदूर
मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले एन. अभिजीत मंडल के रूप में हुई है। वह नोलांबुर के गजलक्ष्मी नगर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी करते थे और आसपास ही रहते थे। पुलिस के मुताबिक शनिवार को रात 10:15 बजे के आसपास चार स्थानीय युवक वहां पहुंचे और उनसे सिगरेट देने की मांग करने लगे।
सिगरेट से इनकार करना बना विवाद की वजह
मंडल ने युवकों को सिगरेट देने से मना कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। पुलिस का कहना है कि गुस्से में आए चारों युवकों ने वहीं जमीन पर पड़ा एक लकड़ी का डंडा उठाया और मंडल पर वार करना शुरू कर दिया। हमले के दौरान पास खड़ी एक साइकिल भी उठाकर उन पर दे मारी गई। इसके बावजूद आरोपी रुके नहीं और लगातार उन्हें पीटते रहे।
सिर और शरीर पर लगीं गंभीर चोटें, अस्पताल में तोड़ा दम
इस बर्बर हमले में मंडल के सिर सहित शरीर के कई हिस्सों पर गहरी चोटें आ गईं। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें सरकारी किलपॉक मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। हालत लगातार बिगड़ती गई और रविवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने चारों को हिरासत में लिया
घटना की जानकारी मिलते ही नोलांबुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और हत्या का केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। छानबीन के बाद पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पहले आरोपी की पहचान वी. वसीगरन के तौर पर हुई है, जिनकी उम्र 18 साल है। दूसरे आरोपी आर. अजय की उम्र भी 18 साल है, जबकि तीसरे आरोपी एस. गोकुल राज की उम्र भी 18 साल बताई गई है। चौथे आरोपी का नाम आर. सबरी है।
पूछताछ में सामने आया नशे का कनेक्शन
शुरुआती पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वारदात के वक्त चारों आरोपी नशे की हालत में थे। मामूली बात पर बहस बढ़ने के बाद उन्होंने मजदूर पर हमला बोल दिया। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी कड़ी सामने आ सके। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में मजबूत सबूतों के साथ पेश होकर कड़ी सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।



















