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दिल्ली हाईकोर्ट से स्वतंत्र भारद्वाज को झटका, जंतर-मंतर मारपीट मामले में हुई चौदह दिन की जेलअपराध
7 सित॰ 2026, 10:10 pm (51 दिन पहले)· 1

दिल्ली हाईकोर्ट से स्वतंत्र भारद्वाज को झटका, जंतर-मंतर मारपीट मामले में हुई चौदह दिन की जेल

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद अदालत ने उन्हें चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने के मामले में घिरे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी कानूनी असफलता का सामना करना पड़ा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इस न्यायिक फैसले के बाद एक स्थानीय अदालत ने उन्हें चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया है। अब वह आगामी इक्कीस सितंबर तक हिरासत में रहेंगे। दूसरी तरफ, कॉकरोच जनता पार्टी और उनके प्रवक्ता सौरव दास ने इस अदालती कदम का स्वागत किया है।

न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका तर्क था कि देश की शीर्ष अदालत पहले ही इस तरह के मामलों से जुड़ी प्राथमिकी को रद्द कर चुकी है। इसके बावजूद दिल्ली पुलिस उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुंची और वहां से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेकर दिल्ली आ गई। बचाव पक्ष का यह भी कहना था कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद इस प्रकार की कार्रवाई करना पूरी तरह से अनुचित और कानून के विपरीत है।

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बचाव पक्ष की इन दलीलों का कड़ा विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। पुलिस ने अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा कि जिस विशेष प्राथमिकी के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है, उसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द नहीं किया गया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस अधिकारियों से यह बताने को कहा कि क्या वह कानूनी दस्तावेज अभी भी वैध रूप से अस्तित्व में है या नहीं। अदालत ने इस विषय पर एक लिखित हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।

स्वतंत्र भारद्वाज को चार सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था और तुरंत राजधानी लाया गया था। अगले दिन पांच सितंबर को एक अन्य अदालत ने पुलिस को पूछताछ के वास्ते एक दिन की हिरासत की मंजूरी दी थी। पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर की अदालत के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद मजिस्ट्रेट ने उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाते हुए इक्सठ सितंबर तक जेल भेज दिया।

इस कानूनी घटनाक्रम के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि अदालत ने याचिका खारिज कर दी है और आरोपी को चौदह दिन के लिए जेल भेज दिया है। उनके अनुसार यह न्याय पसंद लोगों के लिए एक बड़ी जीत है।

यह पूरा कानूनी विवाद जून महीने के दौरान जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के समय हुई हिंसक घटना से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्र भारद्वाज पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता संजय कुमार उर्फ संजय आजाद पर हमला करने का गंभीर आरोप है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट का हिस्सा प्रसारित हुआ। उस वीडियो क्लिप में आरोपी ने यह स्वीकार किया था कि उसने प्रदर्शन के वक्त पीड़ित के सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई थी। हालांकि बाद में आरोपी पक्ष की ओर से यह सफाई दी गई थी कि यह सब उसने अपनी सुरक्षा में किया था।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिक सूचना रिपोर्ट में और भी सख्त धाराएं जोड़ दीं। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती चोटें भले ही सामान्य प्रकृति की थीं जो स्टील के कड़े से लगी थीं, लेकिन बाद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं भी शामिल कर दी गईं। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम के तहत एक अन्य मामला भी दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक किशोर छात्र कार्यकर्ता की शिकायत पर की गई थी, जिसमें उसने ऑनलाइन माध्यमों से धमकी दिए जाने और परेशान करने का आरोप लगाया था।

सवाल-जवाब

स्वतंत्र भारद्वाज को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
उन्हें जून महीने में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर क्या फैसला सुनाया?
हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देने वाली हैबियस कॉर्पस याचिका को खारिज कर दिया।
स्वतंत्र भारद्वाज को कितनी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है?
अदालत ने उन्हें चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है जिसके तहत वह इक्कीस सितंबर तक जेल में रहेंगे।
इस मामले में कौन सा राजनीतिक दल प्रतिक्रिया दे रहा है?
कॉकरोच जनता पार्टी और उसके प्रवक्ता सौरव दास ने इस फैसले का स्वागत किया है।
पुलिस ने प्राथमिकी में कौन सी अतिरिक्त धाराएं जोड़ी हैं?
पुलिस ने मामले में एससी/एसटी एक्ट, आपराधिक धमकी और पॉक्सो एक्ट से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी हैं।
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