फ्रिज में जब सब्जियां कम बचें और खाने में कुछ चटपटा-तीखा खाने का मन करे, तो राजस्थान की मशहूर दही मिर्ची इसका आसान हल बन सकती है। मोटी हरी मिर्च, गाढ़ा दही और देसी मसालों का तड़का मिलकर इसे बेहद स्वादिष्ट बना देते हैं, और सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में सिर्फ करीब 10 मिनट लगते हैं। फूड क्रिएटर रश्मि जैन ने इंस्टाग्राम पर इसकी सिंपल रेसिपी शेयर की है, जिसे कोई भी घर पर आसानी से ट्राई कर सकता है।
रोज-रोज एक जैसी सब्जी खाकर मन ऊब गया हो, तो यह डिश रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ खाने का स्वाद पूरी तरह बदल देती है।
मिर्च चुनते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
दही मिर्ची में असली स्वाद मिर्च के सही चुनाव से आता है। बहुत तीखी मिर्च की बजाय मोटी और हल्के-मध्यम तीखेपन वाली हरी मिर्च चुनना बेहतर रहता है, ताकि सब्जी बहुत तीखी न बने। मिर्च को इस्तेमाल करने से पहले पानी से धोकर सुखा लेना जरूरी है ताकि उसमें नमी न रह जाए। इसके बाद हर मिर्च को बीच से चीरा लगाकर लंबाई में दो या चार टुकड़ों में काट लेना चाहिए। घर में जिन्हें तीखा खाना पसंद नहीं, वे मिर्च के अंदर के बीज निकालकर तीखापन कम कर सकते हैं।
दही में मसाले मिलाने का सही तरीका
इसके बाद बारी आती है दही का मसालेदार घोल तैयार करने की। एक कटोरी में ताजा और हल्का गाढ़ा दही लेकर उसमें हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नमक और थोड़ा-सा सौंफ पाउडर मिलाया जाता है। इन सबको अच्छी तरह फेंटना जरूरी है ताकि दही में कोई गांठ न बचे। यहां एक बात का खास ख्याल रखना चाहिए, अगर दही बहुत ज्यादा खट्टा हुआ तो सब्जी का स्वाद तीखा और खट्टा दोनों हो सकता है, इसलिए हल्के खट्टेपन वाला ताजा दही चुनना ही सही रहता है।
तड़के में छिपा है असली राजस्थानी स्वाद
अब कड़ाही में करीब दो चम्मच तेल डालकर गर्म करें। तेल गरम होते ही उसमें जीरा, राई, हींग, कलौंजी और सौंफ डालकर तड़का तैयार करें। मसाले चटकते ही किचन में इसकी खुशबू फैलने लगती है, और यहीं से इस डिश का असली देसी अंदाज उभरना शुरू होता है। इसी तड़के में कटी हुई हरी मिर्च डालकर मध्यम आंच पर करीब दो से तीन मिनट तक भूनना चाहिए। ध्यान रहे, मिर्च को पूरी तरह मुलायम करने की जरूरत नहीं, हल्का क्रंच बचा रहे तो सब्जी का स्वाद और बेहतर लगता है।
दही डालते वक्त बरतें यह सावधानी
मिर्च के हल्का भुन जाने के बाद गैस की आंच धीमी कर देना बेहद जरूरी है। इसके बाद तैयार दही-मसाला मिश्रण कड़ाही में डालकर तुरंत चलाना शुरू कर दें। अगर तेज आंच पर दही डाला गया तो वह फट सकता है, इसलिए इस स्टेप में धीमी आंच ही सही तरीका है। करीब दो मिनट तक लगातार चलाते हुए इसे पकने दें। जैसे ही मसाला थोड़ा गाढ़ा दिखने लगे और किनारों पर तेल छूटने लगे, समझ लें कि सब्जी लगभग बनकर तैयार है।
परोसने से पहले यह आखिरी कदम न भूलें
इसके बाद कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर दो से तीन मिनट और पकने दें, इससे सारे मसाले मिर्च के अंदर तक अच्छी तरह समा जाते हैं। ग्रेवी को अपनी पसंद के मुताबिक पतला या गाढ़ा रखा जा सकता है। गैस बंद करने के तुरंत बाद परोसने के बजाय, बर्तन को एक मिनट ढककर रखा जाए तो मसालों का स्वाद और भी बेहतर तरीके से घुल जाता है। इस तरह महज 10 मिनट में तैयार यह राजस्थानी दही मिर्ची रोटी, पराठे या दाल-चावल किसी के भी साथ परोसी जा सकती है।


















