राजस्थान के डूंगरपुर जिले में वरदा थाना पुलिस ने राहगीरों और मुसाफिरों को अपनी गाड़ी में लिफ्ट देकर हथियार के बल पर लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने इस मामले में सक्रिय कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को दबोचा है। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त ईको गाड़ी, यात्रियों को डराने के लिए इस्तेमाल किया गया चाकू, तीन मोबाइल फोन तथा 58 हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली गई है। यह गिरोह रात के सन्नाटे में बस स्टैंड के आसपास खड़े उन मुसाफिरों को अपना शिकार बनाता था, जो देर रात किसी साधन के इंतजार में खड़े रहते थे। गाड़ी में बैठाने के बाद आरोपी उन्हें सुनसान रास्ते पर ले जाकर मारपीट करते थे और चाकू दिखाकर उनका सारा सामान लूट लेते थे।
सवारी के बहाने सुनसान इलाकों में ले जाकर मारपीट
वरदा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव के अनुसार, गिरोह के सदस्य बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। रात के समय जब सार्वजनिक परिवहन के साधन कम हो जाते थे, तब आरोपी बस अड्डों के बाहर वाहन तलाश रहे मुसाफिरों के पास अपनी ईको गाड़ी लेकर पहुंचते थे। वे यात्रियों को गंतव्य तक छोड़ने का झांसा देकर गाड़ी में सवार कर लेते थे। इसके बाद गाड़ी को मुख्य मार्ग से हटाकर सुनसान और वीरान रास्तों की तरफ मोड़ दिया जाता था। वहां पहुंचकर बदमाश यात्रियों के साथ अचानक मारपीट शुरू कर देते थे और चाकू की नोक पर उनका पर्स, मोबाइल फोन, नकदी और एटीएम कार्ड छीन लेते थे। अचानक हुए इस हमले और सुनसान जगह के कारण पीड़ितों को न तो संभलने का अवसर मिलता था और न ही वे किसी से मदद की गुहार लगा पाते थे।
लगातार दो मामलों के बाद गठित हुई विशेष जांच टीम
वरदा थाना क्षेत्र के भीतर 2 सितंबर और उसके बाद 3 अक्टूबर को यात्रियों के साथ इसी तरीके से लूटपाट की दो गंभीर वारदातें सामने आई थीं। दोनों ही घटनाओं में अज्ञात बदमाशों ने मुसाफिरों के नकदी, पर्स और कीमती मोबाइल फोन लूट लिए थे। इन वारदातों के सामने आने के बाद वरदा थाने में दो अलग-अलग आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए। जिले में बढ़ती ऐसी घटनाओं की गंभीरता को भांपते हुए थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की एक विशेष जांच टीम तैयार की गई। टीम ने अपराध स्थलों का बारीकी से मुआयना किया, आसपास के मार्गों के सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए और तकनीकी साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण शुरू किया। इसके साथ ही क्षेत्र में मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई।
मौज-मस्ती और शराब पार्टी में उड़ाते थे लूटी गई रकम
सघन तलाशी अभियान और तकनीकी सुरागों की मदद से पुलिस ने अंततः गिरोह की पहचान कर पांचों आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी इन आपराधिक वारदातों को किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि अपने महंगे शौक पूरे करने और शराब पार्टियों के लिए अंजाम देते थे। लूटी गई रकम को वे आपस में बांटकर अय्याशी में खर्च कर डालते थे। आरोपियों के पास से बरामद की गई 58 हजार रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, चाकू और ईको गाड़ी को पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया है।
जिले के कई अन्य मार्गों पर भी की थीं वारदातें
थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव ने बताया कि गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जिले के कई अन्य इलाकों में भी इसी तरह की लूट की घटनाएं स्वीकार की हैं। गिरोह ने रणसागर, तीजवड़ और खेमारू रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर राहगीरों से लूटपाट करने की बात कबूल की है। पुलिस अब इन सभी मामलों को लेकर आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इस गिरोह ने जिले और आसपास के क्षेत्रों में अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है तथा क्या इस संगठित नेटवर्क में कुछ अन्य सहयोगी या खरीदार भी शामिल हैं।


















