ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने सबको सकते में डाल दिया है। यहां एक युवती को जब जहरीले सांप ने डस लिया, तो वह सामान्य तरीके से इलाज कराने के बजाय उस खतरनाक और जिंदा कोबरा को ही अपने साथ लेकर अस्पताल पहुंच गई। युवती के हाथ में कोबरा को लहराते देख वहां मौजूद चिकित्साकर्मियों, मरीजों और उनके तीमारदारों के होश उड़ गए। यह अजीबोगरीब घटना बारीपदा स्थित पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में घटी है। गनीमत यह रही कि समय पर चिकित्सा मिलने के कारण अब पीड़िता की हालत खतरे से बाहर और पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।
पिता के साथ रेस्क्यू करने गई थी युवती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब सौम्या नाम की युवती अपने पिता के साथ किसी घर से एक जहरीले कोबरा का रेस्क्यू करने गई थी। उनका मुख्य उद्देश्य उस बेजुबान जीव को सुरक्षित तरीके से पकड़कर मानव बस्ती से दूर जंगल या सुरक्षित स्थान पर छोड़ना था। दोनों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद उस कोबरा को पकड़ भी लिया था और उसे काबू में कर लिया था। इसके बाद वे उस सांप को एक प्लास्टिक के डिब्बे के अंदर सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में जुटे हुए थे ताकि उसे आसानी से ले जाया जा सके।
डिब्बे में रखते समय हुआ हादसा
सांप को डिब्बे में बंद करने की इस कोशिश के दौरान अचानक अनहोनी हो गई। प्लास्टिक का वह डिब्बा हाथ से फिसलकर सीधा जमीन पर जा गिरा। डिब्बे के गिरने से कोबरा बुरी तरह भड़क गया और उसने गुस्से में आकर सौम्या के दाहिने हाथ की एक उंगली पर जोर से काट लिया। कोबरा जैसा जहरीला सांप यदि डस ले तो स्थिति पलक झपकते ही बेहद गंभीर हो सकती है। हालांकि, उस कठिन परिस्थिति में भी सौम्या ने सूझबूझ दिखाते हुए यह फैसला किया कि वह डॉक्टरों को सांप की सही प्रजाति बताएगी ताकि वे सटीक एंटीवेनम दे सकें। इसी मंशा से उसने उस जिंदा सांप को अपने साथ उठाया और सीधे अस्पताल की तरफ रवाना हो गई।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
जब सौम्या हाथ में जिंदा कोबरा थामे हुए अस्पताल के अंदर दाखिल हुई, तो वहां मौजूद लोगों के बीच कोहराम मच गया। जहरीले सांप को इस तरह खुलेआम घूमते देख आसपास खड़े लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और कुछ पलों के लिए अस्पताल परिसर में भारी भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। डॉक्टरों और अन्य चिकित्साकर्मियों के लिए भी यह एक बिल्कुल अप्रत्याशित और चौंकाने वाला अनुभव था। हालांकि, बिना समय गंवाए चिकित्सकों ने तुरंत अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाई और सौम्या का तत्काल इलाज शुरू किया। वर्तमान में डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी सेहत पर पैनी नजर बनाए हुए है और उसकी हालत पूरी तरह स्थिर है।



















