गुजरात के कच्छ जिले से एक अत्यंत विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहां 14 वर्ष की एक किशोरी ने अपने ही माता-पिता के खिलाफ शारीरिक प्रताड़ना और गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए माता-पिता के विरुद्ध यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण यानी पोक्सो कानून समेत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच शुरू कर दी है.
अंजार क्षेत्र का है पूरा घटनाक्रम
यह मामला कच्छ जिले के अंजार क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. किशोरी यहां एक रिहायशी इलाके में अपने माता-पिता और तीन बहनों के साथ रहती थी. मूल रूप से किसी दूसरे राज्य से ताल्लुक रखने वाला यह परिवार पिछले लगभग छह वर्षों से गुजरात में निवास कर रहा था. शिकायत के अनुसार, परिवार के भीतर चल रहा यह भयावह विवाद सितंबर महीने के मध्य में अचानक भड़क उठा था.
फोन पर बातचीत के बाद शुरू हुआ विवाद
नाबालिग लड़की द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के विवरण के अनुसार, 14 सितंबर को वह फोन पर आगरा के अपने एक पुरुष मित्र से बातचीत कर रही थी. उसकी मां ने इस बातचीत को सुन लिया और उससे फोन पर बात करने को लेकर सवाल-जवाब करने लगी. जब लड़की के पिता काम से घर लौटे, तो मां ने उन्हें पूरी बात बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी एक लड़के से बात कर रही थी और उसके साथ संबंध में थी.
कमरे में बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का आरोप
शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि यह सुनते ही पिता अत्यधिक क्रोधित हो गए. उन्होंने लड़की के साथ गंभीर मारपीट की और उसे जबरन घर के एक कमरे में बंद कर दिया. किशोरी का कहना है कि उसे कई घंटों तक भोजन और पानी से वंचित रखा गया तथा लगातार पीटा गया. पीड़िता ने आगे गंभीर आरोप लगाया कि इसके बाद आने वाले दिनों में मां की मौजूदगी में पिता ने घर के भीतर कई मौकों पर उसका यौन उत्पीड़न किया. इसके अलावा, कथित यौन उत्पीड़न की घटनाओं के दौरान मां द्वारा उसकी आपत्तिजनक और निर्वस्त्र तस्वीरें खींचे जाने का भी आरोप है.
बुआ के घर से हेल्पलाइन पर संपर्क का प्रयास
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उस पर यह अत्याचार अलग-अलग तारीखों में लगातार जारी रहा, जिसमें 20 सितंबर और 29 सितंबर के दिन भी शामिल थे. 29 सितंबर को पीड़िता किसी तरह उसी आवासीय परिसर में रहने वाली अपनी बुआ के घर पहुंचने में सफल रही. वहां उसने अपनी बुआ के फोन का इस्तेमाल करते हुए 112 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क साधने का प्रयास किया. हालांकि, लड़की का आरोप है कि माता-पिता ने बीच में आकर उससे फोन छीन लिया और उसे जबरन घसीटते हुए वापस अपने घर ले गए, जहां उसे दोबारा कमरे में कैद कर दिया गया. इसके बाद अंततः मामला पुलिस तक पहुंचा और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई.



















