राजस्थान के जोधपुर शहर में कानून व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला सीमा से बाहर निकाले गए तड़ीपार अपराधी पवन सोलंकी की एक विवादित तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई। इस फोटो में वह देश के चर्चित गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ खड़ा नजर आ रहा है। यह फोटो पवन सोलंकी के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट की गई है। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें अलर्ट हो गई हैं और मामले की तहकीकात में जुट गई हैं।
वायरल तस्वीर और पुलिस की पड़ताल
फोटो के सार्वजनिक होते ही सुरक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है। पुलिस अधिकारियों की प्राथमिक प्राथमिकता यह पता लगाना है कि यह तस्वीर हाल ही के दिनों की है या फिर काफी पुरानी है। इसके साथ ही इस बात की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि अगर यह फोटो पुरानी है, तो इसे इस खास समय पर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के पीछे क्या मकसद हो सकता है। खुफिया एजेंसियां इस पहलू पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि क्या इसके जरिए स्थानीय स्तर पर दहशत फैलाने या अपना प्रभाव दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।
कौन है पवन सोलंकी और क्या है उसका आपराधिक बैकग्राउंड?
जोधपुर का रहने वाला पवन सोलंकी पुलिस रिकॉर्ड में एक शातिर अपराधी के रूप में दर्ज है। उसे लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का बेहद करीबी और सक्रिय गुर्गा माना जाता रहा है। सोलंकी पर पहले भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग को लॉजिस्टिकल और प्रत्यक्ष मदद पहुंचाने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। इन्हीं आपराधिक गतिविधियों और गिरोह को संरक्षण देने के आरोपों के तहत अतीत में पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर चुकी है और उसे कई बार जेल भी जाना पड़ा है।
तड़ीपार आदेश के बावजूद सोशल मीडिया पर सक्रियता
आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से ही प्रशासन ने कानूनी प्रक्रियाओं के तहत पवन सोलंकी को जोधपुर जिले की सीमा से बाहर रहने यानी तड़ीपार करने के आदेश जारी किए थे। इस प्रतिबंध का मतलब है कि वह जोधपुर शहर या जिले की सीमा में दाखिल नहीं हो सकता। इसके बावजूद सोशल मीडिया मंच पर उसके नाम से हुई इस गतिविधि ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।
पुलिस अब इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि जिस इंस्टाग्राम अकाउंट से फोटो साझा की गई है, उसे खुद पवन सोलंकी चला रहा है या फिर कोई अन्य व्यक्ति इसे नियंत्रित कर रहा है। साइबर सेल की मदद से अकाउंट के डिजिटल फुटप्रिंट्स और आईपी एड्रेस को ट्रैक किया जा रहा है।
मौजूदा लोकेशन और आगे की कानूनी कार्रवाई
जोधपुर पुलिस और राजस्थान की खुफिया एजेंसियां अब संयुक्त रूप से इस पूरे मामले के तार जोड़ने में लगी हैं। सोलंकी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है और उसके हालिया संपर्कों पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तड़ीपार होने के बाद वह इस वक्त किस स्थान पर पनाह लिए हुए है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार डिजिटल और मैदानी जांच के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


















