नवी मुंबई में अंजाम दी गई लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के हीरे और सोने के गहनों की सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गुप्त सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस अंतरराज्यीय गिरोह के कथित सरगना को पूर्वी चंपारण जिले से गिरफ्तार कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए बिहार भाग आया था, जहां वह स्थानीय ठिकानों में छिपा हुआ था।
पूर्वी चंपारण में बिछाया गया जाल
नवी मुंबई में हुई इस विशाल लूट की वारदात सामने आते ही स्थानीय पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की थी। जांच प्रक्रिया के दौरान मिले डिजिटल सुरागों और सर्विलांस इनपुट के जरिए पुलिस को पता चला कि मुख्य साजिशकर्ता महाराष्ट्र से फरार होकर बिहार में शरण लिए हुए है। इसके बाद बिहार STF को तुरंत सतर्क किया गया। स्पेशल टास्क फोर्स ने पूर्वी चंपारण की स्थानीय पुलिस टीम के साथ समन्वय बनाकर एक संयुक्त छापेमारी दल गठित किया और आरोपी के गुप्त ठिकाने की घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
ट्रांजिट रिमांड और महाराष्ट्र पुलिस को हस्तांतरण
गिरफ्तारी के तुरंत बाद कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की गई। बिहार STF और स्थानीय पुलिस प्रशासन आरोपी को महाराष्ट्र पुलिस के हवाले करने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई और अदालती प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। आरोपी की कस्टडी मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की टीम उसे नवी मुंबई लेकर जाएगी, ताकि मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा सके।
लूटे गए सामान की बरामदगी और पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सरगना से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच टीम का मुख्य ध्यान वारदात में शामिल अन्य सह-आरोपियों की पहचान करने, आपराधिक साजिश के ताने-बाने को समझने और करीब एक करोड़ रुपये के कीमती डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी की सटीक लोकेशन का पता लगाने पर केंद्रित है। पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह का नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।
अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय की भूमिका
नवी मुंबई से बिहार तक फैले इस लूटकांड की जांच में दो राज्यों की पुलिस और विशेष एजेंसियों का समन्वय बेहद अहम साबित हुआ। आरोपी का मानना था कि राज्य की सीमा पार कर जाने से वह सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच से दूर हो जाएगा। हालांकि, त्वरित तकनीकी विश्लेषण और दोनों राज्यों की पुलिस एजेंसियों के बीच त्वरित तालमेल ने आरोपी के मंसूबों पर पानी फेर दिया। फिलहाल, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।



















