दिल्ली के अपराध जगत में मोस्ट वांटेड की सूची में शुमार गैंगस्टर कपिल सांगवान का आपराधिक साम्राज्य आज राष्ट्रीय सीमाओं के पार तक फैल चुका है। लगभग 12 साल पहले तक एक साधारण छात्र जीवन जी रहा यह शख्स आज ब्रिटेन की राजधानी लंदन में बैठकर पूरे दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान में हत्या, रंगदारी और डकैती जैसी खौफनाक वारदातों की साजिश रच रहा है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों का दबाव बढ़ने पर बीते वर्ष महाराष्ट्र पुलिस ने उस पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत शिकंजा कसा था, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी धरपकड़ सुनिश्चित करने के लिए इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है। विदेश पहुंचने के बाद कपिल सांगवान ने अपने लगभग सभी पारिवारिक सदस्यों को भी लंदन बुला लिया है, जबकि दिल्ली और आसपास के इलाकों में उसके गिरोह की जमीनी कमान जेल की सलाखों में बंद उसका बड़ा भाई ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा संभाल रहा है।
होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई से अपराध की दुनिया में पहला कदम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कपिल सांगवान को करीब 12 साल पहले वर्ष 2014 के दौरान जुर्म के इस रास्ते पर कदम रखने की परिस्थितियां मिलीं। वर्ष 2014 से ठीक पहले उसने दिल्ली के विकासपुरी इलाके से अपनी 12वीं की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी की थी। इसके तुरंत बाद उसने आगे की पेशेवर पढ़ाई के उद्देश्य से हरियाणा के मानेसर स्थित एक होटल मैनेजमेंट कॉलेज में दाखिला ले लिया। हालांकि उच्च शिक्षा के इस सफर में उसकी रुचि केवल कुछ ही महीने टिक सकी और उसने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई बीच में ही अधूरी छोड़ दी। इसके बाद उसने अपराध की एक नई दुनिया में कदम रखा।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आधिकारिक डायरी में कपिल सांगवान का नाम सबसे पहली बार वर्ष 2014 में दर्ज किया गया था। शुरुआती मामलों में उस पर नरेश कुमार नामक व्यक्ति के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने और उसके बाद नरेश के भतीजे ललित से 30 लाख रुपये की मोटी रकम रंगदारी के रूप में मांगने का संगीन आरोप लगा था। इन दोनों ही गंभीर वारदातों के संबंध में दिल्ली के छावला पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ प्राथमिक प्राथमिकियों (एफआईआर) दर्ज की गई थीं। इसी वर्ष नवंबर 2014 में छावला इलाके में ही जानलेवा हमले की एक अन्य वारदात और हरियाणा के जींद जिले में डकैती के एक बड़े मामले में भी उसका नाम आधिकारिक रूप से सामने आया था।
जीजा की हत्या और प्रतिशोध की खौफनाक शुरुआत
वर्ष 2015 में कपिल सांगवान की जिंदगी में एक ऐसा भयानक मोड़ आया जिसने उसके रुख को हमेशा के लिए बदल दिया। इसी वर्ष उसके जीजा सुनील उर्फ डॉक्टर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। यह हत्या मुख्य रूप से पैसों के लेनदेन और पुराने कर्ज के विवाद को लेकर हुई थी, जिसमें विरोधी मंजीत महल गैंग के करीबी सदस्य नफे उर्फ मंत्री की सीधी भूमिका सामने आई थी। जिस समय यह घटना घटी, उस वक्त कपिल सांगवान का बड़ा भाई ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा पहले से ही जेल में सलाखों के पीछे बंद था।
जेल के अंदर से ही ज्योति बाबा ने अपने छोटे भाई कपिल सांगवान को अपने जीजा की हत्या का बदला किसी भी कीमत पर लेने का निर्देश दिया। भाई के उकसावे और परिवार में भड़की बदले की आग में जलते हुए कपिल सांगवान ने अपने साथियों को एकजुट किया। दिसंबर 2015 में उसने नफे के पिता हरिकिशन सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस हत्या को अंजाम देने के बाद कपिल सांगवान ने विरोधी गुट को सीधी चेतावनी देते हुए कहा था, "हम तुम्हें मारेंगे नहीं, खून के आंसू रुलाएंगे।"
'ट्रिगर-हैप्पी' की पहचान और रंगदारी का खौफनाक सिंडिकेट
हरिकिशन सिंह की हत्या के बाद कपिल सांगवान और मंजीत महल गैंग के बीच एक भयानक और लंबी गैंगवार की शुरुआत हो गई। इसके बाद कपिल ने साउथ वेस्ट दिल्ली के उद्योगपतियों, व्यापारियों और संपत्ति कारोबारियों को निशाना बनाकर रंगदारी वसूलने का एक सुनियोजित और खौफनाक नेटवर्क खड़ा किया। उसकी काम करने की शैली बेहद खतरनाक थी। वह सबसे पहले फोन पर टारगेट को सीधे जान से मारने की धमकी देता था। इसके तुरंत बाद इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से टारगेट के घर या दफ्तर पर अंधाधुंध फायरिंग करवाई जाती थी और अंत में करोड़ों रुपये की भारी रंगदारी वसूली जाती थी।
कपिल सांगवान के गुस्सैल बर्ताव, सनकी व्यवहार और बात-बात पर तुरंत गोलियां चलाने की आदत ने उसे पुलिस डायरी और आपराधिक गलियारों में 'ट्रिगर-हैप्पी' का नाम दिला दिया। धीरे-धीरे उसके खौफ ने पूरे साउथ वेस्ट दिल्ली के कारोबारी वर्ग को अपनी गिरफ्त में ले लिया और सांगवान गैंग का दायरा लगातार बढ़ता चला गया।
एनकाउंटर में पहली गिरफ्तारी, पेरोल पर फार्महाउस पार्टी और सनसनीखेज फरारी
वर्ष 2016 में राजस्थान पुलिस ने एक एनकाउंटर के बाद आखिरकार कपिल सांगवान को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद वह वर्ष 2016 से लेकर 2019 तक लगातार जेल की सलाखों के पीछे बंद रहा। वर्ष 2019 में जब उसे अदालत से पेरोल मिली, तो उसने जेल से बाहर आते ही नजफगढ़ के एक विशाल फार्महाउस में एक भव्य पार्टी का आयोजन किया। इस पार्टी में साउथ वेस्ट दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा से जुड़े कई बड़े और नामी अपराधियों को आमंत्रित किया गया था।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को जैसे ही इस संदिग्ध जमावड़े की गुप्त सूचना मिली, पुलिस टीम ने फार्महाउस पर छापेमारी कर दी। इस रेड के दौरान पुलिस ने मौके से 22 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन शातिर कपिल सांगवान पुलिस की घेराबंदी को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। पेरोल की अवधि समाप्त होने के बावजूद वह वापस जेल नहीं लौटा और कानून की नजरों से बचकर फरार हो गया।
फर्जी दस्तावेज, विदेश पलायन और लंदन से सिंडिकेट का संचालन
फरार रहने के दौरान वर्ष 2020 में उसने उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर अपना नया पासपोर्ट बनवाया। इसी जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके वह भारत से थाईलैंड भाग गया। थाईलैंड में कुछ समय रुकने के बाद वह संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई पहुंचा और वहां से अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का लाभ उठाकर ब्रिटेन चला गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कपिल का बड़ा भाई ज्योति बाबा और उसका एक प्रमुख गुर्गा धिरेन करिया भी जाली पासपोर्ट के जरिए विदेश भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण उनकी यह कोशिश नाकाम हो गई। लंदन पहुंचने के बाद कपिल सांगवान वहीं बस गया और उसने अपने पूरे परिवार को भी वहीं बुला लिया। आज वह ब्रिटेन की धरती से ही भारत में स्थित अपने शूटरों और जेल में बंद बड़े भाई ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा के माध्यम से अपना पूरा आपराधिक सिंडिकेट संचालित कर रहा है।
गैंगवार में घटीं चर्चित और सनसनीखेज हत्याएं
लंदन में बैठकर और भारत में अपने गुर्गों के जरिए संचालित कपिल सांगवान गैंग का नाम हाल के वर्षों में कई चर्चित और गंभीर हत्याकांडों से जुड़ा है
- मंजीत महल के पिता की हत्या (जनवरी 2017): नजफगढ़ के मित्रांव गांव में विरोधी गैंगस्टर मंजीत महल के पिता श्रीकृष्ण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को कपिल सांगवान और उसके भाई ज्योति उर्फ बाबा गैंग ने अपने जीजा की हत्या का बदला लेने के लिए अंजाम दिया था।
- बीजेपी नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या (अप्रैल 2023): नजफगढ़ इलाके में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के स्थानीय नेता सुरेंद्र कुमार सोलंकी उर्फ सुरेंद्र मटियाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की बाद की जांच में स्पष्ट हुआ कि इस हत्या के पीछे कपिल सांगवान गैंग का हाथ था, जो वर्चस्व की दुश्मनी से जुड़ा मामला था।
- इनेलो नेता नफे सिंह राठी हत्याकांड (फरवरी 2024): हरियाणा के बहादुरगढ़ में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी और पार्टी कार्यकर्ता जय किशन की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद कपिल सांगवान ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली थी और नफे सिंह राठी के मंजीत महल गैंग से नजदीकी संबंधों को हत्या का मुख्य कारण बताया था।
- बल्लू पहलवान की हत्या (जनवरी 2024): हरियाणा के फरीदाबाद में एक जिम के बाहर सुरजभान उर्फ बल्लू पहलवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में इस वारदात को भी कपिल सांगवान गैंग की पुरानी रंजिश और बदले की कार्रवाई से जोड़ा गया था।
- पंचकुला वारदात (दिसंबर 2024): हरियाणा के पंचकुला स्थित पिंजौर क्षेत्र में हुई एक अन्य खूनी वारदात में भी सांगवान गिरोह की संलिप्तता सामने आई थी, जिससे पता चलता है कि उसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है।



















