जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में हुई दो सनसनीखेज हत्याओं का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पहला मामला तूंगा थाना क्षेत्र में एक युवक के अपहरण और हत्या से जुड़ा हुआ है, जबकि दूसरा मामला धानक्या रेलवे फाटक के पास शव मिलने के बाद सामने आया, जिसे शुरुआत में रेल दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया गया था। दोनों ही मामलों में संबंधित थाना पुलिस ने गहन तकनीकी और मुखबिर सूचनाओं के आधार पर छानबीन की और आरोपियों को दबोच लिया।
तूंगा में लेनदेन के विवाद में अपहरण कर हत्या, तीन आरोपी पकड़े गए
जयपुर पूर्व जिले के तूंगा थाना इलाके में 15 सितंबर को एक युवक की हत्या का मामला सामने आया था। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि इस वारदात की मुख्य वजह धन का आपसी लेनदेन था। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने पहले युवक का अपहरण किया और फिर उसकी जान ले ली। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहे थे और कानून के शिकंजे से बचने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छिपते फिर रहे थे।
जयपुर पूर्व की डीसीपी रंजीता शर्मा (आईपीएस) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीमों ने आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी और आखिरकार तीन आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रोहित मीणा, मनीष मीणा और हीरालाल मीणा के रूप में हुई है। पुलिस अब इन तीनों से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में प्रयुक्त साधनों और घटनाक्रम की हर कड़ी को पूरी तरह से स्पष्ट किया जा सके।
धानक्या रेलवे फाटक पर शव बरामद, दुर्घटना का रूप देने की साजिश नाकाम
वहीं दूसरा मामला जयपुर पश्चिम के बिंदायका थाना इलाके से जुड़ा है। यहां धानक्या रेलवे फाटक के पास पटरियों पर एक युवक का शव मिला था। प्राथमिक तौर पर ऐसा दिखाने की पूरी कोशिश की गई थी कि यह सामान्य ट्रेन हादसा है। हालांकि, घटनास्थल की संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने केवल हादसे का रूप मानकर फाइल बंद करने के बजाय मामले की गहन और बारीक पड़ताल शुरू की। शव की पहचान श्रवण सिंह के रूप में की गई।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस को यह स्पष्ट संकेत मिले कि यह कोई इत्तेफाकिया हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर खेतड़ी निवासी भवानी सिंह को गिरफ्तार कर लिया। भवानी सिंह पर आरोप है कि उसने श्रवण सिंह की हत्या की और फिर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया ताकि देखने वालों और पुलिस को लगे कि युवक की जान किसी ट्रेन की चपेट में आने से गई है।
अवैध संबंधों के शक में पूछताछ, अलग-अलग कारणों से हुई थीं वारदातें
जयपुर पश्चिम के डीसीपी प्रशांत किरण ने इस दूसरे मामले का विवरण साझा करते हुए बताया कि आरोपी भवानी सिंह से बिंदायका थाना पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह गंभीर पहलू सामने आया है कि आरोपी के मृतक श्रवण सिंह की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे। पुलिस अब इस बिंदु को केंद्र में रखकर आगे की जांच कर रही है और अन्य सभी संभावित कोणों की भी तस्दीक की जा रही है।
जयपुर के दोनों थाना क्षेत्रों में सुलझाए गए ये दोनों मामले अपराध की अलग-अलग प्रवृत्तियों को उजागर करते हैं। जहां तूंगा क्षेत्र का मामला शुद्ध रूप से वित्तीय विवाद और पैसों के लेनदेन से उपजी रंजिश का परिणाम था, वहीं धानक्या रेलवे फाटक पर हुई वारदात के पीछे अवैध संबंधों का जाल और हत्या को दुर्घटना साबित करने की सोची-समझी साजिश शामिल थी। दोनों जिलों की पुलिस टीमें अब पकड़े गए चारों अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही हैं।


















