विशाखापत्तनम नेवल डॉकयार्ड में नौसैनिक पोत INS केसरी में घुसा पानी, राहत अभियान जारीसंवत 2083 में 12 लार्ज-कैप शेयरों में 49 प्रतिशत तक रिटर्न की उम्मीद, देखें अरिहंत कैपिटल की पसंदविपक्ष के नेता राहुल गांधी पर महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कसा तंज, लगाए कई तीखे आरोपसंतान की दीर्घायु का पर्व अहोई अष्टमी: पहली बार उपवास रख रहीं माताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश और समयउत्तर प्रदेश शिक्षक चयन आयोग ने सहायक अध्यापकों के लिए बढ़ाई आवेदन अवधि, पात्रता के नए नियम भी लागूपश्चिम एशिया में गहराया तनाव: तेहरान ने सैन्य बलों को दी खुली छूट, वॉशिंगटन ने कहा बातचीत में कोई जल्दबाजी नहींपश्चिम गारो हिल्स में 60 लाख रुपये की हेरोइन जब्त, असम के दो तस्कर गिरफ्तारबचे हुए भात से तैयार करें स्वादिष्ट और मसालेदार लौकी पुलावत्योहारी सीजन में बनाएं बिना मैदा और बिना ओवन वाला केसर पिस्ता चीजकेकबेंगलुरु महल विवाद के बीच वाईएस शर्मिला ने बदला बेटी अंजलि के विवाह का स्थान
फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज भेजकर 10 करोड़ रुपये उड़ाने वाला गिरोह पकड़ा गया, पांच गिरफ्तारअपराध
31 अक्तू॰ 2026, 8:00 pm (4 मिनट पहले)· 0

फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज भेजकर 10 करोड़ रुपये उड़ाने वाला गिरोह पकड़ा गया, पांच गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक चालान, डिलीवरी वेरिफिकेशन और रिवॉर्ड पॉइंट के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों के बैंक खातों से 10 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मोबाइल फोन पर ट्रैफिक चालान भुगतान के नाम पर आने वाले संदेशों के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। जब एक पीड़ित ने ऐसे ही एक मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक किया, तो उसके क्रेडिट कार्ड से 2 लाख 21 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस घटना के बाद 28 नवंबर 2025 को साइबर पुलिस स्टेशन में पहली प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच आगे बढ़ने पर यह साधारण धोखाधड़ी का मामला न रहकर एक व्यापक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क निकला, जिसके शिकार सैकड़ों आम नागरिक बन चुके थे।

जांच में हुआ 544 शिकायतों और 10 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा

साइबर थाने में मामला दर्ज होने के बाद जब जांच टीमों ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए, तो सामने आया कि ठगों ने आम लोगों को फंसाने के लिए करीब 3,300 फर्जी एसएमएस भेजे थे। जांच के दौरान पूरे देश से इस तरह के तौर-तरीकों से जुड़ी लगभग 544 औपचारिक शिकायतें सामने आईं। पुलिस के अनुसार, यह संगठित सिंडिकेट अब तक लोगों को कुल मिलाकर करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगा चुका है। जालसाज लोगों की जल्दबाजी और डिजिटल भुगतान की नियमित आदतों का गलत फायदा उठा रहे थे।

ये भी पढ़ें

मैसेज भेजने के लिए अपनाए गए कई तरह के झांसे

साइबर अपराधी अलग-अलग बहानों से लोगों के मोबाइल पर खतरनाक लिंक भेज रहे थे। प्राथमिक तरीका ट्रैफिक चालान का डर दिखाकर तत्काल निपटान का झांसा देना था। चालान के अलावा, पार्सल डिलीवरी वेरिफिकेशन और रिवॉर्ड पॉइंट्स हासिल करने जैसे आकर्षक संदेश भी लोगों को भेजे जा रहे थे। जब भी कोई नागरिक चालान के डर से या डिलीवरी की पुष्टि के लिए मैसेज में मौजूद लिंक पर टैप करता, उसके संवेदनशील वित्तीय विवरण चोरी हो जाते थे और बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड से पैसे साफ हो जाते थे।

‘विंगो कैश’ ऐप के जरिए ऑटोमैटिक एसएमएस ब्रॉडकास्ट का खेल

तकनीकी जांच के दौरान पता चला कि संदेश भेजने के लिए ‘विंगो कैश’ नाम के एक मोबाइल ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा था। जब कोई आम उपयोगकर्ता इस ऐप पर रिवॉर्ड रिडीम करने का प्रयास करता, तो सिस्टम उसके फोन का नियंत्रण बैकग्राउंड में हासिल कर लेता था। इसके बाद मात्र 30 सेकंड के भीतर उस उपभोक्ता के फोन से अपने आप 9 से 12 फर्जी एसएमएस अलग-अलग नंबरों पर भेज दिए जाते थे। इसके बदले संबंधित ऐप यूजर को प्रति गतिविधि केवल 1 से 3 रुपये का मामूली भुगतान किया जाता था। इस चालाकी से ठग अपने निजी नंबर उजागर किए बिना आम नागरिकों के नंबरों से ही फर्जी लिंक प्रसारित कर रहे थे।

कुवैत के बैंक और मुंबई की फर्म से जुड़े वित्तीय लेन-देन के तार

अपराध से कमाए गए पैसों की कड़ियों की पड़ताल करने पर वित्तीय लेनदेन का दायरा केवल घरेलू खातों तक सीमित नहीं मिला। जांच एजेंसियों ने पाया कि इस पूरी प्रक्रिया में कुवैत के एक नेशनल बैंक का नाम सामने आया है। इसके साथ ही, मुंबई स्थित श्री बालाजी एंटरप्राइजेज नामक एक व्यावसायिक इकाई के खाते से भारी मात्रा में लेन-देन किए जा रहे थे। विस्तृत पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के खाते का इस्तेमाल करते हुए महज तीन दिनों के भीतर 41 हजार से अधिक उपयोगकर्ताओं के बैंक खातों से ट्रांजेक्शन किए गए थे।

पांच मुख्य आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान जब्त

पुलिस ने इस व्यापक नेटवर्क के संचालन में शामिल पांच प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान मोती सिंह बघेला, हरशपाल, विक्की, विशाल दास वैष्णव और ब्रजेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी फर्जी बैंक खाते खुलवाने, कंपनियों के जाली दस्तावेज तैयार करने और अवैध धन के हस्तांतरण की प्रक्रिया का संचालन कर रहे थे।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से जांच अधिकारियों ने 15 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 59 डेबिट कार्ड, 52 पासबुक और चेकबुक बरामद की हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनियों की 14 मुहरें, 5 पीओएस मशीनें, 8 क्यूआर कोड स्कैनर, एक सोने की चेन और अपराध में इस्तेमाल की गई एक कार भी जब्त की गई है। इस कार्रवाई से 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की कार्यप्रणाली पूरी तरह उजागर हो गई है।

सवाल-जवाब

ट्रैफिक चालान के नाम पर ठगी का यह मामला कब दर्ज हुआ था?
एक पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से 2 लाख 21 हजार रुपये कटने के बाद 28 नवंबर 2025 को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इस साइबर गिरोह ने अब तक कितने लोगों को और कितने रुपये की चपत लगाई है?
पुलिस जांच में इस नेटवर्क से जुड़ी 544 शिकायतें सामने आई हैं और 10 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की बात पुष्ट हुई है।
आरोपियों ने फर्जी लिंक भेजने के लिए किस ऐप का इस्तेमाल किया था?
जालसाजों ने ‘विंगो कैश’ नामक ऐप का उपयोग किया, जो यूजर द्वारा रिवॉर्ड रिडीम करते ही 30 सेकंड में 9 से 12 एसएमएस खुद भेज देता था।
इस मामले में किन-किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मोती सिंह बघेला, हरशपाल, विक्की, विशाल दास वैष्णव और ब्रजेश कुमार को गिरफ्तार किया है।
वित्तीय जांच में किन बैंक खातों और कंपनियों के नाम सामने आए हैं?
जांच में कुवैत के एक नेशनल बैंक और मुंबई स्थित श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के खाते का पता चला, जिससे 41 हजार से अधिक खातों में लेनदेन हुआ था।
आरोपियों के पास से पुलिस ने क्या सामान बरामद किया है?
पुलिस ने 15 मोबाइल फोन, 59 डेबिट कार्ड, 52 पासबुक व चेकबुक, 14 मुहरें, 5 पीओएस मशीनें, 8 क्यूआर स्कैनर, सोने की चेन और एक कार जब्त की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp