राजस्थान के कोटा ग्रामीण अंतर्गत आने वाले बपावर थाना इलाके में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस घिनौने अपराध के बाद किशोरी की शारीरिक स्थिति बेहद बिगड़ गई, जिसके चलते उसे तुरंत कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका सघन उपचार चल रहा है और उसकी शारीरिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
परिचित के घर जाने के दौरान हुई वारदात
पीड़िता के परिजनों की ओर से साझा किए गए विवरण के अनुसार, 16 साल की यह किशोरी मेहंदी लगवाने के मकसद से अपने ही एक जानने वाले के घर पहुंची थी। वहां पहुंचने के बाद एक परिचित महिला उसे बहला-फुसलाकर किसी अन्य अज्ञात स्थान पर ले गई। आरोप है कि उस नए ठिकाने पर पहले से मौजूद दो युवकों ने नाबालिग को जबरन अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया और उसके साथ सामूहिक रूप से दुष्कर्म किया।
अस्पताल में किशोरी को चढ़ाई गई दो बोतल खून
इस क्रूरता के बाद नाबालिग की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिससे घबराए परिजन उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से होते हुए कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने किशोरी की अत्यधिक गंभीर और नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल आपातकालीन वार्ड में भर्ती कर लिया। पीड़िता के पिता ने जानकारी दी कि अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के चलते उपचार के दौरान डॉक्टरों को उनकी बेटी को दो बोतल खून चढ़ाना पड़ा है। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरा परिवार अपनी बेटी की जान और स्वास्थ्य को लेकर गहरे सदमे और चिंता में डूबा हुआ है।
पुलिस ने शुरू की आरोपियों की धरपकड़ और जांच
वारदात की सूचना मिलते ही बपावर थाना पुलिस सक्रिय हो गई और पूरे मामले की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारी घटनास्थल और घटनाक्रम से जुड़े तमाम लोगों से गहन पूछताछ कर रहे हैं ताकि पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके। जांच टीम इस बात की तहकीकात कर रही है कि किशोरी को दूसरी जगह ले जाने वाली महिला की क्या भूमिका थी और वह किन परिस्थितियों में उसे वहां ले गई थी।
परिजनों ने की सख्त सजा की मांग
पीड़िता के पिता ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी मासूम बेटी के साथ अक्षम्य अपराध हुआ है, इसलिए दोनों आरोपी युवकों समेत इस पूरे षड्यंत्र में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलाई जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सकों की मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कठोर कानूनी धाराएं जोड़कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



















