हरियाणा के गुरुग्राम में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा, सेवा ज्योति यात्रा के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक जीवन के ऐतिहासिक पड़ावों को रेखांकित किया। सेवा संकल्प अभियान के हिस्से के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सामान्य पृष्ठभूमि से आकर अपनी प्रशासनिक क्षमता, दूरदर्शी नेतृत्व और भारी जनसमर्थन के दम पर इतने लंबे समय तक शासन के शीर्ष पर बने रहना भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपने आप में एक असाधारण मिसाल है।
मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री पद तक का निरंतर सफर
संबोधन के दौरान अमित शाह ने जोर देकर कहा कि 7 अक्टूबर की तारीख भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में हमेशा एक विशेष और निर्णायक मोड़ के रूप में याद रखी जाएगी। गुजरात के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के समय से लेकर देश के प्रधानमंत्री पद तक, नरेंद्र मोदी ने बिना किसी ठहराव के निरंतर 25 वर्ष संवैधानिक और सार्वजनिक पदों पर रहकर बिताए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि लगातार ढाई दशकों तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष दायित्वों को संभालना अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड है, और जब भी देश का राजनीतिक इतिहास संकलित किया जाएगा, इन 25 वर्षों को स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।
प्रमुख राष्ट्रीय उपलब्धियां और ऐतिहासिक बदलाव
अमित शाह ने इस पच्चीस साल के दौर में देश भर में हुए बड़े बदलावों का सिलसिलेवार ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि इस कालखंड ने गरीबी उन्मूलन, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने, धारा 370 को निरस्त करने और नक्सलवाद के प्रभाव को खत्म करने जैसे कई ऐतिहासिक कदम देखे हैं। इसके साथ ही अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण, देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने और लगभग 25 करोड़ नागरिकों को गरीबी रेखा के दायरे से बाहर निकालने जैसे बुनियादी सामाजिक व ढांचागत कार्यों को उन्होंने इन 25 वर्षों की मुख्य उपलब्धियां बताया। उन्होंने इस पूरे सफर को भारत के कल्याण, गरीबों के उत्थान और देश के स्वाभिमान की यात्रा करार दिया।
देशभर के जिलों में सेवा ज्योति यात्रा और युवाओं की भागीदारी
इस ऐतिहासिक कार्यकाल को जन-जन तक ले जाने के लिए देश के प्रत्येक जिले में सेवा ज्योति यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। अमित शाह ने घोषणा की कि इस अभियान के तहत युवा विभिन्न शहरों के प्रमुख चौराहों पर एकत्र होकर सेवा की मशाल प्रज्वलित करेंगे। उन्होंने युवाओं से खास तौर पर अपील की कि वे इस पहल से बड़ी संख्या में जुड़ें और इसे व्यापक जनभागीदारी का एक सामाजिक उत्सव बनाएं, जिससे सेवा और समर्पण की भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा सके।



















