चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले उन विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है, जो किसी वजह से नीट परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। आयुष चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत योग और नेचुरोपैथी में प्रशिक्षित डॉक्टरों की जरूरत आज भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार महसूस की जा रही है। इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्थान, राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान (एनआईएन) ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (बीएनवाईएस) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आधिकारिक तौर पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर लिए हैं। यह संपूर्ण प्रोफेशनल डिग्री प्रोग्राम संस्थान के पुणे स्थित येवलेवाड़ी के निसर्गग्राम परिसर में संचालित किया जाएगा।
संस्थान की पृष्ठभूमि और केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्धता
राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान आयुष मंत्रालय का एक स्वायत्त निकाय है, जो आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च स्तरीय शिक्षा, प्रायोगिक प्रशिक्षण और वैज्ञानिक शोध के माध्यम से प्राकृतिक चिकित्सा और योग के प्रचार-प्रसार में जुटा है। इसके साथ ही यह केंद्र महात्मा गांधी के प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर रहे विचारों और जीवन दर्शन को भी आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। एनआईएन नई दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जो एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है, उससे संबद्धता हासिल करने वाला भारत सरकार का पहला ऐसा संस्थान बन चुका है जो बीएनवाईएस पाठ्यक्रम चला रहा है। इस व्यवस्था को देश में प्राकृतिक चिकित्सा और योग की औपचारिक एवं संस्थागत शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
पाठ्यक्रम का स्वरूप और कुल उपलब्ध सीटें
बीएनवाईएस कुल 5½ वर्ष की अवधि वाला एक पूर्णकालिक और आवासीय प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है। इस पूरे शैक्षणिक ढांचे को दो मुख्य भागों में बांटा गया है, जिसमें 4½ वर्ष का समय नियमित कक्षा अध्ययन और क्लिनिकल प्रशिक्षण के लिए तय है, जबकि उसके बाद 1 वर्ष की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप (सीआरआरआई) पूरी करनी होती है। इस प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को प्राकृतिक चिकित्सा और योग के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक क्लिनिकल अनुभव भी प्रदान किया जाता है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इस पाठ्यक्रम के तहत कुल 100 सीटें निर्धारित की गई हैं।
पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया
इस पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से 10+2 या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इंटरमीडिएट स्तर पर अभ्यर्थी के पास फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी विषय होने जरूरी हैं। इसके अलावा आवेदक को संस्थान द्वारा तय की गई निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और चिकित्सकीय फिटनेस की सभी शर्तों को भी पूरा करना होगा।
चयन प्रक्रिया में उन विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो नीट-यूजी 2026 की परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं। हालांकि, यदि इसके बाद भी सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो 10+2 परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी। समूची प्रवेश प्रक्रिया में नियमानुसार आरक्षण के सभी प्रावधान लागू रहेंगे।
पुणे स्थित निसर्गग्राम परिसर का बुनियादी ढांचा
राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान का मुख्य परिसर निसर्गग्राम कुल 25 एकड़ के विशाल भूभाग में फैला हुआ है। परिसर के भीतर 250 बिस्तरों की क्षमता वाला एक समर्पित प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल मौजूद है, जहां मरीजों का उपचार किया जाता है। इसके अलावा छात्रों के अध्ययन और शोध के लिए विशेष आधुनिक सुविधाएं, आवासीय छात्रावास, अत्याधुनिक योग हॉल और नेचुरोपैथी की विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। यह संपूर्ण ढांचा छात्रों को प्रायोगिक प्रशिक्षण, गहन शोध और व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं का समग्र अनुभव उपलब्ध कराता है।
दाखिले से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां
प्रवेश प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की शुरुआत 29 सितंबर 2026 से हो चुकी है। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तारीख 19 अक्टूबर 2026 को शाम 5:00 बजे तक तय की गई है। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को अनंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी, जबकि अंतिम मेरिट और प्रतीक्षा सूची 30 अक्टूबर 2026 को घोषित होगी। काउंसलिंग का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा, जिसमें पहला चरण 12-13 नवंबर 2026 को और दूसरा चरण 18-19 नवंबर 2026 को संपन्न होगा।



















