भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी आईटीबीपी के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव सामने आया है। वर्ष 1993 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय सिंघल ने 1 नवंबर 2026 को आईटीबीपी के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। वह वर्तमान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक पद पर भी कार्यरत हैं। आईटीबीपी के पूर्व महानिदेशक शत्रुजीत कपूर 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए थे, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संजय सिंघल को दी गई है।
नई दिल्ली स्थित आईटीबीपी मुख्यालय पहुंचने पर संजय सिंघल का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सम्मान गारद की सलामी ली और परेड का विधिवत निरीक्षण किया। इस गरिमामय अवसर पर आईटीबीपी के अपर महानिदेशक (मुख्यालय) संजय गुंज्याल सहित अर्धसैनिक बल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सिंघल को यह कमान ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर मिली है, जब सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, ऑपरेशनल तैयारियों की मजबूती और सुरक्षा बलों का आधुनिकीकरण बेहद अहम प्राथमिकताएं बनी हुई हैं। पुलिस प्रशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के क्षेत्र में उनके पास तीन दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है।
उत्तर प्रदेश कैडर और अंतरराष्ट्रीय अनुभव
संजय सिंघल का प्रशासनिक सफर उत्तर प्रदेश से गहराई से जुड़ा हुआ है। 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी के तौर पर उन्होंने यूपी पुलिस में कई चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभाई। राज्य में कानून-व्यवस्था की बहाली, पुलिस प्रशासनिक तंत्र के संचालन और सुरक्षा रणनीतियों में उनके इस जमीनी अनुभव ने उनके करियर को एक मजबूत आधार प्रदान किया।
राज्य में सेवा देने के अलावा उनके करियर का एक प्रमुख अध्याय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्ज रहा। मई 2002 से जून 2003 के दौरान उन्होंने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत अपनी सेवाएं दी थीं। इस वैश्विक मिशन के दौरान उनके असाधारण प्रदर्शन और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान में उन्हें प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक प्रदान किया गया था।
आईटीबीपी और बीएसएफ में पुराना प्रशासनिक जुड़ाव
संजय सिंघल के लिए आईटीबीपी की कार्यप्रणाली बिल्कुल नई नहीं है। इससे पहले भी वह इस अर्धसैनिक बल में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह आईटीबीपी में उप महानिरीक्षक सेक्टर मुख्यालय देहरादून के पद पर रहे और बाद में महानिरीक्षक के दायित्व का निर्वहन भी किया। अपने उस कार्यकाल में उन्होंने सीमा प्रबंधन, खुफिया सूचना तंत्र और ऑपरेशनल प्रबंधन से जुड़े जटिल दायित्वों को कुशलता से संभाला था।
इसके अलावा उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में विशेष महानिदेशक के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विभिन्न केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में लंबे समय तक सेवा देने के बाद वर्तमान में वह सशस्त्र सीमा बल के पूर्णकालिक महानिदेशक हैं और अब आईटीबीपी के नेतृत्व का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
विशिष्ट सेवाओं के लिए मिले कई बड़े पदक
संजय सिंघल के लंबे और निष्कलंक सेवाकाल के दौरान उन्हें उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान के लिए कई बड़े राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले हैं। उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए भारत के राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक भी प्रदान किया गया है। उनके सम्मानों की सूची में सेवा मेडल तथा कोसोवो शांति मिशन के दौरान प्राप्त संयुक्त राष्ट्र पदक भी शामिल हैं।
















