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सूरत में बकाया 10 हजार रुपये के विवाद में पूर्व मुनीम ने लगाई आग, 24 करोड़ रुपये का कपड़ा जलकर खाकअपराध
22 सित॰ 2026, 12:10 pm (27 मिनट पहले)· 0

सूरत में बकाया 10 हजार रुपये के विवाद में पूर्व मुनीम ने लगाई आग, 24 करोड़ रुपये का कपड़ा जलकर खाक

सूरत के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने 33 वर्षीय पूर्व मुनीम विनोद सावले को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने महज 10 हजार रुपये के बकाया वेतन और अपमान का बदला लेने के लिए दुकान में आग लगाई थी, जिससे 17 दुकानें जल गईं।

गुजरात के सूरत शहर में सरोली स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 9 सितंबर को लगी भीषण आग कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का नतीजा थी। इस अग्निकांड की जांच कर रही पुलिस ने सोमवार को एक पूर्व मुनीम को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 33 वर्षीय विनोद सावले के रूप में हुई है, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के धुले का रहने वाला है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने मालिक से बार-बार होने वाले अपमान और बकाया वेतन के 10 हजार रुपये न मिलने से बेहद नाराज था, जिसके चलते उसने इस भयानक वारदात को अंजाम दिया।

वेतन विवाद और अपमान के चलते रची गई साजिश

जांच में सामने आया है कि आरोपी विनोद सावले अप्रैल 2026 से कपड़ा व्यापारी हनुमान प्रसाद जावर की दुकान पर बतौर मुनीम काम कर रहा था। वहां उसका मासिक वेतन 30 हजार रुपये तय था। कुछ समय बाद उसने नौकरी छोड़ दी, लेकिन उसके हिसाब के 10 हजार रुपये मालिक के पास अटके रह गए थे। आरोपी का दावा है कि काम के दौरान जावर और एक अन्य अकाउंटेंट उसे लगातार परेशान करते थे और उसके काम पर सवाल उठाकर उसका अपमान करते थे। नौकरी छोड़ने के बाद जब उसने अपने बकाए पैसों की मांग की, तो उसे टालमटोल का सामना करना पड़ा। अपमान और बकाया रकम न मिलने के गुस्से में उसने अपने पूर्व मालिक को सबक सिखाने की ठान ली।

पेट्रोल खरीदकर रात में लगाई आग

योजना के मुताबिक सावले 8 सितंबर को एक फ्यूल स्टेशन पर पहुंचा और वहां से प्लास्टिक की थैली में पेट्रोल खरीदा। इसके बाद वह अपने पुराने मालिक की दुकान पर गया और वहां बाहर रखे सामान पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। उसका मकसद केवल अपने मालिक की दुकान को नुकसान पहुंचाना था, लेकिन कपड़ों और अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री की वजह से लपटें बेहद तेजी से विकराल हो गईं। देखते ही देखते आग ने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में चार बड़े कपड़ा व्यापारियों की कुल 17 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। अकेले हनुमान प्रसाद जावर को करीब 6 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हुआ, जबकि पूरे बाजार में कुल 24 करोड़ रुपये का कीमती कपड़ा जलकर नष्ट हो गया।

सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन ट्रैकिंग से पकड़ा गया आरोपी

अग्निकांड के तुरंत बाद सूरत पुलिस ने मामले की गहन पड़ताल शुरू की थी। घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ पुलिस ने संदिग्धों की लोकेशन ट्रैकिंग भी की। इस तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर मिली खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम विनोद सावले तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस के एडिशनल कमिश्नर (क्राइम) डॉ. करणराज वाघेला के अनुसार, फुटेज और साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ते हुए जांचकर्ताओं ने सावले की पहचान आगजनी करने वाले मुख्य संदिग्ध के रूप में की और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने पूरी साजिश की बात कबूल कर ली।

आगजनी और नुकसान पहुंचाने की धाराओं में केस दर्ज

सूरत पुलिस ने आरोपी विनोद सावले के खिलाफ आगजनी, आपराधिक साजिश और करोड़ों रुपये की निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने से जुड़ी विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। महज कुछ हजार रुपयों के आपसी विवाद और अपमान के बदले में पूरे कपड़ा बाजार को इस तरह राख के ढेर में बदल देने की इस घटना ने सूरत के व्यापारिक जगत को हिलाकर रख दिया है।

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सवाल-जवाब

सूरत के कपड़ा बाजार में आग कब और कहां लगी थी?
यह आग 9 सितंबर को सूरत के सरोली क्षेत्र में स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में लगी थी।
पुलिस ने आगजनी के आरोप में किसे गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने महाराष्ट्र के धुले निवासी 33 वर्षीय पूर्व मुनीम विनोद सावले को गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने दुकान में आग क्यों लगाई थी?
आरोपी ने नौकरी के दौरान हुए अपमान और 10 हजार रुपये का बकाया वेतन न मिलने के गुस्से में बदला लेने के लिए आग लगाई थी।
इस अग्निकांड में कुल कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?
इस आग में 17 दुकानें जल गईं और कुल 24 करोड़ रुपये का कपड़ा खाक हो गया, जिसमें अकेले पूर्व मालिक को करीब 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
पुलिस आरोपी तक कैसे पहुंची?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया।
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