कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में भारतीय मूल के मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे और एक रिहायशी मकान पर हुई फायरिंग की वारदातों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स ने दो युवकों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। इन दोनों आरोपियों को पिछले साल 1 नवंबर को सरे शहर से दबोचा गया था और तब से वे लगातार पुलिस हिरासत में बंद हैं। इस सनसनीखेज मामले की जांच में कई सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर काम किया है।
गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाएं
जांच अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों पर लापरवाही से हथियार चलाने के दो अलग-अलग मामलों में कुल दो-दो गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें से एक घटना कपिल शर्मा के मालिकाना हक वाले कप्स कैफे पर हुई थी, जो 16 अक्टूबर 2025 को सामने आई थी। गनीमत यह रही कि जिस समय प्रतिष्ठान पर गोलियां बरसाई गईं, उस वक्त दुकान बंद थी और अंदर मौजूद दोनों कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित बच गए। हालांकि इस हमले से स्थानीय कारोबारियों और समुदाय में भारी दहशत फैल गई थी।
महिला के घायल होने का मामला
इस गोलीबारी की घटना से ठीक चार दिन पहले यानी 12 अक्टूबर 2025 को 103ए एवेन्यू के 13000 ब्लॉक में स्थित एक घर को भी निशाना बनाया गया था। उस घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जब पुलिस ने दोनों वारदातों की कड़ियों को आपस में जोड़ा, तो आपसी कनेक्शन सामने आया। इसके बाद प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स ने इस पूरे मामले की कमान अपने हाथ में ले ली और सरे पुलिस सेवा तथा ब्रिटिश कोलंबिया की संयुक्त विशेष प्रवर्तन इकाई के साथ मिलकर दबिश दी।
एक साल से अधिक चली लंबी जांच
आरसीएमपी के वरिष्ठ अधिकारी चीफ सुपरिंटेंडेंट डंकन पाउंड ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि अदालत में आरोप तय करने से पहले एक साल से भी अधिक समय तक गहन जांच की गई। इस लंबी प्रक्रिया के दौरान कई तलाशी वारंट हासिल किए गए, न्यायिक स्वीकृतियां ली गईं और घटनास्थल से मिले डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन स्थानीय निवासियों की चिंताओं को भली-भांति समझता है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
जबरन वसूली गिरोहों पर शिकंजा
हालांकि पुलिस ने अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति में इन दोनों वारदातों के पीछे किसी खास फिरौती या जबरन वसूली की मांग का खुलकर जिक्र नहीं किया है, और न ही आरोपियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्टूबर 2025 के हमले से पहले भी इसी कैफे को दो बार गोलियों का निशाना बनाया जा चुका था और हमलावरों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। बढ़ते मामलों को देखते हुए ही ब्रिटिश कोलंबिया सरकार ने सितंबर 2025 में इस विशेष टास्क फोर्स का गठन किया था ताकि ऐसी हिंसक वारदातों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



















