क्रिप्टोकरेंसी बाजार में इस हफ्ते प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। एक तरफ जहां बाजार के सबसे बड़े टोकन बिटकॉइन, एथेरियम और एक्सआरपी वृहद आर्थिक दबावों और तकनीकी स्तरों के बीच संघर्ष करते नजर आए, वहीं दूसरी ओर चुनिंदा ऑल्टकॉइन्स और मीमकॉइन्स ने निवेशकों को जोरदार रिटर्न दिया है। इस कारोबारी सप्ताह में अकेडो, पेपे और पर्ल सबसे आगे निकलकर उभरे हैं। गेमिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस और प्राइवेसी आधारित प्रोजेक्ट्स में आए इस उछाल ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
अकेडो ने दर्ज की 25 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त
इस हफ्ते के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले टोकन्स में अकेडो सबसे आगे रहा, जिसने सात दिनों के भीतर 25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की। एआई संचालित गेम डेवलपमेंट से जुड़ा यह प्रोजेक्ट हाल के दिनों में काफी चर्चा में रहा है। बुधवार के दिन इस प्लेटफॉर्म पर एक बड़ा शेड्यूल्ड टोकन अनलॉक हुआ, जिसके तहत करीब 2.11 अरब AKE टोकन जारी किए गए। उस समय जारी किए गए इन टोकन्स का कुल बाजार मूल्य लगभग 63 मिलियन डॉलर आंका गया था। सामान्य तौर पर जब किसी टोकन की इतनी बड़ी आपूर्ति बाजार में आती है, तो बिकवाली के दबाव की आशंका रहती है। इसके विपरीत, अकेडो ने इस आपूर्ति को आसानी से खपा लिया और शुक्रवार को इसकी कीमत 16 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ 0.036 डॉलर पर पहुंच गई। हालांकि, कीमत में इस उछाल के बावजूद पिछले 24 घंटों में इसके ट्रेडिंग वॉल्यूम में 14.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो यह संकेत देती है कि हालिया तेजी के बाद कारोबारी गतिविधियों में थोड़ी सुस्ती आई है।
पेपे और पर्ल ने भी दिखाया अपना दम
मीमकॉइन स्पेस में लोकप्रिय पेपे टोकन ने भी अपने निवेशकों को निराश नहीं किया और हफ्ते के दौरान 21 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाई। बाजार में मीम टोकन्स को लेकर बने आकर्षण ने इसे मजबूती प्रदान की। वहीं दूसरी ओर पर्ल टोकन ने भी साप्ताहिक आधार पर 18 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर शीर्ष स्थान बनाए रखा, जबकि एक अन्य गणना में इसकी साप्ताहिक तेजी 12 प्रतिशत से ऊपर आंकी गई। पर्ल में आई इस मजबूती की मुख्य वजह कॉइनबेस की घोषणा रही। कॉइनबेस ने मंगलवार को पर्ल को अपने एसेट लिस्टिंग रोडमैप में शामिल किया था। एक्सचेंज पर संभावित लिस्टिंग की उम्मीद ने इसमें खरीदारी का रुख पैदा किया। हालांकि हफ्ते के अंत में शुक्रवार को इसमें मुनाफावसूली देखने को मिली और यह 24 घंटे में 7 प्रतिशत फिसलकर 2.01 डॉलर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
मीमकोर और क्रॉस-चेन विस्तार
मीम केंद्रित ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट मीमकोर ने भी इस हफ्ते 11 प्रतिशत की तेजी अपने नाम की। बाजार में मीमकॉइन्स के प्रति बढ़े रुझान का सीधा फायदा इस प्लेटफॉर्म को मिला। इसके साथ ही प्रोजेक्ट ने अपने तकनीकी नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए अहम कदम उठाए हैं। पिछले हफ्ते मीमकोर ने लेयरजीरो और स्टारगेट के साथ इंटीग्रेशन पूरा किया, जिससे इसकी क्रॉस-चेन क्षमताएं काफी बढ़ गई हैं। इस तकनीकी तालमेल के बाद अब उपयोगकर्ता M टोकन के साथ-साथ यूएसडीसी और यूएसडीटी को बीएनबी चेन और बेस नेटवर्क पर आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं। शुक्रवार के कारोबार में इन सकारात्मक घोषणाओं के बावजूद M टोकन में 24 घंटे के भीतर 0.3 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई।
प्राइवेसी टोकन्स में मनेरो और डैश की वापसी
इस हफ्ते क्रिप्टो बाजार में गोपनीयता पर केंद्रित टोकन्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। मनेरो ने 9.9 प्रतिशत की साप्ताहिक छलांग लगाई। गुरुवार को ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक आई तेजी के दम पर XMR टोकन 12 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर लगभग 650 डॉलर के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि शुक्रवार को इसमें हल्की मुनाफावसूली आई और यह 24 घंटे में 1.2 प्रतिशत नीचे आ गया। इसी श्रेणी के अन्य प्रमुख टोकन डैश ने भी पिछले सात दिनों में 9.8 प्रतिशत की बढ़त बनाई। डैश का प्रदर्शन शुक्रवार को भी मजबूत रहा और यह 24 घंटे में 6.5 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा था। इसी तरह जेडकैश ने भी पिछले 24 घंटों में 3.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर प्राइवेसी सेक्टर की इस रिकवरी को समर्थन दिया।
लाइटर और रेगुलेटरी मंजूरी की योजना
डिसेंट्रलाइज्ड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लाइटर ने हफ्ते के दौरान 7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। लाइटर की इस तेजी के पीछे अमेरिकी नियामकीय मंजूरी हासिल करने की योजनाएं हैं। प्रोजेक्ट के संस्थापक ने घोषणा की है कि वे नवंबर के महीने में कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी सीएफटीसी से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए औपचारिक आवेदन करेंगे। यदि इस एक्सचेंज को यह मंजूरी मिल जाती है, तो संस्थागत निवेशक सीधे इस डिसेंट्रलाइज्ड डेरिवेटिव्स प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे, जिससे इसके कारोबार में भारी उछाल आने की संभावना जताई जा रही है।
पंप डॉट फन और किमची टोकन को लेकर विवाद
सोलाना ब्लॉकचेन पर आधारित टोकन लॉन्चपैड पंप डॉट फन ने हफ्ते में 6.3 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। यह प्लेटफॉर्म अपने इकोसिस्टम को लगातार नया रूप दे रहा है। हालिया घटनाक्रमों में हाइपरलिक्विड पर परपेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग की शुरुआत शामिल है, जिससे प्लेटफॉर्म के लिए राजस्व जुटाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि शुक्रवार को PUMP टोकन में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की वजह क्रिप्टो ट्रेडर किमची से जुड़े एक नए टोकन को लेकर खड़ा हुआ विवाद रहा। पंप डॉट फन के सह-संस्थापक एलोन द्वारा किमची के टोकन को रीपोस्ट करने के बाद बाजार में अचानक दिलचस्पी बढ़ी और उस टोकन का मार्केट कैप तेजी से बढ़कर करीब 15 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। लेकिन कुछ ही पलों के भीतर वह टोकन 98 प्रतिशत क्रैश हो गया। इस भारी गिरावट और अनिश्चितता के चलते प्लेटफॉर्म पर निगरानी और सवाल बढ़ गए हैं।
वीचेन का रोडमैप और तकनीकी विकास
एंटरप्राइज ब्लॉकचेन समाधान प्रदान करने वाले वीचेन ने भी 5.5 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त के साथ शीर्ष सूची में अपनी जगह बनाई। वीचेन लगातार अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटा हुआ है। नेटवर्क द्वारा जारी किए गए 2026 के रोडमैप में कई बड़े तकनीकी अपग्रेड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े एप्लिकेशन्स को शामिल किया गया है, जिसका दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिटकॉइन, एथेरियम और रिपल का तकनीकी दायरा
शीर्ष क्रिप्टो संपत्तियों की बात करें तो बिटकॉइन शुक्रवार को कुछ दबाव में दिखा और यह 81,800 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था। पूरे हफ्ते बिटकॉइन पर हल्का दबाव बना रहा, हालांकि इसने अपने 80,000 डॉलर के अहम सपोर्ट स्तर को सफलतापूर्वक बचाए रखा। इस रक्षात्मक दायरे ने बाजार में तेजी के रुख को बनाए रखा है और यह 81,000 डॉलर से ऊपर टिका हुआ है। संस्थागत मांग के मोर्चे पर भी सुधार के संकेत मिले हैं, जहां गुरुवार तक स्पॉट ईटीएफ में 442.67 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। दूसरी तरफ एथेरियम भी संभलते हुए 2,400 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। रिपल की बात करें तो यह शुक्रवार को अपने 1.30 डॉलर के सपोर्ट स्तर के पास स्थिर दिखा और 1.32 डॉलर से ऊपर ट्रेड कर रहा था। रिपल के खरीदार अब इसे 1.40 डॉलर के शॉर्ट-टर्म लक्ष्य की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि ऊपरी स्तरों पर तकनीकी अवरोध बने हुए हैं। पाई नेटवर्क में भी शुक्रवार को 2 प्रतिशत का उछाल देखा गया, जबकि डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ती लॉन्ग लिक्विडेशन के चलते समग्र बाजार भावना तेजी से हटकर न्यूट्रल की ओर खिसक गई है।



















