वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक अनिश्चितता और तकनीकी शेयरों में आई तेज गिरावट के बीच क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्रमुख डिजिटल टोकन बिटकॉइन की चाल एक बार फिर वॉल स्ट्रीट के नैस्डैक सूचकांक के साथ कदमताल मिलाती दिख रही है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई के अनुमान से अधिक आंकड़े सामने आने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़ी कंपनियों सहित सेमीकंडक्टर क्षेत्र के शेयरों में बड़े पैमाने पर हुई बिकवाली ने टेक शेयरों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस व्यापक गिरावट का सीधा असर डिजिटल परिसंपत्ति बाजार पर भी दिखाई दे रहा है, जहां बिटकॉइन अपने अत्यंत संवेदनशील तकनीकी स्तर 82,500 डॉलर की रक्षा करने में जुटा हुआ है। यदि इस स्तर पर बिकवाली का दबाव बढ़ता है और यह आधार टूटता है, तो बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ने के साथ ही कीमतें सीधे 70,000 डॉलर के निचले दायरे तक फिसल सकती हैं।
नैस्डैक के साथ बिटकॉइन के संबंध में नया उभार
बाजार के ताजा रुझानों का विश्लेषण करने वाले शोध संस्थान के33 रिसर्च ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया कि पिछले सप्ताह के उतार-चढ़ाव के बाद बिटकॉइन ने टेक आधारित नैस्डैक के साथ अपनी सहसंबंधता यानी कोरिलेशन को फिर से हासिल कर लिया है। बीते सप्ताह सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में अचानक आई तेज बिकवाली और अमेरिका के गर्म महंगाई आंकड़ों की वजह से नैस्डैक ने 6 अप्रैल 2025 वाले सप्ताह के बाद का अपना सबसे निराशाजनक साप्ताहिक प्रदर्शन दर्ज किया। इसी दबाव का असर क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर भी पड़ा, जहां बिटकॉइन में बीते हफ्ते के दौरान लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही हाजिर बाजार में ट्रेडिंग भागीदारी भी सुस्त पड़ी है और औसत दैनिक स्पॉट ट्रेडिंग वॉल्यूम 1 प्रतिशत घटकर 2.5 अरब डॉलर पर आ गया है।
यदि पिछले दो सप्ताह के दायरे का विस्तार से विश्लेषण किया जाए, तो बिटकॉइन और नैस्डैक दोनों का रिटर्न करीब-करीब एक समान स्तर पर बैठा हुआ दिखता है। यह रुझान इस साल फरवरी से लेकर अगस्त के मध्य तक देखे गए उस दौर की वापसी की ओर इशारा करता है, जब बिटकॉइन और तकनीकी शेयर पूरी तरह एक दूसरे की चाल पर निर्भर होकर कारोबार कर रहे थे। कम भागीदारी और ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी के बावजूद शोधकर्ताओं का मानना है कि मौजूदा मूल्य स्तरों पर बिटकॉइन का मूल्यांकन काफी आकर्षक बना हुआ है। हालांकि, बाजार में कारोबारियों की सीमित सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में झटकेदार उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता का माहौल बने रहने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
डेरिवेटिव्स में बड़ा बदलाव और आईबीआईटी ऑप्शंस की चुनौती
क्रिप्टो बाजार में केवल हाजिर कीमतों में ही फेरबदल नहीं देखा जा रहा, बल्कि डेरिवेटिव्स और ऑप्शंस कारोबार के ढांचे में भी बुनियादी बदलाव आ रहे हैं। के33 ने अपने विश्लेषण में ब्लैकरॉक के आईशेयर्स बिटकॉइन ट्रस्ट यानी आईबीआईटी से जुड़े ऑप्शंस उत्पादों के बढ़ते प्रभुत्व पर विशेष ध्यान दिया है। पारंपरिक रूप से क्रिप्टो आधारित डेरिवेटिव्स के लिए प्रसिद्ध एक्सचेंज डेरिबिट को अब आईबीआईटी ऑप्शंस से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो संस्थागत निवेशकों के बीच सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभर रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक 2025 की तीसरी तिमाही के बाद से वैश्विक बाजार में बिटकॉइन ऑप्शंस का कुल ओपन इंटरेस्ट करीब 7,00,000 बीटीसी से 11,00,000 बीटीसी के बीच घूम रहा है। इस दौरान ओपन इंटरेस्ट में दर्ज की गई समूची बढ़ोतरी में अकेले आईबीआईटी का योगदान लगभग 60 प्रतिशत रहा है। आईबीआईटी ऑप्शंस की शुरुआत होने से पहले तक पूरे बाजार में डेरिबिट की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत के विशाल स्तर पर काबिज थी, लेकिन नए संस्थागत विकल्पों के आने के बाद डेरिबिट का बाजार हिस्सा गिरकर अब 43 प्रतिशत पर सिमट गया है। दूसरी तरफ आईबीआईटी का ऑप्शंस ओपन इंटरेस्ट बढ़कर 4,34,922 बीटीसी तक पहुंच गया है, जो इस फंड के प्रबंधन के तहत मौजूद कुल बिटकॉइन परिसंपत्तियों यानी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट का करीब 54 प्रतिशत हिस्सा बनता है। सामान्य तौर पर 54 प्रतिशत का यह अनुपात बहुत अधिक लग सकता है, लेकिन अन्य परिसंपत्तियों पर आधारित दुनिया के सबसे बड़े ईटीएफ के ऑप्शंस ओपन इंटरेस्ट की तुलना में यह अभी भी काफी संतुलित माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति
बिटकॉइन के आगामी मूल्य व्यवहार के लिए तकनीकी स्तरों का विश्लेषण करते हुए रिपोर्ट में 87,000 डॉलर के स्तर को एक निर्णायक ब्रेकआउट सीमा के रूप में चिन्हित किया गया है। दूसरी ओर, यदि बाजार नीचे की ओर फिसलते हुए 82,500 डॉलर के सपोर्ट को लगातार तोड़े रखता है, तो बिटकॉइन का रुख 70,000 डॉलर के निचले दायरे की ओर मुड़ सकता है। ट्रेडिंग फर्म विंटरम्यूट का इस संदर्भ में कहना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से यदि कोई नरम मौद्रिक रुख अपनाया जाता है और कंपनियों की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे मजबूत रहते हैं, तो बिटकॉइन को 87,000 डॉलर के स्तर से ऊपर निकलने में मदद मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी जारी रहती है और तकनीकी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का दौर लंबा खिंचता है, तो बिटकॉइन पर नीचे की ओर गहराने वाला दबाव और बढ़ सकता है।
ताजा कारोबारी सत्र के दौरान बिटकॉइन 82,600 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जिसमें बीते 24 घंटों के दौरान 0.8 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, इससे पहले बिटकॉइन 81,000 डॉलर से ठीक ऊपर ट्रेड करता हुआ बाजार में एक बेहद सुस्त और सतर्क माहौल को प्रदर्शित कर रहा था। निवेशक 28 अक्टूबर को आने वाले फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति फैसले को लेकर पहले से ही अत्यधिक सतर्कता बरत रहे हैं, जिससे जोखिम भरी संपत्तियों में नई पूंजी का प्रवाह धीमा बना हुआ है।
ऑल्टकॉइन बाजार में कमजोरी और टोकन वार स्थिति
बिटकॉइन में ठहराव और सीमित दायरे में जारी हलचल के बीच व्यापक ऑल्टकॉइन वर्ग में गिरावट की तीव्रता कहीं अधिक देखने को मिल रही है। विंटरम्यूट के आंकड़ों के अनुसार, व्यापक ऑल्टकॉइन बास्केट में सप्ताह के दौरान 5.69 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। करीब 14 दिन पहले अपने हालिया शिखर पर पहुंचने के बाद से ही ऑल्टकॉइन्स लगातार बिकवाली के दबाव में हैं और उनमें भारीपन साफ दिखाई दे रहा है। फर्म ने चेतावनी दी है कि यदि बिटकॉइन आने वाले समय में तेजी दिखाने में सफल भी होता है, तब भी ऑल्टकॉइन्स के लिए अपने पुराने स्तरों पर लौटना आसान नहीं होगा, जबकि समूचे बाजार में बिकवाली जारी रहने पर उन्हें और गहरे नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
व्यक्तिगत टोकनों की स्थिति देखें तो एथेरियम 2,400 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बना हुआ है। वहीं रिपल यानी एक्सआरपी भी कमजोर तकनीकी संरचना के दबाव में मंगलवार को 1.30 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा था। पाई नेटवर्क का पाई टोकन मंगलवार को लगभग 2 प्रतिशत टूटा, जिससे पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट और आगे बढ़ गई और यह अपने ऐतिहासिक निचले स्तर 0.0704 डॉलर की तरफ जाने के जोखिम में घिर गया है। पाई टोकन का सोशल डॉमिनेंस स्कोर भी गिरकर छह महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है, जो इस परियोजना में खुदरा निवेशकों की घटती सामाजिक दिलचस्पी को दर्शाता है। इसके अलावा नियर प्रोटोकॉल की कीमत भी मंगलवार को लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट में रही, जो उसके पिछले दिन के 2 प्रतिशत के नुकसान के समान है। हालांकि, नियर प्रोटोकॉल के लिए संस्थागत मांग में मजबूती बरकरार रही, जिसका प्रमाण बिटवाइज के नियर केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में सोमवार को दर्ज किया गया 50 लाख डॉलर से अधिक का ताजा निवेश है।



















