क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एथेरियम नेटवर्क पर वैलिडेटर्स और निवेशकों की भागीदारी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। तीसरी तिमाही के दौरान कुल 43.8 मिलियन ETH नेटवर्क के प्रूफ-ऑफ-स्टेक कॉन्ट्रैक्ट में लॉक दर्ज किए गए, जो इस डिजिटल परिसंपत्ति की कुल मौजूदा आपूर्ति का 35.9 प्रतिशत हिस्सा है। हालांकि, टोकन जमा करने की इस होड़ के बावजूद निवेशकों को मिलने वाले वार्षिक मुनाफे यानी यील्ड में लगातार संकुचन देखा जा रहा है। परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी बिटवाइज़ के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में ग्रॉस एनुअलाइज़्ड स्टेकिंग यील्ड गिरकर 2.63 प्रतिशत के स्तर पर फिसल गई है।
मुनाफे में संकुचन और स्टेकिंग पूल का प्रसार
स्टेकिंग में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए मिलने वाले रिटर्न में यह गिरावट अचानक नहीं आई है, बल्कि पूरे कैलेंडर वर्ष में यह रुझान बना रहा। चालू वर्ष की पहली तिमाही में यह वार्षिक ग्रॉस यील्ड 2.91 प्रतिशत पर दर्ज की गई थी, जो दूसरी तिमाही में कम होकर 2.81 प्रतिशत रह गई और तीसरी तिमाही में घटकर 2.63 प्रतिशत पर आ गई। इस मंदी के पीछे का मुख्य कारण प्रोटोकॉल का गणितीय मॉडल है। जब ज्यादा मात्रा में टोकन सत्यापन प्रक्रिया में लगाए जाते हैं, तो नेटवर्क द्वारा जारी किए जाने वाले तय पुरस्कार अधिक संख्या में मौजूद प्रतिभागियों में बंट जाते हैं।
बिटवाइज़ ने इस स्थिति का विश्लेषण करते हुए स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे अधिक मात्रा में ETH स्टेक होता है, रिवॉर्ड का वितरण एक बड़े समूह के बीच होने लगता है, जिससे प्रत्येक अलग टोकन पर मिलने वाला लाभ स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है। इसके अतिरिक्त, नेटवर्क निष्पादन से मिलने वाले इंसेंटिव जैसे ट्रांजैक्शन फीस और मैक्सिमल एक्सट्रैक्टेबल वैल्यू (MEV) में आई मंदी ने भी यील्ड को नीचे धकेलने में बड़ी भूमिका निभाई है।
कंसेंसस इंसेंटिव और एग्जीक्यूशन रेवेन्यू का असंतुलन
तीसरी तिमाही के दौरान प्राप्त 2.63 प्रतिशत के कुल रिटर्न का बड़ा हिस्सा केवल प्रोटोकॉल द्वारा नए कॉइन जारी किए जाने से आया। आंकड़ों के अनुसार, कंसेंसस रिवॉर्ड्स ने कुल यील्ड में 2.53 प्रतिशत अंक का योगदान दिया, जो पूरे स्टेकिंग मुनाफे का 96.3 प्रतिशत बैठता है। इसके विपरीत, यूजर्स द्वारा दी जाने वाली प्रायोरिटी फीस और आर्बिट्राज जैसी गतिविधियों से उत्पन्न MEV का योगदान बेहद कमजोर रहा, जिससे यील्ड में केवल 0.10 प्रतिशत अंक की ही बढ़ोतरी हो सकी।
ब्लॉकचेन के समग्र वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो तीसरी तिमाही में एथेरियम ने फीस और MEV के जरिए कुल 18,210 ETH का राजस्व अर्जित किया, जिसकी कुल कीमत लगभग 40.64 मिलियन डॉलर बैठती है। यदि दैनिक औसत की बात करें, तो नेटवर्क का हर दिन का राजस्व दूसरी तिमाही के 331 ETH से 40.2 प्रतिशत घटकर महज 198 ETH रह गया। दैनिक आमदनी का यह आंकड़ा वर्ष 2025 की पहली तिमाही के बाद का सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया है।
ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में मजबूती लेकिन गैस फीस में भारी कटौती
राजस्व में आई इस भारी कमी के बावजूद नेटवर्क पर यूजर्स की सक्रियता कमजोर नहीं पड़ी है। तीसरी तिमाही के दौरान एथेरियम ने कुल 199.32 मिलियन ट्रांजैक्शन निष्पादित किए। हालांकि यह आंकड़ा पिछली यानी दूसरी तिमाही के 203.85 मिलियन ट्रांजैक्शन की तुलना में मामूली रूप से कम है, परंतु पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में ऑन-चेन वॉल्यूम 35.3 प्रतिशत अधिक रहा। इसका मतलब है कि ब्लॉकचेन का उपयोग करने वालों की तादाद में लगातार इजाफा हो रहा है।
उपयोग बढ़ने के बावजूद रेवेन्यू घटने का मुख्य कारण ब्लॉकस्पेस की कीमतों में आई भारी गिरावट है। नेटवर्क पर होने वाले चार प्रमुख लेन-देन प्रकारों, जिनमें सामान्य ETH ट्रांसफर, ERC-20 टोकन ट्रांसफर, डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज ट्रेड और नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) सौदे शामिल हैं, की औसत लागत में सालाना आधार पर 67 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह खर्च 1.35 डॉलर से घटकर औसतन केवल 0.45 डॉलर रह गया। बिटवाइज़ का मानना है कि नेटवर्क की बढ़ी हुई क्षमता ने ब्लॉकस्पेस के लिए होने वाली प्रतिस्पर्धा को कम कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप अतिरिक्त लेन-देन भी नेटवर्क के लिए बड़ा मूल्य संग्रह करने में विफल रहे।
अन्य प्रूफ-ऑफ-स्टेक ब्लॉकचेन का हाल
स्टेकिंग रिटर्न में गिरावट की यह समस्या केवल एथेरियम तक सीमित नहीं रही, बल्कि अन्य प्रमुख प्रतिस्पर्धी लेयर-1 नेटवर्कों में भी यही रुझान देखा गया। सोलाना ब्लॉकचेन पर तीसरी तिमाही के अंत तक उसकी कुल आपूर्ति का 69 प्रतिशत हिस्सा स्टेक था, लेकिन वहां भी सकल वार्षिक यील्ड 6.38 प्रतिशत से घटकर 5.99 प्रतिशत पर आ गई। इसके साथ ही परिचालन लागत के बढ़ते दबाव के कारण सोलाना पर सक्रिय वैलिडेटर्स की संख्या 696 से घटकर 659 रह गई, जो एक साल पहले की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत कम है।
नियर प्रोटोकॉल के मंच पर 46 प्रतिशत टोकन स्टेकिंग अनुपात देखा गया, जहां वार्षिक यील्ड 4.87 प्रतिशत दर्ज हुई। इसी तरह विकेंद्रीकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म हाइपरलिक्विड पर 436 मिलियन HYPE टोकन स्टेक किए गए थे, जिन पर 2.24 प्रतिशत की सकल वार्षिक यील्ड उत्पन्न हो रही थी। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि संस्थागत पूंजी की आवक के साथ-साथ सभी प्रमुख नेटवर्कों में यील्ड संकुचन का दौर चल रहा है।
टोकनाइज्ड परिसंपत्तियों का प्रसार और रॉबिनहुड चेन की बढ़त
स्टेकिंग के पारंपरिक दायरे से अलग, वास्तविक दुनिया की वित्तीय परिसंपत्तियों के टोकनाइजेशन में तेज प्रगति देखी जा रही है। सोलाना पर टोकनाइज्ड इक्विटी का व्यापारिक वॉल्यूम 45 प्रतिशत की छलांग लगाकर 6.93 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। उधर हाइपरलिक्विड पर गैर-क्रिप्टो बाजारों ने परपेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग वॉल्यूम का 36.5 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया।
सबसे चौंकाने वाले आंकड़े रॉबिनहुड चेन से सामने आए, जहां जुलाई से सितंबर के बीच दैनिक स्टॉक-टोकन वॉल्यूम में 22 गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई। अपने संचालन की पहली ही तिमाही में इस नेटवर्क ने 50 मिलियन डॉलर से अधिक की फीस जुटाई, जो कि इसी अवधि में एथेरियम के मुख्य नेटवर्क द्वारा अर्जित कुल फीस से भी अधिक रही।
मैक्रो आर्थिक माहौल और व्यापक क्रिप्टो बाजार
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आ रहा है जब व्यापक डिजिटल परिसंपत्ति बाजार 28 अक्टूबर को होने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले की प्रतीक्षा कर रहा है। पिछले चौबीस घंटों में कुल क्रिप्टो बाजार 1.6 प्रतिशत की बढ़त पर कारोबार कर रहा है। मुख्य टोकन बिटकॉइन 81,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है, जबकि एथेरियम 2,400 डॉलर से नीचे के दायरे में स्थिर बना हुआ है।
अन्य परिसंपत्तियों में रिपल का XRP टोकन तकनीकी कमजोरी के कारण 1.30 डॉलर से नीचे दबाव में दिख रहा है। पाई नेटवर्क का टोकन 2 प्रतिशत फिसलकर 0.0704 डॉलर के अपने ऐतिहासिक निचले स्तर की ओर बढ़ रहा है, जिसका सोशल डोमिनेंस स्कोर छह महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गया है। वहीं नियर प्रोटोकॉल की कीमत भी 2 प्रतिशत नीचे आई है, हालांकि बिटवाइज़ के नियर-आधारित ETF में सोमवार को 5 मिलियन डॉलर से अधिक का ताजा संस्थागत निवेश दर्ज किया गया।



















