क्रिप्टो करेंसी जगत के इतिहास के सबसे बड़े साइबर हमले को लेकर वॉशिंगटन और प्योंगयांग के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है। उत्तर कोरिया ने उन अमेरिकी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस पर हुए 6.3 अरब डॉलर के भारी-भरकम हमले के पीछे उसका हाथ बताया गया था। प्योंगयांग की तरफ से इस पूरे मामले को एक सुनियोजित राजनीतिक उकसावा करार दिया गया है, जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
उत्तर कोरिया ने अमेरिकी आरोपों पर कड़ा ऐतराज जताया
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में किम यो-जोंग ने अमेरिकी सरकार के रुख की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन प्रशासन बाइनेंस हमले के बहाने उत्तर कोरिया को एक साइबर अपराधी देश के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहा है। बयान में दलील दी गई कि अमेरिकी प्रशासन दुनिया भर में होने वाले साइबर अपराधों के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराकर अंतरराष्ट्रीय जनमत को गुमराह कर रहा है।
किम यो-जोंग ने फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के उस दावे को भी स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि इस घटना में प्योंगयांग द्वारा समर्थित हैकिंग नेटवर्क शामिल था। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अपने देश के खिलाफ अमेरिका की दीर्घकालिक शत्रुतापूर्ण नीति का एक हिस्सा बताया और कहा कि इस तरह के बेबुनियाद आरोप केवल राजनीतिक दबाव बनाने के इरादे से मढ़े जा रहे हैं।
FBI ने ट्रेडरट्रेटर समूह को ठहराया जिम्मेदार
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने शुक्रवार को इस विशाल साइबर हमले के लिए उत्तर कोरिया को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार ठहराया था। जांच एजेंसी ने इस दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधि को ट्रेडरट्रेटर (TraderTraitor) नाम दिया। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तर कोरिया समर्थित एक हैकिंग समूह ने क्रिप्टो एक्सचेंज से 6 अरब डॉलर से अधिक की डिजिटल संपत्तियां चुराई हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब उत्तर कोरियाई समूहों पर इस प्रकार के आरोप लगे हैं। अमेरिकी एजेंसियां लंबे समय से यह दावा करती रही हैं कि विदेशी मुद्रा और फंडिंग जुटाने के लिए प्योंगयांग से जुड़े हैकर्स वैश्विक स्तर पर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाते रहे हैं। हालांकि, बाइनेंस पर हुआ यह हमला अपने दायरे और नुकसान के लिहाज से अब तक के सभी मामलों से कहीं बड़ा साबित हुआ है।
क्रिप्टो इतिहास का सबसे बड़ा हमला और हॉट वॉलेट्स से निकासी
बाइनेंस पर हुए इस हमले के दौरान कई ब्लॉकचेन नेटवर्क्स पर फैले एक्सचेंज से जुड़े वॉलेट्स से लगभग 6.3 अरब डॉलर की संपत्तियों को अचानक ट्रांसफर किया गया। शुरुआती तकनीकी जांच में एक्सचेंज के हॉट वॉलेट्स से असामान्य और संदिग्ध निकासी देखी गई। इस गड़बड़ी का पता चलते ही एक्सचेंज प्रबंधन ने संभावित सुरक्षा उल्लंघन की विस्तृत जांच शुरू कर दी।
खतरे को नियंत्रित करने और आगे के नुकसान को रोकने के लिए बाइनेंस ने तत्काल प्रभाव से निकासी पर अस्थायी रोक लगा दी थी, जबकि उसकी मुख्य सुरक्षा टीम घटना के तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण करने में जुटी थी। वित्तीय पैमाने पर देखा जाए तो यह घटना क्रिप्टो इतिहास का सबसे बड़ा हमला बन गई है, जिसने फरवरी 2025 में बायबिट पर हुए 1.5 अरब डॉलर के हमले को भी पीछे छोड़ दिया है।
स्थिर सिक्कों पर रोक और एक्सचेंज की भरपाई
घटना सामने आने के बाद उद्योग जगत की कई बड़ी कंपनियों ने चुराई गई संपत्तियों को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाए। टीथर और सर्कल ने संदिग्ध लेन-देन से जुड़े लगभग 2.3 अरब डॉलर मूल्य के स्टेबल कॉइन्स को फ्रीज कर दिया, जिससे अवैध फंड्स के आगे संचलन पर आंशिक रोक लग सकी। अन्य क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स ने भी चोरी की गई पूंजी को अलग-अलग खातों में खपाने के प्रयासों को सीमित करने के लिए कई सुरक्षात्मक उपाय लागू किए।
दूसरी तरफ, बाइनेंस ने यह पुष्टि की है कि उसने प्रभावित संपत्तियों की पूरी भरपाई कर ली है। एक्सचेंज ने उपयोगकर्ताओं का भरोसा बहाल करने के लिए एक नया जीरो-नॉलेज प्रूफ-ऑफ-रिजर्व्स स्नैपशॉट भी पूरा किया। इस ऑडिट तंत्र के जरिए उपयोगकर्ता स्वतंत्र रूप से यह जांच कर सकते हैं कि 10 समर्थित क्रिप्टो करेंसी में उनका जमा बैलेंस 1:1 के अनुपात में पूरी तरह सुरक्षित और समर्थित है। इन बचाव और सुधार के कदमों के बावजूद, इस घटना ने केंद्रीकृत क्रिप्टो एक्सचेंजों के सुरक्षा ढांचे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्रिप्टो बाजार पर दबाव, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और तकनीकी रुझान
बाइनेंस पर हुए 6 अरब डॉलर के हमले के ठीक एक सप्ताह बाद, क्रिप्टो बाजार पर अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की राजनीतिक हलचल का असर भी साफ देखा जा रहा है। ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस के चुनावों का असर न केवल राष्ट्रपति की पार्टी पर बल्कि बिटकॉइन पर भी नकारात्मक रहा है। सप्ताह के शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान बिटकॉइन (BTC) लगातार चौथे साप्ताहिक नुकसान के बाद गिरकर 78,000 डॉलर के नीचे चला गया था। संस्थागत निवेशकों की मांग में भी कमजोरी दिख रही है, जहां पिछले सप्ताह स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) से 202 मिलियन डॉलर से अधिक की निकासी दर्ज की गई।
बाजार की धारणा लगातार कमजोर बनी हुई है। हालांकि तकनीकी स्तर पर बिटकॉइन 100-दिवसीय EMA के समर्थन पर टिकने का प्रयास कर रहा है, जबकि एथेरियम 2,300 डॉलर के स्तर के करीब सुधार के संकेत दे रहा है, लेकिन इसके ऊपरी स्तर पर तकनीकी अड़चनें बनी हुई हैं। दूसरी ओर, पाई नेटवर्क ने एक दीर्घकालिक प्रतिरोध ट्रेंडलाइन को तोड़ते हुए बढ़त बनाई है। बाजार में निवेशकों के जोखिम उठाने की क्षमता घटने के कारण फियर एंड ग्रीड इंडेक्स पिछले सप्ताह के 43 से गिरकर 36 पर आ गया है।
ताजा कारोबारी सत्र के लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, बिटकॉइन (BTC-USD) 1.85% की गिरावट के साथ 76,798 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जबकि इसका पिछला बंद 78,248 डॉलर रहा था। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 35 के स्तर पर है और MACD -1256.84 पर नकारात्मक हिस्टोग्राम (-471.98) के साथ कमजोरी का संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय EMA 80,037 डॉलर और 50-दिवसीय EMA 80,164 डॉलर पर है, जबकि 200-दिवसीय EMA 76,306 डॉलर पर बना हुआ है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 82,248 डॉलर का समर्थन टूटने के बाद बिटकॉइन अल्पकालिक गिरावट के चैनल में बना हुआ है, जहां अगला प्रमुख समर्थन 76,000 डॉलर और प्रतिरोध 81,000 डॉलर के स्तर पर है।



















