माइकल सेलर के नेतृत्व वाली कंपनी स्ट्रैटेजी ने एक नए बिटकॉइन मोनेटाइज़ेशन प्रोग्राम की घोषणा की है, जिसके तहत कंपनी अपने परिचालन खर्चों को पूरा करने के लिए अपने BTC भंडार का एक हिस्सा बेच सकती है। इस योजना के अंतर्गत $1.25 अरब तक के बिटकॉइन बेचे जा सकते हैं और यह बिक्री बाजार की स्थितियों, पूंजी की जरूरत तथा अन्य रणनीतिक कारकों के आधार पर "समय-समय पर" होगी।
मोनेटाइज़ेशन प्रोग्राम से कंपनी को क्या मिलेगा?
नई योजना स्ट्रैटेजी को केवल बिटकॉइन खरीदने की पुरानी भूमिका तक सीमित नहीं रखती। अब कंपनी अपनी क्रिप्टोकरेंसी बेच सकती है, अपनी सिक्योरिटीज वापस खरीद सकती है और पर्याप्त तरलता बनाए रख सकती है। $1.25 अरब की यह सीमा अधिकतम है, लेकिन हर लेनदेन उस समय की बाजार परिस्थितियों और कंपनी की पूंजी स्थिति पर निर्भर करेगा।
MSTR शेयर में 14% की तेज वसूली
इस घोषणा से महीनों से घबराए हुए निवेशकों को राहत मिली। MSTR शेयर इस साल अब तक 40% गिर चुका था और BTC भी 30% से ज्यादा नीचे आ चुका है। स्ट्रैटेजी के सामान्य और प्रेफर्ड शेयर दोनों ही बिटकॉइन के साथ लुढ़क गए थे। इससे वह वित्तीय लाभ कमजोर पड़ गया, जो सेलर को वर्षों तक सिक्योरिटीज जारी करके उससे मिले पैसे से बड़े पैमाने पर बिटकॉइन खरीदने की सुविधा देता था। लेकिन घोषणा के दिन MSTR में 14% की जोरदार वसूली देखी गई।
2022 के बाद पहली बार बिकी बिटकॉइन
इस बदलाव की नींव जून की शुरुआत में ही रख दी गई थी, जब स्ट्रैटेजी ने खुलासा किया कि उसने 32 बिटकॉइन बेचे हैं। 2022 के बाद यह कंपनी की पहली BTC बिक्री थी। कंपनी के लगभग $51 अरब के बिटकॉइन भंडार के मुकाबले यह मात्रा बेहद कम थी, लेकिन इसका प्रतीकात्मक महत्व बड़ा था। सेलर ने वर्षों तक एक सरल सिद्धांत पर काम किया था: पूंजी जुटाओ, बिटकॉइन खरीदो और उसे मत बेचो। 2026 की क्रिप्टो बाजार की लगातार गिरावट ने इस पूरी सोच पर पुनर्विचार करने पर मजबूर कर दिया।
बिटकॉइन की कीमत यहां तक कैसे पहुंची?
अक्टूबर 2025 में बिटकॉइन $126,080 के शिखर पर पहुंचा था। उस समय कॉर्पोरेट ट्रेजरी की जोरदार खरीदारी और ETF में भारी प्रवाह ने इसे ऊपर धकेला था। लेकिन यह तेजी ज्यादा देर नहीं टिकी। बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक उच्च-जोखिम वाली संपत्तियों से किनारा करने लगे। अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद BTC में एक और बड़ी गिरावट आई। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा और गहरा असर स्ट्रैटेजी पर पड़ा, क्योंकि कंपनी की किस्मत बिटकॉइन की कीमतों से सीधे जुड़ी हुई है।













