क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जारी बिकवाली के बीच लोकप्रिय मीम टोकन डॉजकॉइन शुक्रवार को अपनी टूटी हुई आरोही ट्रेंडलाइन के बेहद करीब पहुंच गया है। चालू सप्ताह के दौरान इस डिजिटल टोकन की कीमतों में 11% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिसके बाद अब यह $0.0854 के आसपास कारोबार कर रहा है। बड़े निवेशकों यानी व्हेल्स द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और कमजोर होते मोमेंटम संकेतकों ने बाजार में गिरावट के रुख को और गहरा कर दिया है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह स्तर टूटता है, तो डॉजकॉइन में सुधार की रफ्तार और तेज हो सकती है तथा यह निचले स्तरों की ओर खिसक सकता है।
व्हेल वॉलेट्स से 10 करोड़ टोकनों की निकासी ने बढ़ाया दबाव
ऑन-चेन एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म सेंटिमेंट के सप्लाई डिस्ट्रीब्यूशन आंकड़ों से पता चलता है कि डॉजकॉइन के बड़े वॉलेट धारक अपनी हिस्सेदारी तेजी से घटा रहे हैं। 10 लाख से 1 करोड़ टोकन रखने वाले वॉलेट्स और 1 करोड़ से 10 करोड़ टोकन धारकों ने मंगलवार के बाद से बाजार में लगभग 10 करोड़ डीओजीई टोकन बेच दिए हैं। इस तरह की बड़े पैमाने पर बिकवाली यह संकेत देती है कि प्रमुख निवेशक मौजूदा कीमतों पर मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे बाजार में तात्कालिक सप्लाई बढ़ गई है। जब भी इस पैमाने पर टोकन खुले बाजार में आते हैं, तो यह मीम टोकन के लिए निकट अवधि में नकारात्मक दबाव पैदा करता है।
डेरिवेटिव बाजार में ट्रेडर्स का भरोसा अब भी कायम
हाजिर बाजार में कीमतों में लगातार आ रही गिरावट के विपरीत, डेरिवेटिव्स बाजार में कुछ सकारात्मक संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। कॉइनग्लास के लॉन्ग-टू-शॉर्ट अनुपात के आंकड़े शुक्रवार को 1.18 पर दर्ज किए गए, जो पिछले एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब है। जब भी यह अनुपात 1 से ऊपर रहता है, तो यह माना जाता है कि वायदा बाजार के ट्रेडर्स को अभी भी कीमतों में उछाल की उम्मीद है और वे तेजी की पोजीशन बना रहे हैं। हालांकि, हाजिर बाजार में व्हेल्स की बिकवाली और डेरिवेटिव्स की यह तेजी परस्पर विपरीत संकेत दे रही है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।
चार्ट पर अवरोध: एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज का मजबूत दायरा
तकनीकी चार्ट पर डॉजकॉइन के सामने ऊपर की ओर कई कड़े अवरोध खड़े हैं। पहला बड़ा प्रतिरोध $0.086 पर 100-दिवसीय ईएमए है, जिसके तुरंत बाद $0.088 पर 50-दिवसीय ईएमए तथा इसी स्तर पर एक क्षैतिज अवरोध मौजूद है। इसके अलावा, $0.093 पर 200-दिवसीय ईएमए एक और मजबूत छत के रूप में कार्य कर रहा है, जो किसी भी आकस्मिक तेजी को सीमित कर सकता है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, डॉजकॉइन इस समय डेथ क्रॉस (50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे आना) की स्थिति में है और अपनी 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड के निचले दायरे $0.0860 से भी नीचे फिसल चुका है, जो लंबी अवधि के मंदी के रुझान की पुष्टि करता है।
आरएसआई और एमएसीडी संकेतकों से मिले नकारात्मक संकेत
मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बाजार में कमजोरी की पुष्टि कर रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) इस समय 40 के आसपास कमजोर दायरे में झूल रहा है, जो खरीदारी के दबाव की भारी कमी को दर्शाता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) लाइन अपने सिग्नल स्तर और शून्य रेखा से नीचे बनी हुई है। एमएसीडी का हिस्टोग्राम नकारात्मक है और हल्का विस्तार दिखा रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि मंदड़िए यानी विक्रेता बाजार पर अपना पूरा नियंत्रण बनाए हुए हैं। इसके साथ ही 26 पर स्थित एडीएक्स इंडिकेटर यह संकेत देता है कि वर्तमान गिरावट का रुझान काफी मजबूत है।
प्रमुख सपोर्ट स्तर टूटने पर $0.070 तक फिसलने का खतरा
नीचे की ओर, डॉजकॉइन के लिए $0.084 का ट्रेंडलाइन स्तर सबसे तात्कालिक और महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। यदि दैनिक बंद भाव इस स्तर से नीचे फिसल जाता है, तो अगला संरचनात्मक सपोर्ट $0.078 और उसके बाद $0.070 पर खुलेगा, जो इसके 52-सप्ताह के निचले दायरे $0.0680 के करीब है। दूसरी ओर, तेजी का रुख चाहने वाले खरीदारों को बिकवाली के दबाव को कम करने के लिए सबसे पहले $0.086 और $0.088 के ईएमए क्लस्टर को पार करना होगा। बाजार में एक ठोस बदलाव तभी संभव माना जाएगा जब कीमत $0.093 के 200-दिवसीय ईएमए को पार कर $0.102 के प्रमुख प्रतिरोध स्तर की ओर बढ़े।
व्यापक क्रिप्टो बाजार और मैक्रोइकोनॉमिक रुझान
डॉजकॉइन में यह कमजोरी पूरे क्रिप्टो बाजार के सामान्य रुख से अलग नहीं है। बिटकॉइन, इथेरियम और रिपल भी शुक्रवार को भारी दबाव में रहे, क्योंकि इस सप्ताह इन टोकनों में क्रमशः 5%, 9% और 8% से अधिक की गिरावट आई है। बिटकॉइन $82,000 के नीचे आ गया है, जबकि इथेरियम $2,500 के नीचे लुढ़क गया है। क्रिप्टो बाजार में यह व्यापक बिकवाली कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल के बाद देखने को मिली है। अमेरिका में 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 24 साल के उच्चतम स्तर 5.35% पर पहुंच गई है, जबकि 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.70% को पार कर गई है, जिसके चलते जोखिम वाली संपत्तियों से पूंजी तेजी से बाहर निकली है। हालांकि, इस नकारात्मक माहौल के बीच स्टार्कनेट ने शुक्रवार को 16% की बढ़त हासिल की, जिससे अगस्त के मध्य से इसकी कुल रिकवरी लगभग 200% तक पहुंच गई है, जिसे स्टार्कवेयर के सीईओ एली बेन-सैसन द्वारा 2027 तक क्वांटम सुरक्षा हासिल करने के लिए लेयर-1 में बदलाव के प्रस्ताव से बल मिला है।
























