ब्रिक्स मंच एक बार फिर भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संवाद का जरिया बना। नई दिल्ली में सोमवार को भारत की अध्यक्षता में शुरू हुई दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच एक अहम मुलाकात हुई। दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में यह बातचीत एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
वांग यी से क्या बात हुई?
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि एनएसए अजीत डोभाल ने ब्रिक्स बैठक के मौके पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के पोलित ब्यूरो सदस्य एवं विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस बातचीत में दोनों पक्षों ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों की विस्तार से समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों ने रिश्तों के धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष जताया। अजीत डोभाल ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि स्थिर, भरोसेमंद और सकारात्मक द्विपक्षीय संबंध दोनों देशों के बीच विश्वास को मजबूत करने और आपसी समझ को गहरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि पूरी बातचीत रचनात्मक रही और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
ब्राजील के साथ भी बनी बात
इसी बैठक के दौरान एनएसए डोभाल ने ब्राजील के बहुपक्षीय और राजनीतिक मामलों के सचिव कार्लोस कोजेंडे के साथ भी बैठक की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने ब्रिक्स के ढांचे के अंतर्गत भारत और ब्राजील के बीच चल रहे सहयोग का स्वागत किया। इसके साथ ही भारत-ब्राजील द्विपक्षीय संबंधों की भी समग्र समीक्षा की गई।
ब्रिक्स बैठक का एजेंडा और उसके मायने
नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख एक साझा मंच पर आए हैं। बैठक का केंद्रीय विषय है कि आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां क्या हैं और उनसे कैसे निपटा जाए।
इस मंच पर अधिकारी तेजी से बदलती राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा कर रहे हैं। नई तकनीकों के उभरने के साथ जो नए सुरक्षा खतरे सामने आ रहे हैं, उन पर भी गहन चर्चा हो रही है। इसके अलावा, हाल ही में संपन्न हुई ब्रिक्स की आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सुरक्षित उपयोग से जुड़े संयुक्त कार्य समूह की बैठकों में जो निष्कर्ष निकले, उनकी भी इस मंच पर समीक्षा की जा रही है।













