उत्तर पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां देहरादून एक्सप्रेसवे के पास हाई वोल्टेज बिजली की चपेट में आने से 25 वर्षीय अज्ञात युवक की मौके पर ही जान चली गई। एक्सप्रेसवे के पिलर नंबर 52 के पास डिवाइडर पर यह दुर्घटना तब घटी जब युवक लोहे की सुरक्षा रेलिंग पार कर नीचे लगे इलेक्ट्रिक पैनल के संपर्क में आ गया। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए हैं। इस घटना ने बारिश के मौसम में सार्वजनिक सड़कों और बुनियादी ढांचों के आसपास खुले बिजली के तारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डिवाइडर पर बेहोश मिलने के बाद मचा हड़कंप
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे शास्त्री पार्क पुलिस स्टेशन को सूचना मिली थी कि देहरादून एक्सप्रेसवे के पिलर संख्या 52 के समीप स्थित डिवाइडर पर एक व्यक्ति बेसुध स्थिति में पड़ा हुआ है। कॉल मिलते ही स्थानीय पुलिस की एक विशेष टीम घटनास्थल पर रवाना की गई। मौके पर पहुंचे कर्मियों ने देखा कि युवक अचेत अवस्था में पड़ा था, जिसके बाद तुरंत पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। किसी भी सम्भावित वैज्ञानिक साक्ष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से क्राइम टीम और फॉरेंसिक जांच दल को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।
इलेक्ट्रिक पैनल पर पैर रखते ही लगा हाई वोल्टेज झटका
घटनास्थल पर मिली शुरुआती जानकारी के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 25 वर्ष के आसपास प्रतीत होती है। प्राथमिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि युवक ने सड़क पार करने के प्रयास में डिवाइडर पर बनी लगभग 6 फुट ऊंची लोहे की रेलिंग पर छलांग लगाई होगी। रेलिंग को पार करते समय उसका पैर पिलर नंबर 52 के ठीक बगल में स्थापित एक इलेक्ट्रिक पैनल पर पड़ गया। उस समय क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण नमी अधिक थी, जिससे इलेक्ट्रिक पैनल और उसमें लगे हाई वोल्टेज तारों से जोरदार करंट प्रवाहित हुआ और युवक उसकी चपेट में आ गया।
अस्पताल में मृत घोषित, बीएनएसएस धारा 194 में जांच दर्ज
बेहोशी की हालत में पड़े पीड़ित को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी जगप्रवेश चंद्र हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए शव को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल के शवगृह में स्थानांतरित कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल मृतक की शिनाख्त स्थापित करने के लिए आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान कर रही है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के अंतर्गत अप्राकृतिक मृत्यु की कार्यवाही शुरू की है और पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली में पहले भी सामने आ चुके हैं करंट से मौत के मामले
राजधानी में बिजली के खुले तारों और लापरवाही के कारण जान जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले मार्च के महीने में दिल्ली के कपासहेड़ा इलाके में भी निर्माण कार्य के दौरान एक दुखद दुर्घटना घटी थी। वहां एक निर्माणाधीन मकान में काम करते समय बांस का खंभा हाई टेंशन बिजली के तारों से छू गया था। इस हादसे में राजकुमार नाम का एक मजदूर करंट का जोरदार झटका लगने के बाद दूसरी मंजिल से नीचे पहली मंजिल पर आ गिरा था, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में मृत घोषित कर दिया था। उसी हादसे में उनके साथ काम कर रहा एक राजमिस्त्री भी हाई टेंशन तार के संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलस गया था।



















